कश्मीर मसले के हल के लिए पुलवामा पहुंचे दिनेश्वर शर्मा, छात्राओं ने मांगा रोजगार
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कश्मीर मसले के हल के लिए जम्मू-कश्मीर के दूसरे दौरे पर आए केंद्रीय वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा से छात्राओं ने शिक्षा में सुधार और राज्य में रोजगार मुहैया करवाने की बात की। दो दिन जम्मू में बिताने के बाद रविवार को पुलवामा पहुंचे दिनेश्वर शर्मा से पहले दिन 12 प्रतिनिधिमंडलों ने मुलाकात कर अपनी दिक्कतों को उनके सामने रखा।
पुलवामा में दिनेश्वर शर्मा से विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों में मिलने को लेकर उत्सुकता देखी गई। सभी ने अपनी समस्याओं को केंद्र के समक्ष रखने की अपील की। वार्ताकार से मिलकर जिले के युवा और विद्यार्थी वर्ग ने भी अपनी बात उनके समक्ष रखी। लड़कियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वार्ताकार को घाटी में बिगड़ रही शिक्षा की हालत बताई और इसमें सुधार करने की मांग की।
इसके अलावा इसी प्रतिनिधिमंडल में शामिल छात्राओं ने राज्य में रोजगार मुहैया करवाने के लिए आग्रह किया, ताकि युवा गलत रास्तों पर न जाकर रोजगार की तरफ ध्यान दें और अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के काबिल बन सकें।
मीडिया की ओर से घाटी के गलत प्रचार पर रोक लगे
दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के दौरे पर रविवार को पहुंचे केंद्रीय वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा से कुछ प्रतिनिधिमंडलों ने कहा कि नेशनल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कश्मीर की खराब छवि को देश और विश्व के सामने ला रही है, इस पर तुरंत रोक लगाई जाए।
शर्मा ने प्रतिनिधिमंडलों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों और समस्याओं को केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसे मीडिया वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा जो घाटी की गलत तस्वीर पेश करते हैं।
मालूम हो कि पिछले साल आठ जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन के पोस्टर ब्वाय बुरहान वानी की मौत के बाद अनंतनाग के साथ पुलवामा में पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और सुरक्षा बलों पर हमले शुरू हुए थे और ये हालात करीब एक साल तक बने रहे। इस दौरान कई पत्थरबाजों पर मामले दर्ज हुए, कई को हिरासत में भी लिया गया था।
वार्ताकार शर्मा के सुझाव के बाद ही केंद्र ने पहली बार पत्थरबाजी में शामिल 4,500 युवाओं के खिलाफ मामले वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा।