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जेएनयू: वीडियो से नहीं हुई थी छेड़छाड़, निजी समाचार चैनल का वीडियो सही
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 11 Jun 2016 09:31 PM IST
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सीएफएसएल की आई जांच रिपोर्ट से हुआ खुलासा
- फोटो : विवेक निगम
देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने वाले आरोपियों पर और शिकंजा कस गया है। निजी समाचार चैनल की वीडियो जांच में सही पाई गई है। वीडियो के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। शुरू में इस वीडियो चैनल की सत्यता पर सवाल उठे थे। इसके बाद वीडियो को सीएफएसएल में जांच के लिए भेजा गया था। इसी समाचार चैनल की वीडियो पर जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने वाले आरोपियों के खिलाफ दक्षिण जिले के वसंत कुंज (नार्थ) थाने में देशद्रोह का मामला दर्ज हुआ था।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समाचार चैनल की वीडियो को लोधी कॉलोनी स्थित सीबीआई की सीएफएसएल में भेजा गया था। सीएफएसएल ने आठ जून को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वीडियो के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। इस वीडियो के आधार पर ही जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने वाले ज्यादातर आरोपियों की पहचान हुई थी। पुलिस ने जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया, अर्निबन भट्टाचार्य और उमर खालिद को गिरफ्तार किया था। हालांकि ये सभी जमानत पर बाहर हैं। विवादित कार्यक्रम के तूल पकड़ने के बाद मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सौंप दी गई थी।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने विवादित कार्यक्रम की जो पांच वीडियो गुजरात लैब में भेजी थीं, वे भी सही पाईं गई है। इन वीडियो के साथ भी कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी। इन वीडियो को उस समय कार्यक्रम को देख रहे लोगों ने अपने मोबाइल से बनाया था। दिल्ली पुलिस ने कन्हैया की आवाज के नमूने भी जांच के लिए भेजे हुए हैं। स्पेशल सेल की टीम आवाज के नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार रही है।
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दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समाचार चैनल की वीडियो को लोधी कॉलोनी स्थित सीबीआई की सीएफएसएल में भेजा गया था। सीएफएसएल ने आठ जून को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वीडियो के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। इस वीडियो के आधार पर ही जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने वाले ज्यादातर आरोपियों की पहचान हुई थी। पुलिस ने जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया, अर्निबन भट्टाचार्य और उमर खालिद को गिरफ्तार किया था। हालांकि ये सभी जमानत पर बाहर हैं। विवादित कार्यक्रम के तूल पकड़ने के बाद मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सौंप दी गई थी।
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इससे पहले दिल्ली पुलिस ने विवादित कार्यक्रम की जो पांच वीडियो गुजरात लैब में भेजी थीं, वे भी सही पाईं गई है। इन वीडियो के साथ भी कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी। इन वीडियो को उस समय कार्यक्रम को देख रहे लोगों ने अपने मोबाइल से बनाया था। दिल्ली पुलिस ने कन्हैया की आवाज के नमूने भी जांच के लिए भेजे हुए हैं। स्पेशल सेल की टीम आवाज के नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार रही है।
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