पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली पर हो रहा इलाज का असर
- पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की हालत अब स्थिर है।
- उपराष्ट्रपति कार्यालय ने वेंकैया नायडू के अस्पताल का दौरा करने के बाद इस बात की जानकारी दी है।
- उपराष्ट्रपति वेंकैया वायडू शनिवार सुबह जेटली की तबीयत के बारे में जानने के लिए एम्स गए थे।
- उनका इलाज एम्स के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके बहल के अलावा नेफ्रोलॉजी, एंडोक्रॉइनोलॉजी सहित पांच विभागों के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम रही है।
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पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की हालत अब स्थिर है। उन्हें सांस में तकलीफ और बेचैनी की शिकायत के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था। उपराष्ट्रपति कार्यालय ने वेंकैया नायडू के अस्पताल का दौरा करने के बाद इस बात की जानकारी दी है।
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का दौरा कर अपने पूर्व कैबिनेट सहयोगी जेटली की सेहत की जानकारी ली। उपराष्ट्रपति कार्यालय ने ट्वीट पर जेटली के स्वास्थ्य की जानकारी साझा की है। ट्वीट में लिखा गया है, "डॉक्टरों ने उपराष्ट्रपति से कहा है कि जेटली पर इलाज का असर हो रहा है और उनकी हालत स्थिर है। उपराष्ट्रपति वहां मौजूद जेटली के परिवार के सदस्यों से भी मिले।"
66 वर्षीय जेटली को शुक्रवार सुबह कार्डियक न्यूरो सेंटर में ब्लड सैंपल और यूरीन प्रोफाइल की जांच के बाद आईसीयू में भर्ती कर लिया गया था। एम्स ने देर रात बयान जारी कर उनकी हालत को स्थिर बताया था।
उनका इलाज एम्स के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके बहल के अलावा नेफ्रोलॉजी, एंडोक्रॉइनोलॉजी सहित पांच विभागों के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम रही है। देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत पक्ष-विपक्ष के कई नेताओं ने एम्स पहुंचकर जेटली का हालचाल जाना।
बता दें कि पिछले साल मई में जेटली की किडनी का प्रत्यारोपण हुआ था, तब से उनका स्वास्थ्य लगातार खराब है। इस साल मई में भी उन्हें एम्स में भर्ती होना पड़ा था।
जेटली की हो चुकी है गैस्ट्रिक सर्जरी
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली पहले भी कई बार एम्स में भर्ती हो चुके हैं। 14 मई 2018 को एम्स में उनका किडनी प्रत्यारोपण हुआ था। इसके लिए डॉक्टरों की टीम बाहरी अस्पतालों से आई थी। इनमें दिल्ली के अपोलो अस्पताल के डॉ. संदीप गुलेरिया के अलावा दो वरिष्ठ डॉक्टर पीजीआई चंडीगढ़ के थे।
बताया यहां तक जाता है कि किडनी प्रत्यारोपण के दौरान टीम में एम्स के नेफ्रोलॉजी विभाग का एक भी डॉक्टर नहीं था। जनवरी 2019 पूर्व वित्त मंत्री को सारकोमा (फेफड़ा) में सॉफ्ट टिश्यू मिले थे। इसे लेकर उन्हें न्यूयार्क के डॉक्टरों की सलाह लेनी पड़ी थी। इसके बाद से उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा है।
डॉक्टरों के कहने पर वे कई महीने से आइसोलेशन में रह रहे हैं। बाहर आने-जाने को लेकर भी डॉक्टरों ने उन्हें खास हिदायतें दे रखी हैं। इसीलिए उन्होंने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी न बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य खराब होने की बात भी कही थी। तब से अरुण जेटली आइसोलेशन में रह रहे हैं।
उनके रिश्तेदारों, परिजनों और करीबियों को छोड़ बाकी लोगों से दूरी भी बनाई गई है। इसके अलावा, वर्ष 2014 में अरुण जेटली की गैस्ट्रिक सर्जरी भी हो चुकी है। उन्हें मधुमेह की भी लंबे समय से परेशानी है।
कई महीने से रह रहे हैं आइसोलेशन में
डॉक्टरों के कहने पर वे कई महीने से आइसोलेशन में रह रहे हैं। बाहर आने-जाने को लेकर भी डॉक्टरों ने उन्हें खास हिदायतें दे रखी हैं। इसीलिए उन्होंने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी न बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य खराब होने की बात भी कही थी। तब से अरुण जेटली आइसोलेशन में रह रहे हैं।
उनके रिश्तेदारों, परिजनों और करीबियों को छोड़ बाकी लोगों से दूरी भी बनाई गई है। इसके अलावा, वर्ष 2014 में अरुण जेटली की गैस्ट्रिक सर्जरी भी हो चुकी है। उन्हें मधुमेह की भी लंबे समय से परेशानी है।