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महीनों लग सकते हैं केरल को केंद्र से पूरी मदद मिलने में, जानिए क्यों?
एजेंसी, कोच्चि
Updated Mon, 27 Aug 2018 03:46 AM IST
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भारी बारिश से आई बाढ़ के कारण बुरी तरह प्रभावित हुए केरल को केंद्र सरकार से पूरी सहायता राशि पाने के लिए अगले कई महीने का इंतजार करना पड़ सकता है। फिलहाल राज्य में बाढ़ के कारण हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है, जिसका हर सेक्टर के आधार पर अलग-अलग ब्यौरा तैयार करने में लंबा समय लग सकता है।
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इसके आधार पर ही सहायता राशि तय की जाती है। इसके अलावा केंद्र से राज्य को राहत फंड जारी करने की प्रक्रिया भी बेहद लंबी होने के कारण भी केरल निवासियों तके लिए मदद का इंतजार लंबा हो सकता है।
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गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि किसी आपदा की स्थिति में राज्य को तात्कालिक राहत जारी करने के बाद केंद्र सरकार को पूरी मदद देने के लएि कई पूर्वनिर्धारित नियमों और गाइडलाइंस का पालन करना पड़ता है। केरल में करीब 100 साल की सबसे भयानक बाढ़ के कारण 8 अगस्त के बाद से अब तक 302 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 लोग लापता हैं। फिलहाल मोदी सरकार की तरफ से 600 करोड़ रुपये की तात्कालिक राहत राशि जारी की जा चुकी है।
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ये है आपदा राहत कोष के नियम
- 75 फीसदी धन सामान्य श्रेणी के राज्यों को केंद्र सरकार देती है कोष में
- 90 फीसदी तक मदद मिलती है विशेष श्रेणी के पहाड़ी राज्यों को केंद्र से
- 2 बार (जून व दिसंबर में) ही साल में जारी किया जाता है ये धन
- केंद्र सरकार हालात के आधार पर पहले भी जारी कर सकती है राहत राशि
- 25 फीसदी ही अधिकतम राहत राशि मिलेगी इस स्थिति में केंद्र से राज्य को
- इस राशि को भी बाद में दिए जाने वाले धन में समायोजित कर लेता है केंद्र
ऐसी है लंबा समय लेने वाली प्रक्रिया
- राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) को देना होगा मेमोरेंडम
- इस मेमोरेंडम में आपदा से सेक्टरवार हुए नुकसान का ब्योरा किया जाएगा दर्ज
- यदि अतिरिक्त राहत राशि भी लेनी है तो उसका कारण भी बताना होगा
- एनडीआरएफ के अधिकारी इसके बाद मांग और वास्तविक नुकसान की तुलना करेंगे
- केंद्र की तरफ से नियुक्त की गई विशेष टीम मौके पर जाकर करेगी प्रस्ताव की तुलना
- इस टीम की रिपोर्ट का परीक्षण केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में नेशनल एक्जीक्यूटिव कमेटी की उपसमिति करेगी
- नुकसान की भरपाई राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से ही संभव होने पर एनडीआरएफ वापस कर देगा प्रस्ताव
- उपसमिति की रिपोर्ट पर गृह मंत्री की अध्यक्षता वाला उच्च स्तरीय समिति आपदा राहत राशि तय करेगी
- एनडीआरएफ से मिलने वाली राहत राशि 31 मार्च तक एसडीआरएफ के खाते में मौजूद धनराशि की 50 फीसदी होगी
3 से 6 महीने तक लगते हैं प्रक्रिया में
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, राहत राशि के आंकलन और परीक्षण की पूरी प्रक्रिया में कम से कम 3 और अधिकतम 6 महीने लग जाते हैं। इसके चलते केरल को केंद्र से मदद मिलने में करीब इतना ही समय लग सकता है।
- इस मेमोरेंडम में आपदा से सेक्टरवार हुए नुकसान का ब्योरा किया जाएगा दर्ज
- यदि अतिरिक्त राहत राशि भी लेनी है तो उसका कारण भी बताना होगा
- एनडीआरएफ के अधिकारी इसके बाद मांग और वास्तविक नुकसान की तुलना करेंगे
- केंद्र की तरफ से नियुक्त की गई विशेष टीम मौके पर जाकर करेगी प्रस्ताव की तुलना
- इस टीम की रिपोर्ट का परीक्षण केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में नेशनल एक्जीक्यूटिव कमेटी की उपसमिति करेगी
- नुकसान की भरपाई राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से ही संभव होने पर एनडीआरएफ वापस कर देगा प्रस्ताव
- उपसमिति की रिपोर्ट पर गृह मंत्री की अध्यक्षता वाला उच्च स्तरीय समिति आपदा राहत राशि तय करेगी
- एनडीआरएफ से मिलने वाली राहत राशि 31 मार्च तक एसडीआरएफ के खाते में मौजूद धनराशि की 50 फीसदी होगी
3 से 6 महीने तक लगते हैं प्रक्रिया में
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, राहत राशि के आंकलन और परीक्षण की पूरी प्रक्रिया में कम से कम 3 और अधिकतम 6 महीने लग जाते हैं। इसके चलते केरल को केंद्र से मदद मिलने में करीब इतना ही समय लग सकता है।