फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   it is enough if all hindus say bharat mata ki jai

'अकेले ओवैसी से क्या होगा, अगर एक अरब हिंदू भारत माता की जय बोलें'

Sun, 24 Apr 2016 11:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Sun, 24 Apr 2016 11:28 AM IST
सार

  • सभी हिंदू ही भारत माता की जय बोलें तो काफी: शंकराचार्य
  • महिलाओं को उनके भले के लिए त्रयंबकेश्वर में प्रवेश से रोका
  • अयोध्या में कभी मस्जिद थी ही नहीं

विज्ञापन
it is enough if all hindus say bharat mata ki jai
शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती - फोटो : pti

विस्तार

ज्योतिष पीठ एवं द्वारिका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि सिर्फ सभी हिंदू ही भारत माता की जय बोलें तो ही काफी हैं। ओवैसी और उसके समर्थकों के भारत माता की जय न बोलने से क्या होगा। जब एक अरब हिंदू भारत माता की जय बोलेंगे तो कुछ लोग न बोलें उससे भारत में कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
विज्ञापन


जगद्गुरु शंकराचार्य शनिवार को बागपत के पक्का घाट स्थित मंदिर में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा  भारत माता की जय बोलने को लेकर बेवजह तूल दिया जा रहा है, जिसे न बोलना हो न बोले। लेकिन हिंदू तो कम से कम एकमत होकर भारत माता की जय बोलें। उन्होंने कहा पहले स्कूलों में धार्मिक एवं संस्कारित शिक्षा दी जाती थी। जिससे बच्चे संस्कारवान एवं धार्मिक बनते थे, लेकिन अब किसी स्कूल में रामायण, गीता का ज्ञान नहीं दिया जाता। क्योंकि मुसलमानों को आपत्ति हो सकती है।
विज्ञापन


एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा बद्रीनाथ, केदारनाथ, अमरनाथ सभी तीर्थों पर सभी वर्ग, सभी जाति के लोग जाते हैं, कहीं कोई जातिवाद नहीं है। दलित हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं। समाज में भेदभाव नहीं होना चाहिए, सभी एक हैं। उन्होंने कहा त्रयंबकेश्वर मंदिर की चौखट ऊंची-ऊंची हैं और जगह काफी कम हैं। जहां महिलाओं को जाने में परेशानी हो सकती है, गर्भवती महिलाओं को तो वहां जाने में मुश्किल होती ही है। भीड़ अधिक होने के चलते पुरुष तो किसी प्रकार निकल सकता है, लेकिन महिलाओं के लिए मुसीबत हो जाती है। इसलिए हमारे पूर्वजों ने महिलाओं के भले के लिए उस मंदिर में महिलाओं को न आने के लिए कहा। बाद में इसे परंपरा बना दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया सनातन धर्म सबसे प्राचीन और सर्वश्रेष्ठ है। सभी धर्मों में यह तो माना जाता है कि मरने के बाद जन्नत नसीब होती है। लेकिन जन्नत क्या है, जहां सभी ऐशो आराम हों। मोक्ष की बात सनातन धर्म के अलावा कहीं भी नहीं की गई है। मोक्ष का मतलब है सभी दुखों से मुक्ति। इससे पूर्व जगद्गुरु शंकराचार्य के पक्का घाट मंदिर में पहुंचने पर मंदिर के पुरोहित राम स्वरूप ब्रह्मचारी ने उनका जोरदार स्वागत किया। बसपा विधायक लोकेश दीक्षित ने उनकी अर्चना एवं चरण वंदना की एवं आरती उतारी।

'शनि देवता नहीं कुग्रह है'

it is enough if all hindus say bharat mata ki jai
जगद्गुरु शंकराचार्य - फोटो : gettyimages
जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा शनि को पूजने की परंपरा चल पड़ी है, मंदिर बनाए जा रहे हैं, जबकि शनि कोई देवता नहीं बल्कि कुग्रह है। जिस पर शनि की दृष्टि पड़ जाती है उसका अनिष्ट हो जाता है। भगवान गणेश के जन्म के बाद उन पर शनि की दृष्टि पड़ी तो उनका सिर काट दिया, बाद में हाथी के बच्चे का सिर लगाया गया।

जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कुछ लोग मजार पर जाकर पूजा करते हैं, जो गलत है। हिंदू सिर्फ अपने देवताओं की ही पूजा करें। हिंदू देवता ही काफी हैं पूजा करने के लिए, मजार पर हिंदुओं को जाने की जरूरत नहीं है।

द्वारिका-शारदा पीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा है कि अयोध्या में कभी मस्जिद नहीं थी, वहां राम मंदिर था और यह संतों का मुद्दा है और संत ही वहां राम मंदिर बनाएंगे। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती हरिद्वार अर्द्धकुंभ मेले से वापस लौटते हुए शनिवार शाम नगर के मोहल्ला गुजरातियान में रामनाथ संगल भवन पर बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा राम मंदिर किसी पार्टी का मुद्दा न होकर केवल संतों का मुद्दा है, संतों ने इसे बनाने का संकल्प लिया हुआ है तथा राम मंदिर वहीं बनेगा। अदालत ने विरोधियों की याचिका को खारिज करते हुए हमारे पक्ष को सही माना। इसका निर्णय हिन्दुओं के पक्ष में आएगा, वहां कभी मस्जिद थी ही नहीं और वहां शुरू से ही राममंदिर था और मंदिर ही बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में महिलाओं को किसी भी मंदिर के गर्भगृह में दर्शन करने के लिए कोई रोक नहीं है, महिलाओं का यह मुद्दा धार्मिक नहीं बल्कि राजनीतिक है। यदि वे धार्मिक महिलाएं होती तो मजार पर नहीं जाती। गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने पर जोर देते हुए स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि गाय की नस्लों को विदेशी बनाए जाने को गलत बताते हुए कहा कि इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि देशी गाय सबसे अच्छी गाय हैं और इनके विकास के लिए अधिक से अधिक प्रयास किए जाने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed