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Vice President Election 2022: 'मैंने कभी सपने में नहीं सोचा था...' नामांकन के बाद बोले जगदीप धनखड़

Mon, 18 Jul 2022 03:06 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 18 Jul 2022 03:06 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल और भाजपा नेता जगदीप धनखड़ ने एनडीए के उम्मीदवार के रूप में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। धनखड़ राजस्थान के रहने वाले हैं, किसान परिवार से हैं और जाट समुदाय से आते हैं। छह अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है। इसके लिए नामांकन की आखिरी तिथि 19 जुलाई है। 

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Jagdeep Dhankhar files his nomination for the Vice Presidential election 2022 as the candidate of NDA
उपराष्ट्रपति पद के लिए जगदीप धनखड़ ने नामांकन दाखिल किया - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल और भाजपा नेता जगदीप धनखड़ ने एनडीए के उम्मीदवार के रूप में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे। वहीं नामांकन दाखिल करने के बाद जगदीप धनखड़ ने कहा कि मैं किसान के घर में पैदा हुआ हूं, कक्षा 6 में पढ़ने के लिए 6 किमी पैदल गया, स्कॉलरशिप के जरिए आगे की पढ़ाई किया और आज साधारण किसान का बेटा नामांकन दाखिल करके आया है। मैं  पीएम मोदी का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे ये अवसर दिया।

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मैंने कभी सपना में नहीं सोचा था: जगदीप धनखड़
नामांकन दाखिल करने के बाद धनखड़ ने कहा कि मैंने कभी सपना में नहीं सोचा था कि मेरे जैसे सामान्य पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को ऐसा मौका मिलेगा। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी नेतृत्व के प्रति कृतज्ञ हूं कि एक किसान परिवार से संबंध रखने वाले मेरे जैसे साधारण व्यक्ति को उन्होंने यह एतिहासिक मौका दिया। मैं हमेशा देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाने की कोशिश करूंगा।   
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छह अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव
बता दें कि छह अगस्त को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है। इसके लिए नामांकन की आखिरी तिथि 19 जुलाई है। धनखड़ राजस्थान के जाट समुदाय से आते हैं। किसान परिवार में जन्में धनखड़ को उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने बड़ा दांव खेला है। राजस्थान के अलावा जाट समुदाय की संख्या पश्चिम उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली में काफी अधिक है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में धनकड़ की पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है।
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धनखड़ उत्कृष्ट और प्रेरक उपराष्ट्रपति होंगे: पीएम मोदी 
जगदीप धनखड़ के नामांकन के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा कि जगदीप धनखड़ का नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए विभिन्न दलों के मंत्री, सांसद और नेता उनके साथ थे। मुझे विश्वास है कि वह एक उत्कृष्ट और प्रेरक उपराष्ट्रपति होंगे।

विपक्ष ने मार्गरेट अल्वा को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया
वहीं इससे पहले विपक्षी दलों ने भी रविवार को अपने प्रत्याशी का एलान कर दिया। विपक्ष ने मार्गरेट अल्वा को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। एनसीपी चीफ शरद पवार ने इनके नाम का एलान किया। इससे पहले एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के घर पर विपक्षी दलों की बैठक हुई। इसमें उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर चर्चा हुई। इसके बाद अल्वा के नाम का एलान किया गया।

यहां देखें वीडियो...



जाट समुदाय से आते हैं धनखड़
धनखड़ राजस्थान के रहने वाले हैं, किसान परिवार से हैं और जाट समुदाय से आते हैं। मोदी सरकार के खिलाफ किसान आंदोलन में जाट किसान भी बड़ी तादाद में शामिल थे। इसके अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट वोटरों और किसानों की संख्या अच्छी-खासी है। कई निर्वाचन क्षेत्रों में जाट वोटर निर्णायक भूमिका निभाते हैं। राजस्थान में तो अगले साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं। गौर करने वाली बात यह है कि धनखड़ की उम्मीदवारी का एलान करते हुए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें 'किसान पुत्र' कहकर संबोधित किया। 

सीएम ममता से रहा अक्सर टकराव 
धनखड़ ने बंगाल में हुई राजनीतिक हिंसा के संदर्भ में एक बार यह भी कहा कि राज्य किस तरह लोकतंत्र का गैस चैम्बर बनता जा रहा है और वहां मानवाधिकार संकट में हैं। धनखड़ ने जब कहा कि मुख्यमंत्री ने कई मौकों पर उनकी तरफ से मांगी गई जानकारी नहीं दी और यहां तक कि विधानसभा में उनके संबोधन को दो बार ब्लैक आउट कर दिया तो नाराज ममता ने उन्हें ट्विटर पर ही ब्लॉक कर दिया। 2022 तक आते-आते ममता और धनखड़ के बीच रिश्तों में इतनी तल्खी आ गई कि राज्य सरकार यह विधेयक ले आई कि राज्य के विश्वविद्यालयों का चांसलर अब राज्यपाल नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री रहेगा। 

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