{"_id":"6422367b3663e09759070753","slug":"it-is-not-easy-for-the-congress-to-bring-the-opposition-on-a-single-platform-2023-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Congress vs BJP: कांग्रेस के लिए आसान नहीं है विपक्ष को एक मंच पर लाने की मुहिम","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Congress vs BJP: कांग्रेस के लिए आसान नहीं है विपक्ष को एक मंच पर लाने की मुहिम
Tue, 28 Mar 2023 06:06 AM IST
Jeet Kumar
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली।
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 28 Mar 2023 06:06 AM IST
सार
बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कांग्रेस को दिल बड़ा करते हुए भाजपा से लड़ने के लिए क्षेत्रीय दलों को कमान देने की सलाह दी है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मानहानि मामले में राहुल गांधी को मिली सजा और लोकसभा की सदस्यता रद्द होने के मुद्दे पर विपक्षी एकता मजबूत हुई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस को गैर कांग्रेस मोर्चा के हिमायती दलों टीएमसी, सपा, बीआरएस के अलावा कभी भाजपा के सबसे पुराने सहयोगियों में रहे अकाली दल, शिवसेना (उद्धव गुट) व जदयू का भी साथ मिल रहा है।
विज्ञापन
हालांकि, इस मुद्दागत एकता मामले के बीच क्षेत्रीय दलों की ओर से संभल कर बोलने जैसी नसीहतें भी मिल रही हैं। ऐसे में समर्थन का दायरा बढ़ने के बावजूद विपक्ष को एक करने की मुहिम कांग्रेस के लिए आसान नजर नहीं आ रही।
विज्ञापन
बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कांग्रेस को दिल बड़ा करते हुए भाजपा से लड़ने के लिए क्षेत्रीय दलों को कमान देने की सलाह दी है। यादव ने कहा, कांग्रेस को समझना चाहिए कि जिस राज्य में जो क्षेत्रीय दल मजबूत हैं, उनके चुनाव की कमान उन्हीं क्षेत्रीय दलों के हाथों में हो। गौरतलब है कि प. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी अरसे से कांग्रेस के समक्ष यही फार्मूला दे रही हैं।
विज्ञापन
सावरकर पर विरोध में उद्धव
विपक्षी एकता की मजबूत होती संभावनाओं के बीच विचारधारा के सवाल भी विपक्ष में टकराव के कारण बनते नजर आ रहे हैं। रविवार को उद्धव ठाकरे ने सावरकर पर टिप्पणी मामले में राहुल को सोच समझ कर बोलने की नसीहत दी और सोमवार को उनके सांसदों ने खरगे की तरफ से विपक्षी दलों के सांसदों के लिए रखे गए रात्रिभोज का बहिष्कार किया। उन्होंने सावरकर को पार्टी का आदर्श बताते हुए दो टूक कहा कि उनका अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।