जम्मू-कश्मीर: घाटी में आतंक के सफाए के लिए चलेगा ऑपरेशन 'बी', निशाने पर आए ये 73 आतंकी!
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विस्तार
घाटी में अब सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों को पकड़ने के लिए 'प्लान बी' अभियान चलाने जा रहीं हैं। यह अभियान 'प्लान बी' दरअसल आतंकियों को श्रेणियां को बांटे गए उस प्रोफाइलिंग के आधार पर होने वाला है, जिसके चलते इन आतंकियों की पहचान होती है। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े सूत्रों की मानें, तो लश्कर आतंकी उजैर खान जम्मू कश्मीर पुलिस के खाते में शुरुआत में बी कैटेगरी की आतंकियों की श्रेणी में गिना जाता था। घाटी में दहशतगर्दों और आतंकवादियों को ए से लेकर बी की अलग-अलग श्रेणी में उनकी आतंक में शामिल हिस्ट्री के आधार पर रखा जाता है। क्योंकि बीते कुछ दिनों में जिस तरीके से बड़ी वारदात में शामिल आतंकियों की पहचान हुई है, उनमें कई आतंकी बी श्रेणी में आने के बाद भी सबसे बड़े दहशतगर्द निकले। यही वजह है कि अब अपनी रणनीति बदलते हुए सुरक्षा एजेंसियों से लेकर पुलिस अब भी कैटेगरी के 73 आतंकियों की पूरी हिस्ट्री खंगाल कर प्लान बी अभियान चलाने की तैयारी में आ गई है।
घाटी में जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से दहशतगर्दों की पहचान के लिए एक कोड वर्ड और उनको एक विशेष श्रेणी में रखने के लिए बड़ी प्रोफाइलिंग करती है। अलग-अलग तरह की श्रेणियों में रखे जाने का आधार आतंकियों को उनके द्वारा किए जाने वाले जघन्य अपराधों और उनकी साजिशों की संलिप्तता के चलते तय किया जाता है। जानकारी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर पुलिस इस प्रोफाइलिंग में ए कैटेगरी, ए प्लस कैटेगरी, ए प्लस प्लस कैटेगरी और बी कैटेगरी में रखती है। जम्मू कश्मीर पुलिस से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इन कैटेगरी में उन आतंकियों को रखा जाता है, जिनकी आतंकी संगठनों के साथ संलिप्तता तो होती है, लेकिन उसकी ग्रेविटी कितनी है उसके आधार पर तय करके इनको इस सूची में रखा जाता है। जानकारी के मुताबिक बी कैटेगरी में शामिल नाम तो आतंकी संगठनों से जुड़े हुए ही हैं। लेकिन उनकी घातक प्रवृत्ति और हत्याओं का रिकॉर्ड ए कैटेगरी या ए प्लस की कैटेगरी में शामिल लोगों की तुलना में कम होती है।
जानकारी के मुताबिक अनंतनाग में आतंकी घटना का मास्टरमाइंड और लश्कर ए तैयबा का आतंकी उजैर खान जम्मू पुलिस की शुरुआती दौर के बी कैटेगरी में शामिल आतंकी था। सूत्रों के मुताबिक उजैर खान आतंकियों के समूह में तो शामिल था, लेकिन उसकी पहचान पुरानी वारदातों में सीधे तौर पर या एक बड़े लश्कर ए तैयबा के कमांडर के तौर पर सामने नहीं आई थी। इसी वजह से उसको बी श्रेणी में ही रखा गया था। लेकिन उजैर सुरक्षा एजेंसी के निशाने पर शुरू से ही था। धीरे-धीरे उसकी बढ़ती हुई वारदातें और अनंतनाग आतंकी हमले में शामिल होने से पहले उसके ऊपर न सिर्फ बड़ा इनाम रखा गया, बल्कि उसको ए कैटेगरी के आतंकी की सूची में भी शामिल कर दिया गया।
फिलहाल केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों की इस बदली हुई रणनीति का न सिर्फ खुलासा किया, बल्कि आतंकियों की होने वाली प्रोफाइलिंग के आधार पर अब नई रणनीति भी तैयार कर ली है। सूत्रों के मुताबिक बीते कुछ समय में जितने भी बड़ी आतंकी वारदात के हुई हैं, उनमें शामिल कई नाम ऐसे थे जो प्रोफाइलिंग के लिहाज से उतने खूंखार नहीं थे। सुरक्षा एजेंसी और मिलिट्री इंटेलिजेंस के सूत्रों के मुताबिक घाटी में जिस तरीके से लश्कर ए तैयबा के आतंकी संगठन थे, रेजिस्टेंस फ्रंट ने स्थानीय स्तर पर काम करने वाले युवाओं को स्लीपर सेल के माध्यम से तैयार करना शुरू किया है। वही इन वारदातों में बड़े चेहरे के तौर पर सामने उभर कर आ रहे हैं। अनंतनाग में आतंकी हमले का आतंकी उजैर भी पेशे से इलेक्ट्रीशियन ही था। उसने 12वीं कक्षा छोड़ने के साथ एक स्थानीय पॉलिटेक्निक कॉलेज से इलेक्ट्रिकल वर्क्स में डिप्लोमा किया था। वह नौगाम और आसपास के इलाकों में बिजली मिस्त्री के तौर पर काम करता था।
सूत्रों के मुताबिक जम्मू कश्मीर पुलिस की प्रोफाइलिंग के आधार पर 73 और प्रमुख आतंकियों के नाम सामने आए हैं, जो प्रोफाइलिंग की कैटेगरी बी में शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक बी कैटेगरी में शामिल आतंकियों की धरपकड़ कर बड़ा अभियान घाटी में शुरू हो रहा है। इस अभियान में न सिर्फ बी कैटेगरी वाले बल्कि जम्मू कश्मीर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आए वह आतंकी शामिल हैं, जो अनंतनाग आतंकी वारदात में शामिल थे। सूत्रों का कहना है कि इस घटना में नई 'मॉडस ऑपरेंडी' समेत एक-एक उस नई जानकारी को शामिल कर बड़े ऑपरेशन की तैयारी शुरू की जा चुकी है।
गडूल के जंगलों में सात दिन से चल रही मुठभेड़ मंगलवार को खत्म हो गई। 10 लाख रुपये के इनामी उजैर का शव बरामद कर लिया गया। उसके पास भारी संख्या में हथियार मिले हैं। वहीं, दूसरे आतंकी की अभी शिनाख्त नहीं हुई है। इस मुठभेड़ में कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धौंचक, डीएसपी हुमायूं भट व सेना का जवान प्रदीप शहीद हो गए थे। जानकारी ने मुताबिक दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग के कोकरनाग में हुई आतंकी मुठभेड़ में मारा गया लश्कर आतंकी उजैर खान एक साल पहले इलेक्ट्रीशियन था। 25 जुलाई 2022 को उजैर घर से यह कहकर निकला कि वह सोनमर्ग में एक निर्माणाधीन इमारत के बिजली के काम का ठेका लेने जा रहा है। लेकिन बिजली के काम का ठेका लेने गया उजैर आतंक का ठेकेदार बन गया। फिलहाल अब सुरक्षा एजेंसियां उसके साथ काम करने वाले अन्य लोगों को भी तलाश कर एक जानकारी खंगाल रहीं हैं।