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केंद्र सरकार ने पंचायती राज कानून में किया संशोधन, विधायक नहीं होने पर सीधे निर्वाचित जिला स्तरीय परिषद बनेंगी
Mon, 19 Oct 2020 01:46 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 19 Oct 2020 01:46 AM IST
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केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter
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केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में विधायकों की गैर मौजूदगी में स्थानीय निकायों को मजबूत बनाने के लिए पंचायती राज कानून में संशोधन किया है। इसके तहत हर जिले में विकास कार्य करने के लिए नया ढांचा बनाया जाएगा और इसे सीधे मतदाताओं द्वारा चुना जाएगा। जिला विकास परिषद (डीडीसी) में 14 क्षेत्र होंगे और सभी में एक प्रत्यक्ष निर्वाचित सदस्य होगा। कुछ सीटें एससी, एसटी और महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
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केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने जम्मू-कश्मीर पंचायती राज कानून, 1989 में संशोधन को लेकर आदेश जारी किया। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश में परिसीमन प्रक्रिया की भी घोषणा की। परिसीमन आयोग की स्थापना मार्च में की गई थी और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना देसाई को इसका प्रमुख बनाया गया था।
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मंत्रालय के मुताबिक, ताजा फैसला यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि हर क्षेत्र में लोगों की और अधिक भागीदारी के साथ विकास हो। जो काम पहले विधानसभा के निर्वाचित प्रतिनिधि करते थे। जब तक परिसीमन आयोग रिपोर्ट नहीं देता और चुनाव आयोग जम्मू-कश्मीर में चुनाव नहीं कराता है तब तक यह मददगार हो सकता है। ताजा आदेश के मुताबिक, प्रत्येक डीडीसी में क्षेत्रीय विधानसभा से सीधे तौर पर निर्वाचित सदस्यों को शामिल किया जाएगा। चुनाव होने के बाद जिले के विधायक भी इसके सदस्य होंगे।
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