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Rajya Sabha: सभापति धनखड़ ने दिया आश्वासन, राज्यसभा में प्रमुख मुद्दों पर वरिष्ठों को मिलेगी वरीयता
Thu, 08 Dec 2022 03:40 PM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 08 Dec 2022 03:40 PM IST
सार
धनखड़ ने संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि अध्यक्ष पर विश्वास करें। अध्यक्ष पक्षपातपूर्ण नहीं है, अध्यक्ष राष्ट्रीय है।
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राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को सदन को आश्वासन दिया कि उच्च सदन में पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा जैसे अनुभवी सांसदों को प्रमुख मुद्दों पर विचार रखने को वरीयता दी जाएगी न कि रूल बुक को। बुधवार को, सभापति धनखड़ को कुछ लोगों ने सुझाव दिए है कि अनुभवी सदस्यों को कानूनों और राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर विचार व्यक्त करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।
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धनखड़ ने संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि अध्यक्ष पर विश्वास करें। अध्यक्ष पक्षपातपूर्ण नहीं है। अध्यक्ष राष्ट्रीय है। अध्यक्ष ने सांसदों से महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्टी लाइन से ऊपर उठने का भी आग्रह किया। उन्होंने आगे कहा कि जयराम रमेश (कांग्रेस) जैसे वरिष्ठ सांसदों को भी समय दिया जाएगा
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राज्यसभा की रूल बुक के अनुसार, बहस के दौरान राजनीतिक दल की संख्या के अनुसार समय दिया जाता है। जिस पार्टी अधिक सांसद होते हैं, पार्टी को उतना ही अधिक समय दिया जाता है। वहीं इसके मुताबिक देवगौड़ा सदन में अपनी पार्टी (JDS) के एकमात्र सदस्य हैं तो इसलिए उन्हें अपने विचार रखने के लिए सबसे कम समय आवंटित किया गया है।
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वहीं इस मामले को उपराष्ट्रपति ने गंभीरता से उठाया है, सदन में दो पूर्व प्रधान मंत्री - एच डी देवेगौड़ा और मनमोहन सिंह - सांसद हैं। अध्यक्ष ने कहा कि महत्वपूर्ण मामलों पर उनके विचार पूरे देश के लिए एक इनपुट के रूप में काम करेंगे। अगर किसी मुद्दे पर माननीय पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा बोलना चाहते हैं तो यह पूरे देश के लिए एक सूचना के रूप में काम करेगा। मैं पहले उनकी दृष्टि और फिर नियम पुस्तिका को देखूंगा।