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सालाना 60 लाख यात्री करेंगे जेवर एयरपोर्ट से यात्रा, 2050 तक 10 करोड़ पहुंच जाएगा आंकड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 26 Apr 2018 02:33 PM IST
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जेवर एयरपोर्ट
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ग्रेटर नोएडा के जेवर में एयरपोर्ट बनाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। जिसके बाद अब नोडल एजेंसी बिड डॉक्युमेंट तैयार करके जून में ग्लोबल टेंडर जारी करेगी। तीन महीने के अंदर इस टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा और अक्टूबर से इसपर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि साल 2023 में जब यह एयरपोर्ट शुरू होगा तो सालाना 60 लाख यात्री यहां से आवाजाही करेंगे। वहीं 2050 तक 10 करोड़ यात्री यहां से यात्रा कर सकेंगे।
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पीडब्ल्यूसी की विस्तृत रिपोर्ट में कहा गया है कि जेवर से यात्रा करने वाले 83 फीसदी लोग घरेलू यात्री जबकि बाकी के बचे हुए लोग अंतर्राष्ट्रीय यात्री होंगे। स्टडी के अनुसार जेवर के विकास में वार्षिक यात्रियों की संख्या में 2029-30 तक 1 करोड़ की बढ़ोत्तरी होगी और 2050 तक यह संख्या 10 करोड़ हो जाएगी। उड़ान के तहत जेवर एयरपोर्ट दिल्ली के छोटे शहरों को कनेक्ट करेगा। यूपी के आगरा और गौतम बुद्ध नगर जिले एयरपोर्ट में अहम योगदान देंगे। यूपी सरकार की तरफ से कहा गया है कि 2022-23 तक यह एयरपोर्ट 8 घरेलू और 6 अंतर्राष्ट्रीय गंतव्य स्थलों तक पहुंच जाएगा।
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साल 2050 तक जेवर 37 घरेलू और 31 गंतव्य स्थलों तक पहुंच जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस एयरपोर्ट के निर्माण कार्य को जल्दी से जल्दी पूरा करना चाहते हैं। यमुना अथॉरिटी के सीईओ डॉक्टर अरुणवीर सिंह का कहना है कि टेक्निकल इकनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट के अनुसार एयरपोर्ट की नींव रखने के 36 महीने में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। पहले एक रनवे और ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम तैयार कर उड़ान शुरू करने की योजना है। इसके बाद दूसरे रनवे और अन्य काम शुरू किया जाएंगे।
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