Bday Spcl: अपने हर फैसले में बेबाक रहीं जयललिता, उनसे जुड़े 11 किस्से
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जयललिता बेशक फिल्मी पर्दे और सियासत की बुलंदियों पर पहुंचीं। उन्हें जनता ने इतना सम्मान दिया कि उन्हें मां शब्द यानी 'अम्मा' से संबोधित किया। लेकिन उनके साथ एक ऐसा वाकया भी घटा जिसे वह कभी नहीं भूल पाईं। उस वाकये के दौरान उन्हें खुद की तुलना 'महाभारत की द्रौपदी' से करनी पड़ी। जयललिता जब सूबे में नेता प्रतिपक्ष थीं तब एक बार विधानसभा में उनके साथ इंसानियत शर्मसार करने वाली घटना घटी। उनके साथ डीएमके विधायकों ने छेड़खानी की और उनके कपड़े फाड़ दिए। वे फटी हुई साड़ी में मीडिया के सामने आईं और खुद के साथ हुई वारदात की तुलना महाभारत की द्रौपदी के चीरहरण से की। इसके बाद उन्हें जनता की खूब सहानुभूति मिली थी।
मीडिया रिपोर्टों पर यकीन करें तो जयललिता ऐसी मुख्यमंत्री रहीं जिन्होंने महज एक रुपये की सैलरी पर काम किया। राजनीति में जयललिता की पहचान अपने कड़े और बेबाक निर्णयों के कारण रही। चाहे वो 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार से एक झटके में समर्थन वापस लेना हो या आधी रात को डीएमके के प्रमुख करुणानिधि को उनके घर से घसीटकर जेल भिजवाना हो।
दोबारा सत्ता में आने के बाद उन्होंने लॉटरी टिकट पर पाबंदी लगा दी थी। उन्होंने दो लाख हड़ताली कर्मचारियों को एक साथ नौकरी से निकाल दिया था। यही नहीं, उन्होंने किसानों की मुफ्त बिजली पर रोक लगाई, राशन की दुकानों पर मिलने वाले चावल के दाम बढ़ाए। जयललिता ने 5000 रुपये से ज्यादा आय वाले लोगों के राशन कार्ड खारिज करवा दिए थे।