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जनेश्वरी रेल हादसा: 11 साल पहले परिजनों ने जिसे मृत बताया वह जिंदा निकला, मुआवजा व नौकरी ले चुके
Sun, 20 Jun 2021 05:45 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 20 Jun 2021 05:45 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 2010 में हुए एक हादसे में एक व्यक्ति को मृत बताकर मुआवजा व अनुकंपा नियुक्ति पा ली गई। अब पता चला है कि जिसे मृत बताया वह व्यक्ति जिंदा है। रेलवे ने मामला सीबीआई को सौंप दिया है।
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सीबीआई
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
रेलवे के एक अधिकारी ने रविवार को मामले का खुलासा किया। इसके बाद सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि कथित तौर पर मरने वाले व्यक्ति की बहन एवं उनके पिता को मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उक्त व्यक्ति की हादसे में कथित मौत के बाद उसकी बहन को नौकरी मिली थी।
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हावड़ा-मुंबई ट्रेन हुई थी हादसे की शिकार, 148 यात्री मारे गए थे
गौरतलब है कि मई 2010 में हावड़ा-मुंबई जनेश्वरी एक्सप्रेस की बंगाल के झाड़ग्राम के सरडीहा में सामने से आ रही मालगाड़ी से टक्कर हो गई थी, जिसके बाद एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए थे और इस हादसे में कम से कम 148 यात्रियों की मौत हो गई थी। यह भी आरोप लगा था कि रेल पटरियों को नुकसान पहुंचाए जाने के कारण यह दुर्घटना हुई, क्योंकि इलाका उस वक्त माओवादी हिंसा की चपेट में था।
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बेटे के मरने का किया था दावा, डीएनए से पहचान की थी
दक्षिण पूर्व रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि कोलकाता के एक व्यक्ति ने दावा किया कि उनका बेटा इस हादसे में मारा गया है और डीएनए नमूने के माध्यम से उन्होंने शव की पहचान की थी।
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कथित मृतक की बहन सियालदह मंडल में कर रही नौकरी
उन्होंने बताया कि हादसे के बाद रेलवे ने घोषणा की कि मरने वाले के परिजनों को आर्थिक मुआवजे के अलावा परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी मिलेगी। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि उस व्यक्ति की बहन पूर्वी रेलवे के सियालदह मंडल के सिग्नलिंग विभाग में काम कर रही है।
जिंदा होने की शिकायत मिली, सीबीआई को सौंपी जांच
दक्षिण पूर्व रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि यह शिकायत मिली कि जिसके मरने का दावा किया गया है, वह व्यक्ति जीवित है। इसके बाद रेलवे के सतर्कता विभाग ने जांच की और आरोप में उन्हें कुछ पुख्ता तथ्य मिले। इसके बाद मामले की जांच सीबीआई के हवाले कर दिया गया।