Jal Jivan Mission: जल जीवन मिशन के तहत UP के दो करोड़ से अधिक घरों तक पहुंचा पेयजल, महिलाएं बन रहीं स्वावलंबी
Jal Jivan Mission: यूपी में जल जीवन मिशन की 'हर घर जल' योजना से दो करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक फंक्शनल हाउसहोल्ड टेप कनेक्शन पहुंच चुका है। प्रदेश में प्रतिदिन नल कनेक्शन देने का न्यूनतम आंकड़ा 40 हजार से ज्यादा है। यह योजना ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।
विस्तार
वर्ष 2019 से पहले उत्तर प्रदेश में सिर्फ 5,16,221 ग्रामीण परिवारों तक ही फंक्शनल हाउसहोल्ड नल का कनेक्शन पहुंच पाया था। प्रदेश में 2019 से पहले नल कनेक्शन का औसत 1.96% प्रतिशत था। यूपी में प्रतिदिन नल कनेक्शन देने का न्यूनतम आंकड़ा 40 हजार से अधिक है।
जल जीवन मिशन योजना का सबसे ज्यादा लाभ प्रदेश की महिलाओं को मिला है, जिसके कारण जो महिलाएं मीलों दूर जाकर पानी लाने का संघर्ष करती थीं, वो मुसीबत अब खत्म हो गई है। अब इस योजना के तहत हर घर तक साफ पानी सीधे नल से पहुंच रहा है, जिससे महिलाओं के समय की बचत हुई है। अब वो अपना समय घर का कामकाज करने के साथ बच्चों की पढ़ाई में भी दे रही हैं। इसके अलावा वो खुद की पढ़ाई पर भी खास ध्यान दे पा रही हैं।
यूपी में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के साथ ही स्वच्छ पेयजल के लिए हर गांव से 5 महिलाओं को जल जांच का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाएं गांव में फील्ड टेस्ट किट से पानी की जांच कर रही हैं। अब तक 4,80,205 से अधिक महिलाओं को पानी जांच की ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
- सरकार ने पानी की जांच की बड़ी जिम्मेदारी गांव-गांव में रहने वाली घरेलू महिलाओं को सौंपी है।
- गांव-गांव में महिलाएं पानी की शुद्धता की 11 तरह की जांच कर रहीं हैं।
- नल, कुएं, हैंडपम्प और ट्यूबवेल के पानी की गुणवत्ता परखी जा रही हैं।
- महिलाएं पानी का नमूना एकत्र कर रही हैं और नमूनों को जांच के लिए जल निगम भेजा जा रहा है।
- एफटीके पानी की जांच के लिए बनाई गई किट है। इस किट के जरिये पानी में मौजूद अर्सेनिक, हानिकारक बैक्टीरिया, रासायनिक अशुद्धियां, एलिमेंट, पार्टिकल्स आदि का पता लगाया जाता है।
- एफटीके किट से की जाने वाली जांचें- क्लोराइड, टोटल हार्डनेस, आइरन, नाइट्रेट, फ्लोराइड, रेसीडियुल क्लोरीन, पीएच, टरबिडिटी, अलकलनिटी, हाइड्रोजन सलफाइड (एचटूएस) और आर्सेनिक।
- शुद्ध पानी से दांतों की उम्र बढ़ेगी, त्वचा रोगों से भी छुटकारा मिलेगा, इसके इलावा उल्टी-दस्त, हैजा, टाइफाइड, मलेरिया, डेंगू, दांत, हड्डी, किडनी, लीवर व पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों का खतरा टल जाएगा।
जल जीवन मिशन की 'हर घर जल' योजना लोगों के लिए रोजगार का जरिया भी बनी है। यूपी में 1,16,388 युवाओं को प्लंबिंग, 116388 इलेक्ट्रीशियन, 1,16,388 मोटर मैकेनिक, 116388 फिटर, 174582 राजमिस्त्री, 1,16,388 पम्प ऑपरेटर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 4,80,205 से अधिक महिलाओं को पानी जांच की ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
बुंदेलखंड उत्तर प्रदेश का एक बड़ा क्षेत्र है, जहां पर करोड़ों लोग रहते हैं। यहां के गांव में रहने वाले लोगों के लिए पीने का पानी एक बहुत बड़ी समस्या हुआ करती थी। बुंदेलखंड में पीने के पानी की समस्या इतनी विकट थी कि इसके कारण लोग अपनी लड़कियों की शादी नहीं करा पाते थे। साथ ही यहां रहने वाले लोगों की तीन पीढ़ियों ने पानी लाने की जद्दोजहद में ही अपनी जिंदगी गुजार दी। मगर आज उसी बुंदेलखंड में जल जीवन मिशन की योजना खुशियों की सौगात लेकर आई है। जिसके तहत हर घर में नल हो और उसमें से आता स्वच्छ पेयजल हो, इसका सपना साकार हुआ है। साथ ही जल जनित बीमारियों में कमियां आने से यहां के लोगों ने स्वस्थ जनजीवन भी अपनाया है। आज बुंदेलखंड में 98 प्रतिशत से अधिक घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है।
| जिला | कुल परिवारों की संख्या | परिवारों तक पहुंचे नल कनेक्शन | कुल प्रतिशत |
| महोबा | 1,32,881 | 1,32,467 | 99.69 |
| झांसी | 2,51,225 | 2,48,686 | 98.99 |
| ललितपुर | 2,06,983 | 2,05,762 | 99.41 |
| चित्रकूट | 1,63,970 | 1,63,698 | 99.83 |
| बांदा | 2,68,964 | 2,66,473 | 99.07 |
| जालौन | 2,12,069 | 2,00,399 | 94.5 |
| हमीरपुर | 1,86,285 | 1,84,311 | 98.94 |
पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी के बुंदेलखंड के साथ विंध्य की तस्वीर भी बदली है। विंध्य क्षेत्र के मिर्जापुर (3,48,712) और सोनभद्र (2,47,060) में कुल 5,95,481 से अधिक परिवारों तक फंक्शनल हाउसहोल्ड नल का कनेक्शन पहुंच गया।
अयोध्या के लगभग 3 लाख घरों में पहुंचा शुद्ध पेयजल कनेक्शन
प्रदेश के अयोध्या जिले में 3,46,999 लाख घर हैं, जहां पर अभी तक 'हर घर जल' योजना के तहत 3,19,933 लाख घरों में शुद्ध पेयजल का फंक्शनल हाउसहोल्ड नल कनेक्शन की सुविधा पहुंच चुकी है।
जल निगम ग्रामीण के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीण परिवारों को शुद्ध जल पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। हम लोग हर परिवार तक शुद्ध जल पहुंचाने के लक्ष्य के काफी करीब हैं। इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को शुद्ध जल के साथ रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देकर गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। कौशल के आधार पर कई युवाओं को गांव में ही रोजगार दिया जा चुका है। अयोध्या में हर घर तक जल पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल करने का युद्ध स्तर पर जारी है।
जल जीवन मिशन के तहत न सिर्फ अयोध्या के घरों में शुद्ध पेयजल की सुविधा आसानी से पहुंच रही हैं, बल्कि इस योजना के आने से वहां के लोगों के लिए रोजगार के कई अवसर भी खुल गए हैं। इसमें महिलाओं से लेकर युवाओं और अन्य काम की तलाश में रहने वाले लोगों को उनके कौशल के आधार पर रोजगार की सुविधा मुहैया कराई गयी है। इस योजना के तहत अयोध्या की तकरीबन 5515 महिलाओं को एफटीके के जरिए पानी की जांच करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। जिसके तहत ये सभी महिलाएं ट्रेनिंग लेकर इस कार्य को सुचारु रूप से कर रही हैं।
महिलाओं के अलावा अयोध्या के युवाओं को कई सारी ट्रेनिंग प्रदान की गई है, जिसमें 1588 युवाओं को प्लम्बर, पंप ऑपरेटर और इलेक्ट्रिशियन की ट्रेनिंग प्रदान की गई हैं। साथ ही 1587 लोगों को मोटर मैकेनिक, 1589 को फिटर और 2382 लोगों को राजमिस्त्री की ट्रेनिंग देकर रोजगार प्रदान किया गया।
जल जीवन मिशन योजना का लाभ प्रदेश के बरेली जिले में रहने वाले लोगों को भी हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, बरेली में तकरीबन 4.99 लाख घर हैं, जिसमें से तकरीबन 4.71 घरों में आज शुद्ध पेयजल फंक्शनल हाउसहोल्ड नल कनेक्शन से पहुंच रहा है।
बरेली में इस योजना का संचालन होने से वहां के लोगों तक स्वच्छ पेयजल की सुविधा के साथ-साथ कई सारे रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध हुए हैं। इस योजना के तहत बरेली की तकरीबन 9278 महिलाओं को एफटीके के जरिए पानी की जांच करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। जिसके तहत ये सभी महिलाएं ट्रेनिंग लेकर इस कार्य को सुचारु रूप से कर रही हैं।
महिलाओं के अलावा के युवाओं को कई सारी ट्रेनिंग प्रदान की गई है, जिसमें 2386 युवाओं को प्लम्बर, पंप ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन, मोटर मैकेनिक और फिटर की ट्रेनिंग प्रदान की गई हैं। साथ ही 3579 लोगों को राजमिस्त्री की ट्रेनिंग देकर रोजगार प्रदान किया गया।
जल निगम ग्रामीण के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि हमारा उदेश्य ग्रामीण परिवारों को गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति करवाना है। हम इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के 2 करोड़ 27 लाख अधिक घरों तक शुद्ध जल पहुंचने लगा है। बरेली जनपद में 90 प्रतिशत से अधिक घरों तक शुद्ध जल पहुंचाने का काम पूरा कर लिया गया है। हर परिवार को शुद्ध जल मिल सके, इसके लिए पानी की गुणवत्ता की जांच भी करवाई गई है।