बिहार शराब कांड: मानवाधिकार आयोग से जांच पर संसद में हंगामा, JDU सांसद बोले- सांविधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग
जनता दल यूनाइटेड के सांसद राजीव रंजन सिंह ने सरकार पर सांविधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बिहार सरकार को सूचित किया है कि छपरा में जहरीली शराब से हुई मौतों की जांच उनकी ओर से की जाएगी। मानवाधिकार आयोग इसमें कैसे आया?
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बिहार के सारण में जहरीली शराब पीनी से हुई मौतों की जांच मानवाधिकार आयोग को देने का मामला मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में गूंजा। राज्यसभा में शून्यकाल के आखिर में तृणमूल कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्य यह आरोप लगाते हुए सदन से बहिर्गमन कर गए कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) जांच के लिए विपक्ष शासित राज्यों का तो दौरा करता है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित उत्तर प्रदेश और गुजरात का दौरा नहीं करता। उन्होंने यह सवाल हाल ही में बिहार जहरीली शराब कांड के संदर्भ में उठाया।
तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन ने जब यह मुद्दा उठाया, उस समय शून्यकाल समापन के करीब था। उन्होंने, कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधि जांच के लिए बिहार जा रहे हैं और वे पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों का दौरा करते हैं लेकिन वे उत्तर प्रदेश और गुजरात का दौरा नहीं करते। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के सदस्य इस पर विरोध जताते हुए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करते हैं। इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रो मनोज झा ने भी यह मुद्दा उठाना चाहा था, लेकिन उन्हें आसन की ओर से इसकी अनुमति नहीं मिली।
विपक्ष ने कहा : शराब से मौत के मामले में मानवाधिकार आयोग कहां से आ गया, यह सांविधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग
लोकसभा में मुंगेर से जनता दल यूनाइटेड के सांसद राजीव रंजन सिंह ने सरकार पर सांविधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बिहार सरकार को सूचित किया है कि छपरा में जहरीली शराब से हुई मौतों की जांच उनकी ओर से की जाएगी। मानवाधिकार आयोग इसमें कैसे आया?
वहीं, दूसरी तरफ पटना साहिब से भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एनएचआरसी जांच का समर्थन किया और कहा कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को भी जांच करनी चाहिए। प्रसाद ने कहा कि जहरीली शराब से 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई। कोई पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ, विसरा नहीं रखा गया। एनएचआरसी को वहां जाना चाहिए, बाल आयोग को भी जाना चाहिए, क्योंकि मरने वालों में बच्चे, दलित, पिछड़े वर्ग शामिल हैं। यह गंभीर मुद्दा है।
पाटलिपुत्र से सांसद रामकृपाल यादव ने भी रविशंकर प्रसाद का समर्थन किया। भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने बिहार में जहरीली शराब त्रासदी में मारे गए लोगों के लिए मुआवजे की मांग की। चिराग पासवान ने बिहार में राष्ट्रपति शासन की मांग करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार जहरीली शराब से मौत की घटनाओं को दबाने की कोशिश कर रही है और महागठबंधन के नेता चुप्पी साधे बैठे हैं।