जयललिता के निधन के बाद मृतकों की संख्या 470 हुई
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के आकस्मिक निधन के बाद राज्य में सदमे से अब तक 470 लोगों की जान जा चुकी है। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) ने रविवार को 190 नये मृतकों की सूची जारी की।
जयललिता के पांच दिसंबर के निधन के बाद मृतकों की संख्या इसके बाद बढ़कर 470 हो गयी। पार्टी ने सभी मृतकों के परिजनों के लिए तीन तीन लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। इसके अलावा छह लोगों ने आत्महत्या की कोशिश की है जिनमें से चार का जिक्र पार्टी ने बयान में दिया है। पार्टी ने इनके इलाज के लिए प्रत्येक को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है।
पन्नीरसेल्वम के बाद तंबीदुरई ने किया शशिकला का समर्थन
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम के बाद अब ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के एक अन्य वरिष्ठ नेता एम तंबीदुरई ने भी पार्टी के महासचिव पद के लिए वी के शशिकला का समर्थन किया है।
लोकसभा के उपाध्यक्ष तंबीदुरई ने कहा कि शशिकला पहले भी जयललिता को पार्टी के मामलों तथा सरकार चलाने में सलाह दिया करती थीं। ऐसे समय में जब अम्मा हमारे बीच नहीं हैं, चिनम्मा एकमात्र ऐसी व्यक्ति हैं जिनके पास पार्टी का नेतृत्व करने का अनुभव और क्षमता है।
वह अम्मा के साथ 35 साल से जुड़ी हुई हैं और उन्होंने कई बलिदान दिये हैं। जब राजनीतिक बदले की भावना से चिनम्मा के खिलाफ मामला दर्ज हुआ तब वह जेल भी गयी थीं। उन्होंने ऐसे संघर्ष के मौकों पर अम्मा का बचाव किया।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान या ऐसे भी हम जब भी सलाह के लिए अम्मा के पास जाते थे, वह शशिकला से मिलने के लिए कहती थीं। शशिकला हमेशा सही रास्ता दिखाती थी। उन्होंने कहा कि इसके सिवाय कोई दूसरा विकल्प हीं है और यदि कोई ऐसा सोचता है तो वह एआईएडीएमके का सच्चा सदस्य नहीं है।