फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Jaishankar a friend and able foreign minister, didn't advise him to...: Shashi Tharoor

Shashi Tharoor: विदेश मंत्री को दिया था शांत रहने का सुझाव, उल्टा पड़ा दांव तो दी सफाई; जयशंकर को बताया दोस्त

Sat, 01 Jul 2023 02:29 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Sat, 01 Jul 2023 02:29 PM IST
सार

पूर्व विदेश मंत्री शशि थरूर ने कभी मौजूदा विदेश मंत्री एस जयशंकर को शांत रहने की सलाह दी थी। अब उन्होंने इस बारे में सफाई दी है और जयशंकर को अपना दोस्त बताया है। जानिए पूरा मामला...
 

विज्ञापन
Jaishankar a friend and able foreign minister, didn't advise him to...: Shashi Tharoor
शशि थरूर और एस जयशंकर - फोटो : Social Media

विस्तार

कांग्रेस नेता शशि थरूर विदेश मंत्री एस जयशंकर को शांत रहने की टिप्पणी देकर फंस गए हैं। शनिवार को उन्होंने इस पर सफाई दी। उन्होंने कहा, 'लंदन में खालिस्तानियों द्वारा भारतीय ध्वज को उतारने के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जो भी प्रतिक्रिया दी थी, उसे लेकर मेरा उनसे कोई मतभेद नहीं है।' इतना ही नहीं, थरूर ने जयशंकर को अपना मित्र और योग्य विदेश मंत्री भी बताया।

विज्ञापन


क्या कहा था विदेश मंत्री ने? 
दरअसल, विदेश मंत्री इस साल दो अप्रैल को बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यहां उन्होंने दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में टिप्पणी करने की पश्चिम की आदत की आलोचना की थी। जयशंकर ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि मैं आपको सच्चा जवाब दूंगा (हम पश्चिम को भारत पर टिप्पणी क्यों करते देखते हैं)। इसके दो कारण हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पश्चिम को दूसरों पर टिप्पणी करने की बुरी आदत है। वे सोचते हैं कि यह उन्हें भगवान का दिया किसी तरह का अधिकार है। उन्हें अनुभव से ही सीखना होगा कि अगर वे ऐसा करते रहेंगे तो दूसरे लोग भी कमेंट करने लगेंगे और ऐसा होने पर उन्हें अच्छा नहीं लगेगा और मैं देख रहा हूं कि ऐसा हो रहा है।
विज्ञापन

इस दौरान, खालिस्तानी समर्थकों के दुस्साहस को लेकर नाराजगी भी जताई थी। उन्होंने कहा था कि हमने पिछले कुछ दिनों में लंदन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और सैन फ्रांसिस्को में कुछ घटनाएं देखी हैं। यह ऐसा भारत नहीं है जो अपने राष्ट्रीय ध्वज को किसी के द्वारा नीचे खींचे जाने को स्वीकार करेगा। जब यह हुआ तो हमारे उच्चायुक्त ने उससे भी बड़ा झंडा उस इमारत में लगा दिया। यह केवल वहां के तथाकथित खालिस्तानियों के लिए एक संदेश नहीं था, यह अंग्रेजों के लिए भी एक बयान था कि यह मेरा झंडा है और अगर कोई इसका अनादर करने की कोशिश करेगा, तो मैं इसे (राष्ट्रीय ध्वज) और भी बड़ा कर दूंगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

शशि थरूर ने दी थी सलाह
पश्चिमी देशों पर जयशंकर की टिप्पणी पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उन्हें थोड़ा शांत रहने की सलाह दी थी। थरूर ने कहा था कि हर टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा था कि किसी की टिप्पणी पर इतना कमजोर होने की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि सरकार के रूप में वहां (पश्चिमी देशों) से आने वाली टिप्पणियों को सामान्य तरह से लें। अगर हम हर टिप्पणी पर प्रतिक्रिया करते हैं, तो हम खुद का नुकसान कर रहे हैं। उन्होंने विदेश मंत्री जयशंकर से थोड़ा शांत रहने का आग्रह किया था।

अब बयान पर दे रहे सफाई
थरूर ने शुक्रवार को अपनी सलाह पर सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि मेरे बयानों को गलत समझा गया। उन्होंने ट्वीट किया कि मुझे मेरे कुछ दोस्तों ने आम तौर पर होने वाले ट्रोलिंग से जुड़े संदेश भेजे हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि मैंने विदेश मंत्री को उनकी खालिस्तानियों पर दी गई टिप्पणी को लेकर शांत रहने को कहा था, जबकि ऐसा कुछ नहीं है।


उन्होंने आगे कहा कि जब लंदन में खालिस्तानियों द्वारा भारतीय ध्वज को उतारे जाने की घटना हुई तो मैंने खुद विदेश मंत्रालय से नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि इस घटना पर गुस्सा होना ही सबसे सही प्रतिक्रिया थी।

कांग्रेस नेता ने कहा कि मैंने जयशंकर की बेंगलुरु में पश्चिम के खिलाफ भाजपा युवा मोर्चा के लिए की गई टिप्पणियों पर अपनी बात कही थी, जिन्हें अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा उठाया गया और विदेशों में गलत तरीके से दिखाया गया। थरूर ने कहा कि मैंने उनकी इस टिप्पणी पर उनसे संयम बरतने का आग्रह किया था।

थरूर ने आगे कहा कि हम बिना किसी उकसावे के किसी की आंख में धूल नहीं झोंकते हैं। विदेशों की आंखों में धूल झोंकना हमारी शैली नहीं है। उन्होंने कहा कि झंडा फहराने की घटना एक उकसावे की घटना थी और भारत की प्रतिक्रिया उचित थी। इस पर विदेश मंत्री से मेरा कोई मतभेद नहीं है। मैं उन्हें एक मित्र और एक कुशल एवं योग्य विदेश मंत्री मानता हूं।

उन्होंने लोगों से अपील की कि अपनी विदेश नीति को द्विपक्षीय रखें। उन्होंने कहा कि हम सभी भारतीय हैं और जो कुछ भी मायने रखता है वह हमारा राष्ट्रीय हित होना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed