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जयशंकर ने कही बड़ी बात : दुनिया भारत को समझे और उसके हिसाब से बर्ताव करे, हमें दूसरे देशों से मंजूरी के ख्याल को छोड़ना पड़ेगा

Wed, 27 Apr 2022 02:14 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 27 Apr 2022 02:14 PM IST
सार

विदेश मंत्री ने कहा कि विश्व से संपर्क के वक्त यह ध्यान रखना होगा कि हम कौन हैं, हमें इस दायरे में सीमित नहीं रहना है कि वे कौन हैं। हमें दूसरे देशों से मंजूरी के ख्याल को छोड़ना पड़ेगा। 
 

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Jaishankar said big thing: country should believe in its capabilities, take advantage of opportunities, leave the idea of approval from others
विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : twitter.com/DrSJaishankar

विस्तार

दिल्ली में जारी रायसीना डायलॉग में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने देश की 25 सालों की विदेश नीति की रूपरेखा पेश की। उन्होंने कहा कि देश अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखे और दुनिया क्या है, यह जानने की बजाए, हम क्या हैं, यह देखे और हर क्षेत्र में मौजूद अवसरों का लाभ उठाए। 
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उन्होंने कहा कि एक वक्त था, जब विश्व के इस हिस्से में हम एकमात्र लोकतंत्र थे। हमें हमारी क्षमताओं पर फोकस करना चाहिए और आने वाले वर्षों में दुनिया के माहौल को देखकर हर क्षेत्र में लाभ उठाना चाहिए। विदेश मंत्री ने कहा कि हमें यह भरोसा होना चाहिए कि हम कौन हैं? विश्व से संपर्क के वक्त यह ध्यान रखना होगा कि हम कौन हैं, हमें इस दायरे में सीमित नहीं रहना है कि वे कौन हैं। दुनिया को अब हमें समझना होगा और उसके हिसाब से व्यवहार करना होगा। हमें दूसरे देशों से मंजूरी के ख्याल को छोड़ना पड़ेगा। 

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 'रायसीना डायलॉग' के एक संवाद सत्र में कहा कि यूक्रेन में संकट यूरोप के लिए 'चेताने वाला' हो सकता है, ताकि वह यह भी देखे कि एशिया में क्या हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से यह दुनिया का आसान हिस्सा नहीं है। यूक्रेन पर भारत के रुख की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि पश्चिमी शक्तियां एशिया के सामने आने वाली चुनौतियों से बेखबर हैं, जिसमें अफगानिस्तान में पिछले साल की घटनाएं और क्षेत्र में नियम-आधारित व्यवस्था पर लगातार दबाव शामिल है। 
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जयशंकर ने चीन के संदर्भ में कहा कि जब एशिया में नियम-आधारित व्यवस्था को चुनौती दी जा रही थी, तब यूरोप द्वारा भारत को और अधिक व्यापार करने की सलाह दी गई थी। लेकिन कम से कम हम आपको ऐसी सलाह नहीं दे रहे हैं। हमने यूरोप को एशिया की ओर देखने की सलाह दी, जिसकी सीमाएं अस्थिर थीं।
 

कल से बांग्लादेश व भूटान यात्रा पर जयशंकर
विदेश मंत्री जयशंकर 28 से 30 अप्रैल तक बांग्लादेश व भूटान की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। विदेश मंत्री एस जयशंकर द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने और प्रमुख मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान पर ध्यान केंद्रित करते हुए गुरुवार से बांग्लादेश व भूटान की तीन दिवसीय यात्रा शुरू करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ढाका में,जयशंकर बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात करेंगे और विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन के साथ चर्चा करेंगे। यह माना जा रहा है कि जयशंकर की बांग्लादेश यात्रा का उद्देश्य हसीना की भारत यात्रा के लिए आधार तैयार करना है।


राजनाथ सिंह से मिले एडमिरल जॉन एक्विलिनो
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी इंडो पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल जॉन एक्विलिनो के बीच बुधवार को अहम मुलाकात हुई। यह मुलाकात 11 अप्रैल को भारत और अमेरिका के बीच हुई टू-प्लस-टू मंत्रिस्तरीय वार्ता के बाद हुई। बीते दिनों टू-प्लस-टू वार्ता में अमेरिकी रक्षा मंत्री ने भारत को प्रशांत क्षेत्र में रक्षा उद्योग के नेता और क्षेत्र में शांति के हिमायती के रूप में भारत का समर्थन किया था।
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