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Water: देश में 8 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को सप्ताह में सिर्फ एक बार पानी, जलशक्ति मंत्रालय के सर्वे से खुलासा
Mon, 03 Oct 2022 06:01 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 03 Oct 2022 06:01 AM IST
सार
अध्ययन में दावा किया गया है कि पांच में से चार (80 फीसदी) परिवारों ने बताया कि उनकी पानी की दैनिक जरूरत घरेलू नल कनेक्शन से पूरी हो रही है। बिना नल कनेक्शन वाले घरों में झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश सहित आठ राज्य थे, जहां नल का पानी उपलब्ध नहीं था।
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जल संकट (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश के आठ फीसदी ग्रामीण परिवारों को सप्ताह में केवल एक बार पानी मिलता है। वहीं लगभग 74 प्रतिशत को सातों दिन पानी उपलब्ध है। जलशक्ति मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी अध्ययन में यह जानकारी मिली। सर्वे के मुताबिक, शेष 18 प्रतिशत में से लगभग चार फीसदी घरों में हफ्ते में 5-6 दिन पानी और 14 प्रतिशत को हफ्ते में कम से कम 3-4 दिन पानी मिलता है।
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अध्ययन में दावा किया गया है कि पांच में से चार (80 फीसदी) परिवारों ने बताया कि उनकी पानी की दैनिक जरूरत घरेलू नल कनेक्शन से पूरी हो रही है। बिना नल कनेक्शन वाले घरों में झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश सहित आठ राज्य थे, जहां नल का पानी उपलब्ध नहीं था। ‘हर घर जल’ गांवों के तहत सर्वेक्षण के दिन 91 प्रतिशत घरों में काम करने वाले नल कनेक्शन पाए गए। यह राष्ट्रीय अनुपात (86 प्रतिशत) से अधिक है। अध्ययन के लिए कुल 13,299 गांवों का सर्वेक्षण किया गया, जिनमें से 11 फीसदी अनुसूचित जाति (एससी) बहुल गांव थे और 23 फीसदी अनुसूचित जनजाति (एसटी) बहुल गांव थे।
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मणिपुर में 60 फीसदी से कम घरों में नियमित आपूर्ति
रिपोर्ट के अनुसार, 3,01,389 घरों में से सर्वेक्षण के दिन 42,238 घरों में पानी उपलब्ध नहीं था। इसमें पंजाब, त्रिपुरा, बिहार, गोवा, केरल, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश और पांडुचेरी में 95 प्रतिशत से अधिक घरों में 55 एलपीसीडी से अधिक पानी उपलब्ध कराया गया। मणिपुर में 60 फीसदी से कम घरों में नियमित आपूर्ति होती है।
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एक दिन में मात्र तीन घंटे पानी
रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर 59% घरों ने बताया कि दिन में एक बार पाइप से जलापूर्ति होती है, जिसकी औसत अवधि तीन घंटे होती है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह व मिजोरम में 90 प्रतिशत से अधिक घर दिन में एक बार पानी प्राप्त करते हैं।