Parliament: जदयू सांसद बोले- मेरा सवाल भी दूसरे पूछते हैं, मुझे अपना पासवर्ड भी याद नहीं, स्पीकर ने लगाई फटकार
महुआ से संबंधित आचार समिति की रिपोर्ट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए सांसद गिरधारी लाल ने सरकार पर मनुस्मृति की तर्ज पर अलग-अलग व्यक्ति के लिए अलग-अलग सजा देने का आरोप लगाया। आचार समिति के सदस्य यादव ने कहा कि उन्होंने कभी अपने सवाल नहीं बनाए।
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लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को जिस अपराध में सजा मिली, उसी अपराध को जदयू सांसद गिरधारी लाल यादव ने स्पीकर ओम बिरला के सामने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि अब तक उनकी जगह पीए (निजी सहायक) और दूसरे लोगों ने सवाल पूछे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि उनकी संसद से जुड़ी आईडी का पासवर्ड भी उनके पीए के पास है। इस पर बिरला ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई और सदन की गरिमा का हवाला देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी।
महुआ से संबंधित आचार समिति की रिपोर्ट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए सांसद गिरधारी लाल ने सरकार पर मनुस्मृति की तर्ज पर अलग-अलग व्यक्ति के लिए अलग-अलग सजा देने का आरोप लगाया। आचार समिति के सदस्य यादव ने कहा कि उन्होंने कभी अपने सवाल नहीं बनाए। मेरे सवाल मेरा पीए और दूसरे लोग पूछते रहे हैं। इस बार डर से कोई सवाल नहीं डाला कि कहीं किसी मुसीबत में न फंस जाऊं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपना पासवर्ड याद नहीं है। पासवर्ड भी मेरे पीए के पास रहता है।
उम्र का दिया हवाला
सांसद यादव ने इसके लिए अपनी उम्र का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि वह तीन बार सांसद और चार बार विधायक रह चुके हैं। उम्र हो गई है। हमारे नेता लालू यादव कहते थे कि बूढ़ी गाय पोस नहीं मानती। अब इस बुढ़ापे में मैं सीख सकता हूं क्या?। सांसद ने कहा कि उनकी तरह कई सांसद अपना सवाल खुद नहीं बनाते। इसी आधार पर कार्रवाई कर हमें डराया गया है। जिसे कंप्यूटर चलाना आता ही नहीं, वह क्या करे? उन्होंने सवाल किया कि जिरह के लिए सांसद को तो बुला लिया, मगर कारोबारी को नहीं।
बिरला की दो टूक
सांसद गिरधारी लाल की स्वीकारोक्ति पर स्पीकर ओम बिरला बुरी तरह नाराज हो गए। बिरला ने कहा, आपने ऑन रिकॉर्ड कैमरे के सामने स्वीकार किया है कि आपका सवाल कोई और पूछता है। आपके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। मैं सदन की गरिमा पर आंच नहीं आने दूंगा। अपना सवाल खुद बनाकर डालें। सांसद के पासवर्ड का उपयोग कोई दूसरा नहीं कर सकता।
- मनीष तिवारी से कहा: न तो यह कोर्ट है न ही मैं जज
- कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी: आज सभी दलों ने व्हिप जारी किया है। इसलिए सदन स्थगित कर सभी व्हिप वापस किए जाएं।
- बिरला: आप संसद में बहस कर रहे हैं या कोर्ट में दलील दे रहे हैं?
- तिवारी: यह कोर्ट ही है।
- बिरला ने तिवारी को टोकते हुए कहा: न तो यह कोर्ट है और न ही मैं न्यायाधीश हूं। यह संसद है और यहां सभा निर्णय लेती है। आप देश को गलत संदेश नहीं दें कि यहां स्पीकर फैसला लेता है। यहां फैसले सभा लेती है।