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China: ड्रैगन की विस्तारवादी नीति के खिलाफ भारत के साथ आया जापान, कहा- मुकाबले की तैयारी करें

Tue, 11 Apr 2023 08:53 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Tue, 11 Apr 2023 08:53 PM IST
सार

हडसन इंस्टीट्यूट के फैलो सटोरू नागाओ ने कहा कि पड़ोसियों के साथ बीजिंग का लगातार सीमा विवाद काफी खतरनाक है। चीन सोचता है कि यह उनका क्षेत्र है, इसलिए उसे नाम बदलने का अधिकार है। इससे समझ आता है कि चीन विस्तारवादी नीति अपनाता है। यह बहुत खतरनाक है।

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Japan with India with China expansionist policy said- ready to fight against the country
फैलो सटोरू नागाओ - फोटो : Social Media

विस्तार

चीन सीमा विवाद के बीच जापान के एक जानकार ने भारत का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि चीन विस्तारवादी नीति अपनाता है। इसलिए, भारत को चीन के क्षेत्रीय दावों का मुकाबला करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उनकी यह टिप्पणी ऐसे वक्त आई है, जब चीन ने भारतीय क्षेत्र पर भी दावा किया है। चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 11 स्थानों के नाम बदलने की घोषणा की है। 

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विस्तारवादी नीति अपनाता है चीन
हडसन इंस्टीट्यूट के फैलो सटोरू नागाओ ने कहा कि पड़ोसियों के साथ बीजिंग का लगातार सीमा विवाद काफी खतरनाक है। चीन सोचता है कि यह उनका क्षेत्र है, इसलिए उसे नाम बदलने का अधिकार है। इससे समझ आता है कि चीन विस्तारवादी नीति अपनाता है। यह बहुत खतरनाक है। भारत की तरह चीन ने जापान के इलाके पर भी दावा किया है। यह अंतरराष्ट्रीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। जापानी फैलो ने कहा कि जिस द्वीप को हम सेनकाकू कहते हैं, उसे चीन दियाओयू द्वीप कहता है।  चीन को लगता है कि उसे नाम बदलने का अधिकार है।

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सैन्य प्रदर्शन भी करता है चीन
फैलो ने आगे कहा कि बीजिंग पड़ोसियों के खिलाफ ना केवल सैन्य कौशल का उपयोग कर रहा है बल्कि दूसरों के क्षेत्रों का शोषण भी कर रहा है। वह वन बेल्ट वन रोड इनिशिएटिव में पैसे लगाकर अपनी योजना पूरी कर रहा है। सटोरू नागाओ ने कहा कि चीन के लिए तटीय शहर सबसे महत्वपूर्ण हैं। इसलिए चीन इन मार्गों को सुरक्षित करना चाहता है। 

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पाकिस्तान तक पहुंच की कोशिश
विद्वान ने चीन के विस्तारवादी लक्ष्यों के लिए अमेरिकी नौसेना अपना प्रभाव दिखाती है। भारतीय नौसेना अंडमान और निकोबार क्षेत्र में तैनात है। यदि चीन इस मार्ग में आया तो उसे नुकसान होगा। इसलिए वह रूट डायवर्ट करने की कोशिश कर रहा है। चीन पाकिस्तान तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग बना रहा है, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और झिंजियांग से होकर गुजर रहा है।  जापानी फैलो ने कहा कि पाकिस्तानी कब्जे वाला कश्मीर वास्तव में भारत का क्षेत्र है। चीनी रोड के कारण भारत के दावे का उल्लंघन होगा। इसलिए भारत को चीन के लिए तैयार रहना होगा।

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