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कॉल ड्रॉप समस्या पर जदयू सांसद ने प्रसाद को घेरा, कहा- बीएसएनएल मतलब 'भाई साहब नहीं लगेगा'

Thu, 05 Dec 2019 04:58 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 05 Dec 2019 04:58 AM IST
सार

  • जदयू सांसद राजीव रंजन सिंह ने किए आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद से सवाल
  • कहा- 50 बार लगाने पर लगता है और पांच सेकेंड में कट जाती है फोन कॉल
  • केंद्रीय मंत्री ने नई तकनीक के जरिये स्थिति में बदलाव लाने का दावा किया

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JDU MP rajiv ranjan singh asked questions to IT Minister Ravi Shankar Prasad on Call Drop issue
केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद - फोटो : ट्विटर

विस्तार

बीएसएनएल और एमटीएनएल सेवा में नेटवर्क और कॉल ड्रॉप पर बढ़ती समस्या पर मंगलवार को संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद को जदयू संसदीय दल के नेता राजीव रंजन सिंह की खरी-खरी सुननी पड़ी। सिंह ने कहा कि फोन न लगने और कॉल ड्रॉप की समस्या आम हो जाने के कारण बीएसएनएल का नाम 'भाई साहब नहीं लगेगा' हो गया है। सहयोगी दल की ओर से सरकार पर किए गए हमले को विपक्षी सदस्यों ने हाथों हाथ लिया।

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दरअसल प्रश्नकाल के दौरान प्रसाद बीएसएनल और एमटीएनएल में सुधारों की बात कर रहे थे। इसी दौरान पूरक प्रश्न के जरिये सिंह ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने कहा कि गांव और छोटे शहर तो छोड़िए देश की राजधानी में बीएसएनएल और एमटीएनएल अनुपयोगी हो गया है। आप खुद फोन लगा कर देखिये। पचास बार फोन लगाने पर पांच बार फोन लगता है। इसके बाद महज पांच सेंकेंड में फोन कट भी जाता है। इतना ही नहीं सिंह ने यह भी पूछा कि जब बीएसएनएल को सबसे पहले थ्री-जी तकनीक हासिल हुई मगर इसे लागू करने में इसी ने सबसे अधिक देरी की।

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करीब एक लाख लोगों ने मांगा वीआरएस : प्रसाद

प्रसाद ने नई तकनीक के जरिये एमटीएनएल-बीएसएनल के विलय के बाद स्थिति में बदलाव आने का दावा किया। उन्होंने कहा कि अब तक 92000 लोगों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) मांगी है। प्रसाद ने कहा कि खासतौर से राजधानी में मोबाइल टावर लगाने में जगह और अनुमति मिलने की बहुत अधिक परेशानी है।

'विकिरण का चिड़ियों पर असर नहीं'

प्रसाद ने दावा किया कि मोबाइल टावरों से निकलने वाले विकिरण से चिडियों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक एक भी अध्ययन में ऐसे तथ्य सामने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि टावर के लिए सरकार ने वैश्विक मापदंड से दस गुना कड़ा प्रावधान किया है। उल्लंघन करने वालों पर 20 करोड़ का जुर्माना लगाया है।

ओवैसी से हुई नोकझोंक

प्रसाद की इस दौरान एआईएमआईएम के सांसद असादुद्दीन ओवैसी से भी नोकझोंक हुई। दरअसल प्रसाद ने संसद भवन परिसर में मोबाइल टावर लगाने में हुई परेशानी की बात की तो ओवैसी ने कहा कि आप स्पीकर पर सवाल नहीं उठाईए। इस पर प्रसाद ने कहा कि वह संसद और स्पीकर की बहुत ज्यादा इज्जत करते हैं।

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