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नवाज की मुश्किलें और बढ़ीं, जेआईटी की 15 मामले फिर खोलने की सिफारिश
एजेंसी, इस्लामाबाद
Updated Mon, 17 Jul 2017 12:48 AM IST
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nawaz sharif
- फोटो : indian express
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भ्रष्टाचार के मामले में बुरी तरह घिरे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पनामा लीक मामले को लेकर शरीफ परिवार की लंदन की संपत्तियों की जांच कर रहे संयुक्त जांच दल (जेआईटी) ने नवाज के खिलाफ 15 मामलों को फिर से खोलने की सिफारिश की है। पाक अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
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यह हाई प्रोफाइल घोटाला शरीफ द्वारा नब्बे के दशक में की गई कथित मनी लांड्रिंग से जुड़ा है। तब वह दो बार पाक के पीएम रहे थे। आरोप है कि शरीफ ने लंदन में संपत्तियां खरीदी थीं। इन संपत्तियां का खुलासा पिछले साल पनामा पेपर लीक के बाद हुआ था। इन संपत्तियों को शरीफ के बच्चों के स्वामित्व वाली विदेशी कंपनियों के जरिए खरीदा गया था।
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छह सदस्यीय जेआईटी ने 10 जुलाई को पाक के सुप्रीम कोर्ट में अपनी फाइनल रिपोर्ट जमा कर दी है। इसमें कहा गया है कि शरीफ और उनके बच्चों की जीवन शैली उनके आय के ज्ञात स्रोतों से ज्यादा आलीशान है। इसलिए जेआईटी सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार का नए मामले दर्ज करने की सिफारिश करती है।
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हालांकि नवाज शरीफ ने रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे ‘आधारहीन आरोपों का पुलिंदा’ बताया है। अखबार ने रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि जेआईटी ने कोर्ट से 15 पुराने मामलों को फिर से खोले जाने को कहा है। इसमें पांच केस पर लाहौर हाईकोर्ट पहले ही फैसला सुना चुकी है जबकि आठ में पाक पीएम के खिलाफ जांच और दो में उनसे पूछताछ हुई है।
इन 15 केसों में तीन 1994 से 2011 के बीच के पीपीपी के कार्यकाल के हैं जबकि 12 मामले जनरल परवेज मुशर्रफ के समय के हैं जब उन्होंने शरीफ का तख्तापलट कर अक्टूबर 1999 में सत्ता कब्जा ली थी। शरीफ परिवार के लंदन में चार अपार्टमेंटों से जुड़ा मामला उन आठ जांचों में शामिल हैं जिन्हें दिसंबर 1999 में नेशनल एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) ने शुरू किया था।
इस साल 20 अप्रैल को पाक सुप्रीम कोर्ट ने जेआईटी को नवाज के लंदन में फ्लैट की मनी ट्रेल की जांच करने को कहा था। कुछ मामले गल्फ स्टील मिल की खरीददारी, कतर के पत्र, विदेशी कंपनियों और अन्य से जुड़े हैं।