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संसद की स्थायी समिति के समक्ष अजीत मोहन के पेश होने के बाद फेसबुक का आया बयान
Thu, 03 Sep 2020 04:28 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 03 Sep 2020 04:28 AM IST
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भारत में फेसबुक पर चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच फेसबुक की तरफ से बयान जारी किया गया। सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक के प्रवक्ता ने ई-मेल के जरिए कहा कि फेसबुक एक खुला और पारदर्शी मंच बने रहने के लिए प्रतिबद्ध है।
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साथ ही ईमेल में कहा कि वह लोगों को उसके मंच पर स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्त करने की सुविधा देता रहेगा। कंपनी के बयान के बाद विवाद अभी भी जारी है।
फेसबुक की ओर से यह बयान उसके भारतीय परिचालन के प्रमुख अजीत मोहन के सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति के समक्ष पेश होने के कुछ देर बाद आया। समिति सोशल मीडिया मंचों के कथित दुरुपयोग मामले को देख रही है।
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समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति की बैठक को लेकर मीडिया की रुचि को देखते हुए मैं बस इतना कह सकता हूं, हमने फेसबुक के प्रतिनिधियों समेत इस मामले में करीब साढ़े तीन घंटे परिचर्चा की और इस पर आगे भविष्य में बातचीत को लेकर सहमत हुए।
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सोमवार को कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने दावा किया था कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने फेसबुक और व्हाट्सएप के भारत के लोकतंत्र और सामाजिक ताने-बाने पर हमला करने की करतूत का भंडाफोड़ किया है। व्हाट्सएप पर भी फेसबुक का मालिकाना हक है।
मंगलवार को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने फेसबुक के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग को पत्र लिखकर सोशल मीडिया कंपनी के कर्मचारियों द्वारा लगातार चुनावों में हार का सामना करने वाले राजनीतिक दल के समर्थकों और प्रधानमंत्री, वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों को अपशब्द कहने वालों का समर्थन करने का आरोप लगाया है।
फिलहाल फेसबुक को लेकर देश में राजनीतिक बयानबाजी काफी तेज है। फेसबुक ने भी ईमेल के जरिए भारत में अपनी स्थिति स्पष्ट की है।