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Karnataka: 'समाज में तनाव पैदा करने के लिए की गई टिप्पणी', CM सिद्धारमैया ने भाजपा नेता एन रवि पर साधा निशाना
Tue, 27 May 2025 04:35 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 27 May 2025 04:35 PM IST
सार
कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने भाजपा नेता एन. रवि कुमार पर उनके विवादित टिप्पणी के लिए आलोचना की है। सीएम ने कहा भाजपा नेता की तरफ से ये सब समाज में तनाव और दुश्मनी पैदा करने के लिए किया जा रहा है।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
- फोटो : PTI
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विस्तार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भारतीय जनता पार्टी के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) एन. रवि कुमार के उस बयान की कड़ी निंदा की है जिसमें उन्होंने कलबुर्गी की डिप्टी कमिश्नर (डीसी) फौजिया तरन्नुम को लेकर 'पाकिस्तान' से जोड़कर विवादास्पद टिप्पणी की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बयान समाज में दुश्मनी और नफरत फैलाने के मकसद से दिया गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा, 'जो कुछ भी भाजपा के एमएलसी रवि कुमार ने कहा है, वह पूरी तरह अनुचित है। यह समाज में दुश्मनी पैदा करने के लिए दिया गया बयान है। फौजिया तरन्नुम को इससे कुछ नहीं होगा, लेकिन इसका मकसद समाज को बांटना है। मैं इस बयान की कड़ी निंदा करता हूं।'
यह भी पढ़ें - Karnataka: भाजपा एमएलसी एन रवि कुमार के खिलाफ प्राथमिकी, कलबुर्गी की उपायुक्त पर की थी विवादित टिप्पणी
विवाद कैसे शुरू हुआ?
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब भाजपा नेता रवि कुमार ने 24 मई को 'कलबुर्गी चलो' नाम की भाजपा रैली में भाषण के दौरान फौजिया तरन्नुम पर निशाना साधते हुए कहा, 'डीसी ऑफिस की भी स्वतंत्रता खत्म हो गई है। डीसी मैडम भी कांग्रेस की बात सुनती हैं। मुझे नहीं पता कि वो पाकिस्तान से आई हैं या यहां की आईएएस अधिकारी हैं।' उनके इस बयान से भारी विवाद खड़ा हो गया। सोशल मीडिया पर विरोध के साथ-साथ कई सामाजिक संगठनों और प्रगतिशील समूहों ने इसे 'अपमानजनक और सांप्रदायिक' बताया और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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भाजपा नेता रवि कुमार पर एफआईआर दर्ज
कलबुर्गी के स्टेशन बाजार पुलिस थाने में रवि कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर भाजपा रैली में दिए गए उनके बयान के आधार पर की गई है। रवि कुमार वर्तमान में विधान परिषद में विपक्ष के मुख्य सचेतक हैं।
कौन हैं फौजिया तरन्नुम?
फौजिया तरन्नुम इस समय कलबुर्गी की डिप्टी कमिश्नर (डीसी) के रूप में कार्यरत हैं। डीसी जिला प्रशासन की प्रमुख अधिकारी होती हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर विकास कार्यों की निगरानी तक की जिम्मेदारी निभाती हैं।
यह भी पढ़ें - TMC: टीएमसी सांसदों ने की संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग, पीएम को लिखा पत्र, कहा- ऑपरेशन सिंदूर पर हो चर्चा
भाजपा ने क्यों किया विरोध प्रदर्शन?
24 मई को भाजपा ने कलबुर्गी में 'कलबुर्गी चलो' रैली आयोजित की थी। यह प्रदर्शन कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे को कैबिनेट से हटाने की मांग को लेकर किया गया था। इस प्रदर्शन की वजह 21 मई की एक घटना है, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चित्तापुर (प्रियांक खरगे की विधानसभा सीट) में एक गेस्ट हाउस का घेराव कर दिया था। उस गेस्ट हाउस में विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी ठहरे हुए थे। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें डराने और धमकाने की कोशिश की।
सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
रवि कुमार के बयान को लेकर सिविल सोसाइटी और मानवाधिकार संगठनों ने गहरा रोष जताया है। उनका कहना है कि इस तरह के बयान प्रशासनिक अधिकारियों की छवि को धूमिल करते हैं और समाज में धार्मिक विभाजन को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने मांग की है कि रवि कुमार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि ऐसे बयान दोबारा न दोहराए जाएं।
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विवाद कैसे शुरू हुआ?
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब भाजपा नेता रवि कुमार ने 24 मई को 'कलबुर्गी चलो' नाम की भाजपा रैली में भाषण के दौरान फौजिया तरन्नुम पर निशाना साधते हुए कहा, 'डीसी ऑफिस की भी स्वतंत्रता खत्म हो गई है। डीसी मैडम भी कांग्रेस की बात सुनती हैं। मुझे नहीं पता कि वो पाकिस्तान से आई हैं या यहां की आईएएस अधिकारी हैं।' उनके इस बयान से भारी विवाद खड़ा हो गया। सोशल मीडिया पर विरोध के साथ-साथ कई सामाजिक संगठनों और प्रगतिशील समूहों ने इसे 'अपमानजनक और सांप्रदायिक' बताया और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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भाजपा नेता रवि कुमार पर एफआईआर दर्ज
कलबुर्गी के स्टेशन बाजार पुलिस थाने में रवि कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर भाजपा रैली में दिए गए उनके बयान के आधार पर की गई है। रवि कुमार वर्तमान में विधान परिषद में विपक्ष के मुख्य सचेतक हैं।
कौन हैं फौजिया तरन्नुम?
फौजिया तरन्नुम इस समय कलबुर्गी की डिप्टी कमिश्नर (डीसी) के रूप में कार्यरत हैं। डीसी जिला प्रशासन की प्रमुख अधिकारी होती हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर विकास कार्यों की निगरानी तक की जिम्मेदारी निभाती हैं।
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भाजपा ने क्यों किया विरोध प्रदर्शन?
24 मई को भाजपा ने कलबुर्गी में 'कलबुर्गी चलो' रैली आयोजित की थी। यह प्रदर्शन कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे को कैबिनेट से हटाने की मांग को लेकर किया गया था। इस प्रदर्शन की वजह 21 मई की एक घटना है, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चित्तापुर (प्रियांक खरगे की विधानसभा सीट) में एक गेस्ट हाउस का घेराव कर दिया था। उस गेस्ट हाउस में विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी ठहरे हुए थे। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें डराने और धमकाने की कोशिश की।
सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
रवि कुमार के बयान को लेकर सिविल सोसाइटी और मानवाधिकार संगठनों ने गहरा रोष जताया है। उनका कहना है कि इस तरह के बयान प्रशासनिक अधिकारियों की छवि को धूमिल करते हैं और समाज में धार्मिक विभाजन को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने मांग की है कि रवि कुमार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि ऐसे बयान दोबारा न दोहराए जाएं।