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NCP: 'सत्ता के लिए पार्टी के आदर्शों को कुचला गया', शरद गुट के नेता जयंत पाटिल का अजित पवार पर जुबानी हमला
Wed, 03 Jan 2024 03:06 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिरडी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिरडी
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Wed, 03 Jan 2024 03:06 PM IST
सार
शरद पवार गुट की एनसीपी के नेता जयंत पाटिल ने कहा कि हमें पार्टी के आदर्शों पर जोर देना होगा। साथ ही अजित पवार पर हमला करते हुए कहा कि सत्ता के लिए आदर्शों को कुचला गया है।
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शरद पवार और जयंत पाटिल(फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के शिरडी में शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दो दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जयंत पाटिल ने कहा कि पार्टी समाज सुधारकों छत्रपति शाहू महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले और भीमराव अंबेडकर के आदर्शों पर मजबूती से खड़ी हुई हैं। इन्हीं आदर्शों के आधार पर पार्टी का निर्माण हुआ था। जयंत पाटिल ने अजीत पवार के नेतृत्व वाले गुट पर हमला बोलते हुए कहा कि जब हम सत्ता में थे तो हमने आदर्शों पर ध्यान केंद्रित करने के विचार पर बहुत कम जोर दिया। यही वजह है कि कुछ लोग बिना इस पर विचार किए अलग-अलग सिद्धांतों की ओर आकर्षित हो गए हैं।
पार्टी कार्यकर्ताओं को लड़नी होगी वैचारिक लड़ाई- जयंत
अपने संबोधन में जयंत पाटिल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से इस वैचारिक लड़ाई को लड़ने का आग्रह किया हैं। गौरतलब है कि 1999 में शरद पवार द्वारा स्थापित एनसीपी के गठन के बाद से 2014 तक महाराष्ट्र में सत्ता में थी। पांच साल के अंतराल के बाद एनसीपी 2019 में फिर से राज्य सरकार का हिस्सा बन गई और जून 2022 में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार का नेतृत्व उद्धव ठाकरे ने किया। बता दें एनसीपी पिछले साल जुलाई में दो गुटों में बंट गई थी, जब पार्टी के एक वरिष्ठ नेता अजित पवार और आठ अन्य विधायक एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए थे, जिसका भाजपा भी एक हिस्सा हैं।
संजय राउत ने अजित पवार पर साधा था हमला
सोमवार को शिवसेना (यूबीटी) संजय राउत ने अजित पवार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन लोगों ने गुलामी को स्वीकार किया है, उन्हें महा विकास अघाड़ी (एमवीए) नेताओं पर टिप्पणी करने का कोई अधिकारी नहीं हैं। संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र का लगातार अपमान हो रहा है, लेकिन सत्ता में बैठें लोग चुप्पी साधे हुए हैं। इसी बीच, शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के सहयोगियों के बीच कोई खींचतान नहीं है।
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पार्टी कार्यकर्ताओं को लड़नी होगी वैचारिक लड़ाई- जयंत
अपने संबोधन में जयंत पाटिल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से इस वैचारिक लड़ाई को लड़ने का आग्रह किया हैं। गौरतलब है कि 1999 में शरद पवार द्वारा स्थापित एनसीपी के गठन के बाद से 2014 तक महाराष्ट्र में सत्ता में थी। पांच साल के अंतराल के बाद एनसीपी 2019 में फिर से राज्य सरकार का हिस्सा बन गई और जून 2022 में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार का नेतृत्व उद्धव ठाकरे ने किया। बता दें एनसीपी पिछले साल जुलाई में दो गुटों में बंट गई थी, जब पार्टी के एक वरिष्ठ नेता अजित पवार और आठ अन्य विधायक एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए थे, जिसका भाजपा भी एक हिस्सा हैं।
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संजय राउत ने अजित पवार पर साधा था हमला
सोमवार को शिवसेना (यूबीटी) संजय राउत ने अजित पवार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन लोगों ने गुलामी को स्वीकार किया है, उन्हें महा विकास अघाड़ी (एमवीए) नेताओं पर टिप्पणी करने का कोई अधिकारी नहीं हैं। संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र का लगातार अपमान हो रहा है, लेकिन सत्ता में बैठें लोग चुप्पी साधे हुए हैं। इसी बीच, शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के सहयोगियों के बीच कोई खींचतान नहीं है।
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