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कश्मीर आने जाने के लिए हवाई सेवा का इस्तेमाल करेंगे जवान, गृह मंत्रालय ने दी मंजूरी
Fri, 22 Feb 2019 05:53 AM IST
गौरव द्विवेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Fri, 22 Feb 2019 05:53 AM IST
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indian army
- फोटो : बासित जरगर
घाटी में तैनात अर्धसैनिक बलों के जवान अब वहां आने जाने के लिए हवाई रूट का इस्तेमाल कर सकेंगे। पुलवामा आतंकी हमले के बाद घाटी में जवानों की सुरक्षा के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। काउंसटेबुल, हेड काउंसटेबुल और असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर स्तर के जवान का दिल्ली-श्रीनगर, श्रीनगर दिल्ली, जम्मू-श्रीनगर और श्रीनगर-जम्मू रूट पर व्यवसायिक सेवा से हवाई यात्रा का खर्च गृहमंत्रालय वहन करेगा।
इन स्तर केजवानों को अबतक यह सुविधा नहीं थी। इससे 780000 जवानों को फायदा होगा। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने घाटी में जवानों की सुरक्षा की समीक्षा केबाद बृहस्पतिवार को इसकी मंजूरी दे दी। मंत्रालय के मुताबिक इस सुविधा के साथ जवानों और अधिकारियों केलिए जम्मू-श्रीनगर-जम्मू का हवाई कुरियर सेवा पहले की तरह जारी रहेगा। अगर जरुरत पड़ी तो जवानों की बड़ी टुकड़ी के आवाजाही के लिए वायुसेना के ट्रांसपोर्ट सर्विस का इस्तेमाल भी किया जाएगा।
गृहमंत्रालय के मुताबिक जवान छुट्टी पर जाने और छुट्टी के बाद घाटी में ड्यूटी पर वापस आने के लिए इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे। मंत्रालय ने बताया कि इस सुविधा से जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। साथ ही सफर का समय में भी भारी कटौती होगी। खुफिया सूचना है कि आतंकवादी सफर कर रहे जवानों की पहचान कर उन्हें निशाना बना सकते हैं।
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इन स्तर केजवानों को अबतक यह सुविधा नहीं थी। इससे 780000 जवानों को फायदा होगा। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने घाटी में जवानों की सुरक्षा की समीक्षा केबाद बृहस्पतिवार को इसकी मंजूरी दे दी। मंत्रालय के मुताबिक इस सुविधा के साथ जवानों और अधिकारियों केलिए जम्मू-श्रीनगर-जम्मू का हवाई कुरियर सेवा पहले की तरह जारी रहेगा। अगर जरुरत पड़ी तो जवानों की बड़ी टुकड़ी के आवाजाही के लिए वायुसेना के ट्रांसपोर्ट सर्विस का इस्तेमाल भी किया जाएगा।
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गृहमंत्रालय के मुताबिक जवान छुट्टी पर जाने और छुट्टी के बाद घाटी में ड्यूटी पर वापस आने के लिए इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे। मंत्रालय ने बताया कि इस सुविधा से जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। साथ ही सफर का समय में भी भारी कटौती होगी। खुफिया सूचना है कि आतंकवादी सफर कर रहे जवानों की पहचान कर उन्हें निशाना बना सकते हैं।
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