फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Jammu and Kashmir girl students demanded employment from Central negotiator Dineshwar Sharma

कश्मीर मसले के हल के लिए पुलवामा पहुंचे दिनेश्वर शर्मा, छात्राओं ने मांगा रोजगार

Mon, 27 Nov 2017 02:19 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Mon, 27 Nov 2017 02:19 AM IST
विज्ञापन
Jammu and Kashmir girl students demanded employment from Central negotiator Dineshwar Sharma
दिनेश्वर शर्मा

कश्मीर मसले के हल के लिए जम्मू-कश्मीर के दूसरे दौरे पर आए केंद्रीय वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा से छात्राओं ने शिक्षा में सुधार और राज्य में रोजगार मुहैया करवाने की बात की। दो दिन जम्मू में बिताने के बाद रविवार को पुलवामा पहुंचे दिनेश्वर शर्मा से पहले दिन 12 प्रतिनिधिमंडलों ने मुलाकात कर अपनी दिक्कतों को उनके सामने रखा। 

विज्ञापन



पुलवामा में दिनेश्वर शर्मा से विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों में मिलने को लेकर उत्सुकता देखी गई। सभी ने अपनी समस्याओं को केंद्र के समक्ष रखने की अपील की। वार्ताकार से मिलकर जिले के युवा और विद्यार्थी वर्ग ने भी अपनी बात उनके समक्ष रखी। लड़कियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वार्ताकार को घाटी में बिगड़ रही शिक्षा की हालत बताई और इसमें सुधार करने की मांग की।
विज्ञापन


इसके अलावा इसी प्रतिनिधिमंडल में शामिल छात्राओं ने राज्य में रोजगार मुहैया करवाने के लिए आग्रह किया, ताकि युवा गलत रास्तों पर न जाकर रोजगार की तरफ ध्यान दें और अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के काबिल बन सकें।

विज्ञापन
विज्ञापन

मीडिया की ओर से घाटी के गलत प्रचार पर रोक लगे

Jammu and Kashmir girl students demanded employment from Central negotiator Dineshwar Sharma

दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के दौरे पर रविवार को पहुंचे केंद्रीय वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा से कुछ प्रतिनिधिमंडलों ने कहा कि नेशनल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कश्मीर की खराब छवि को देश और विश्व के सामने ला रही है, इस पर तुरंत रोक लगाई जाए। 

 शर्मा ने प्रतिनिधिमंडलों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों और समस्याओं को केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसे मीडिया वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा जो घाटी की गलत तस्वीर पेश करते हैं।

मालूम हो कि पिछले साल आठ जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन के पोस्टर ब्वाय बुरहान वानी की मौत के बाद अनंतनाग के साथ पुलवामा में पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और सुरक्षा बलों पर हमले शुरू हुए थे और ये हालात करीब एक साल तक बने रहे। इस दौरान कई पत्थरबाजों पर मामले दर्ज हुए, कई को हिरासत में भी लिया गया था।

वार्ताकार शर्मा के सुझाव के बाद ही केंद्र ने पहली बार पत्थरबाजी में शामिल 4,500 युवाओं के खिलाफ  मामले वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। 



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed