आईटी मंत्रालय ने व्हाट्सएप को दिया सुझाव, कहा- फर्जी संदेशों के सोर्स की जानकारी साझा करे
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इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप को कानून लागू करने वाली एजेंसियों से फर्जी संदेश भेजने वालों की जानकारी साझा करने का सुझाव दिया। व्हाट्सएप इस पर विचार कर सरकार को जवाब देगी।
आईटी मंत्री और व्हाट्सएप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) क्रिस डेनियल के बीच हुई मुलाकात के दौरान अपराध का कारण बनने वाले संदेशों को लेकर मैसेजिंग एप कंपनी द्वारा उठाए गए मुद्दों पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि इस दौरान मंत्रालय की आपत्तियों को लेकर चर्चा हुई जिसकी वजह से मैसेजिंग एप के पेमेंट बैंक को अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है।
व्हाट्सएप ने नियुक्त किय था शिकायत अधिकारी
आईटी मंत्रालय के मुताबिक डेनियल और उनकी टीम ने पिछली बैठक के मुद्दों पर प्रगति को लेकर चर्चा की। व्हाट्सएप ने मंत्री को सूचित किया कि उन्होंने भारत के लिए एक शिकायत अधिकारी नियुक्त किया है जो अमेरिका में तैनात रहेंगे।
मंत्री ने सुझाव दिया कि शिकायत अधिकारी भारत में स्थित होना चाहिए। मंत्रालय के मुताबिक पिछली बैठक में भारत में व्हाट्सएप की स्थानीय इकाई के बनाने के मुद्दे भी थे जिसके बाद में व्हाट्सएप ने बताया कि उसने भारत में एक कंपनी शामिल की है और जल्द ही उसे शुरू करने जा रहा है।
सरकार की गुजारिश पर व्हाट्सएप ने दिया आश्वासन
अपराध का कारण बनने वाले फर्जी संदेशों का पता लगाने के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ने व्हाट्सएप से कहा कि सरकार यह नहीं चाहती कि व्हाट्सएप में भेजे गए संदेश को कोई पढ़े या डिक्रिप्ट करे, लेकिन अगर कानून लागू करने वाली एजेंसियों को संदेश की उत्पत्ति जानने की जरूरत है तो व्हाट्सएप को चाहिए कि वह संदेश शुरू करने वाले की सूचना साझा करें।
व्हाट्सएप ने सरकार की इस गुजारिश पर विचार करके जल्द जवाब देने का आश्वासन दिया है। साथ ही मंत्री ने सुझाव दिया कि व्हाट्सएप एक महत्वपूर्ण मंच है और भारत में आगामी चुनावों के मद्देनजर संदेशों की पवित्रता को कायम रखने के लिए काम करे जिस पर व्हाट्सएप ने मंत्री को सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।