जम्मू : सरकार से हटते ही बीजेपी अध्यक्ष रवींद्र रैना को मिली जान से मारने की धमकी
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जम्मू कश्मीर में पीडीपी से समर्थन वापसी के 48 घंटे बाद ही भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना को जान से मारने की धमकी मिली है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान के आंतकी गुटों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। राज्यपाल शासन लागू होने के बाद भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस घाटी में काफी सक्रिय हो गई है। रैना का कहना है, 'पहले भी पाकिस्तान के इंटरनेट, फोन से मुझे फोन आते रहे हैं लेकिन मैंने उसकी परवाह नहीं की। कराची के नंबर से मुझे धमकी मिली है। हमारे जाबांज जवान अच्छी तरह से मेरी सुरक्षा कर रहे हैं।'
पीडीपी से समर्थन वापसी के बाद बयान देते हुए रैना ने कहा था कि पीडीपी से अलग होने का फैसला अचानक नहीं लिया गया है। यह फैसला तीन महीने के व्यापक विचार-विमर्श के बाद देशहित में लिया गया है। उन्होंने घाटी की कानून-व्यवस्था को गठबंधन टूटने का प्रमुख कारण बताया था। उन्होंने कहा था कि पार्टी ने यह फैसला राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के उद्देश्य से लिया। हमारा मानना है कि राज्यपाल शासन में आतंकवाद निरोधक अभियान और असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियानों को आसानी से संचालित किया जा सकता है।
रविंद्र रैना 2014 के विधानसभा चुनाव में नौशेरा सुंदरबनी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने हैं। विधानसभा में लंगेट से निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद से उनकी नोक-झोंक काफी सुर्खियों में रही थी। बीफ पार्टी के मामले पर रैना ने विधानसभा में ही भाजपा के अन्य कुछ विधायकों के साथ इंजीनियर रशीद की पिटाई भी कर दी थी। विधायक बनने से पूर्व रैना भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष का पद संभाल चुके हैं। उन्हें संघ का करीबी भी माना जाता है।