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कर्नाटक के मंत्री के ठिकानों पर IT के छापे, मिले 10 करोड़ कैश
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
Updated Wed, 02 Aug 2017 06:48 PM IST
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गुजरात के 44 विधायकों की बेंगलूर में अपने रिसॉर्ट में मेहमाननवाजी कर रहे कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री के ठिकानों पर आयकर विभाग ने बुधवार को छापे की कार्रवाई की। दिल्ली में मंत्री के आवास व कर्नाटक में अन्य ठिकानों से 10 करोड़ रुपये बरामद किए गए। कर चोरी के एक मामले में की इस कार्रवाई का असर संसद तक पहुंचा, जहां कांग्रेस ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए छापे के समय पर सवाल उठाया। सरकार ने कहा कि छापे का गुजरात के विधायकों से कोई लेना-देना नहीं है। यह आयकर विभाग की रूटीन कार्रवाई है।
आयकर विभाग के अनुसार उसे ऊर्जा मंत्री डी के शिवकुमार से कर चोरी के मामले में पूछताछ करनी थी। पता चला कि वह इगलटन रिसॉर्ट में हैं। वहां सर्च ऑपरेशन चलाया गया और उन्हें लेकर टीम उनके घर पहुंची, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की गई। आईटी विभाग ने स्पष्ट किया, ‘सर्च टीम ने सिर्फ मंत्री के कमरे की तलाशी ली। वहां ठहरे किसी विधायक का उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ।’
उधर, राज्यसभा में इस कार्रवाई पर खूब हंगामा हुआ। कांग्रेस के सदस्य बार-बार वेल में आकर कार्यवाही बाधित करते रहे। राज्यसभा की कार्यवाही आखिरकार दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी, जबकि कांग्रेस ने लोकसभा से बहिष्कार किया। उच्च सदन में कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के आनंद शर्मा ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव को पटरी से उतारने के लिए छापे की कार्रवाई की गई है। इसके जवाब में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि उस रिसॉर्ट पर छापा मारा ही नहीं गया, जहां गुजरात के कांग्रेस विधायक रखे गए हैं। इसका राज्यसभा चुनाव से कोई संबंध नहीं है।
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लोकसभा में कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह मामला उठाते हुए कहा, ‘मैं सरकार से अपील करता हूं कि विधायकों को आतंकित न किया जाए।’ इस पर जेटली ने कहा कि छापे की कार्रवाई के संबंध में मंत्री से पूछताछ कानूनन जरूरी थी। इसी के तहत जब टीम उन्हें लेने रिसॉर्ट पहुंची तो मंत्री महत्वपूर्ण दस्तावेज फाड़ रहे थे, जिन्हें जब्त कर लिया गया।
बड़ी कार्रवाई
ऊर्जा मंत्री और उनके परिवार के 39 ठिकानों पर तड़के 120 अधिकारियों की टीम का धावा बोला। उनकी सुरक्षा के लिए साथ में अर्धसैनिक बलों के टुकड़ी भी थी। शुरुआत में छापे में ढाई करोड़ रुपये बरामद होने की खबर आई। बाद में रकम बढ़ती गई। आखिरकार नोटों की गिनती करने के लिए मशीनें लगानी पड़ी।
क्या कर रहे विधायक
विधायकों को 29 जुलाई से इगलटन रिसॉर्ट में रखा गया है। यहां इन्हें पार्टी की पिछले 60 साल की उपलब्धियों और भाजपा के झूठ के बारे में बताया जा रहा है। पहले इनके लिए सैर-सपाटे का भी इंतजाम किया गया था लेकिन इनमें से कई विधायक बाढ़ग्रस्त इलाकों से हैं। अपने लोगों को संकट में छोड़कर मौज-मस्ती करने का आरोप लगने पर कार्यक्रम बदला गया। कई विधायक अपने इलाके में लौटने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं।
गुजरात की गांठ
राज्य में कांग्रेस के 57 में छह विधायक इस्तीफा दे चुके हैं, जिनमें से बलवंत सिंह राजपूत समेत तीन भाजपा में शामिल हो चुके हैं। 182 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 121 सदस्य हैं। राज्यसभा में जीतने के लिए 45-45 वोट चाहिए। इस गणित से भाजपा के अमित शाह और स्मृति ईरानी आसानी से जीतेंगे। पेंच तीसरी सीट पर है, जिसके लिए कांग्रेस के अहमद पटेल और बलवंत सिंह राजपूत आमने-सामने हैं। राजपूत को जिताने के लिए भाजपा के बाकी बचे विधायकों के अलावा और एक दर्जन एमएलए के समर्थन की जरूरत होगी।
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आयकर विभाग के अनुसार उसे ऊर्जा मंत्री डी के शिवकुमार से कर चोरी के मामले में पूछताछ करनी थी। पता चला कि वह इगलटन रिसॉर्ट में हैं। वहां सर्च ऑपरेशन चलाया गया और उन्हें लेकर टीम उनके घर पहुंची, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की गई। आईटी विभाग ने स्पष्ट किया, ‘सर्च टीम ने सिर्फ मंत्री के कमरे की तलाशी ली। वहां ठहरे किसी विधायक का उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ।’
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उधर, राज्यसभा में इस कार्रवाई पर खूब हंगामा हुआ। कांग्रेस के सदस्य बार-बार वेल में आकर कार्यवाही बाधित करते रहे। राज्यसभा की कार्यवाही आखिरकार दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी, जबकि कांग्रेस ने लोकसभा से बहिष्कार किया। उच्च सदन में कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के आनंद शर्मा ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव को पटरी से उतारने के लिए छापे की कार्रवाई की गई है। इसके जवाब में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि उस रिसॉर्ट पर छापा मारा ही नहीं गया, जहां गुजरात के कांग्रेस विधायक रखे गए हैं। इसका राज्यसभा चुनाव से कोई संबंध नहीं है।
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लोकसभा में कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह मामला उठाते हुए कहा, ‘मैं सरकार से अपील करता हूं कि विधायकों को आतंकित न किया जाए।’ इस पर जेटली ने कहा कि छापे की कार्रवाई के संबंध में मंत्री से पूछताछ कानूनन जरूरी थी। इसी के तहत जब टीम उन्हें लेने रिसॉर्ट पहुंची तो मंत्री महत्वपूर्ण दस्तावेज फाड़ रहे थे, जिन्हें जब्त कर लिया गया।
बड़ी कार्रवाई
ऊर्जा मंत्री और उनके परिवार के 39 ठिकानों पर तड़के 120 अधिकारियों की टीम का धावा बोला। उनकी सुरक्षा के लिए साथ में अर्धसैनिक बलों के टुकड़ी भी थी। शुरुआत में छापे में ढाई करोड़ रुपये बरामद होने की खबर आई। बाद में रकम बढ़ती गई। आखिरकार नोटों की गिनती करने के लिए मशीनें लगानी पड़ी।
क्या कर रहे विधायक
विधायकों को 29 जुलाई से इगलटन रिसॉर्ट में रखा गया है। यहां इन्हें पार्टी की पिछले 60 साल की उपलब्धियों और भाजपा के झूठ के बारे में बताया जा रहा है। पहले इनके लिए सैर-सपाटे का भी इंतजाम किया गया था लेकिन इनमें से कई विधायक बाढ़ग्रस्त इलाकों से हैं। अपने लोगों को संकट में छोड़कर मौज-मस्ती करने का आरोप लगने पर कार्यक्रम बदला गया। कई विधायक अपने इलाके में लौटने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं।
गुजरात की गांठ
राज्य में कांग्रेस के 57 में छह विधायक इस्तीफा दे चुके हैं, जिनमें से बलवंत सिंह राजपूत समेत तीन भाजपा में शामिल हो चुके हैं। 182 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 121 सदस्य हैं। राज्यसभा में जीतने के लिए 45-45 वोट चाहिए। इस गणित से भाजपा के अमित शाह और स्मृति ईरानी आसानी से जीतेंगे। पेंच तीसरी सीट पर है, जिसके लिए कांग्रेस के अहमद पटेल और बलवंत सिंह राजपूत आमने-सामने हैं। राजपूत को जिताने के लिए भाजपा के बाकी बचे विधायकों के अलावा और एक दर्जन एमएलए के समर्थन की जरूरत होगी।