फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Isro sslv technology transfer to private sector companies show tremendous response says in space chief

ISRO: अंतरिक्ष में निजी क्षेत्र दिखा रहा गजब दिलचस्पी, SSLV तकनीक पाने के लिए 23 कंपनियों ने किया आवेदन

Thu, 14 Sep 2023 04:31 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 14 Sep 2023 04:31 PM IST
सार

इन-स्पेस ने जुलाई में निजी कंपनियों को तकनीक के स्थानांतरण के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) जारी किया था। इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 25 सितंबर है। 

विज्ञापन
Isro sslv technology transfer to private sector companies show tremendous response says in space chief
एसएसएलवी (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारत में अंतरिक्ष क्षेत्र का भविष्य सुनहरा दिखाई दे रहा है। दरअसल इसरो ने अपनी स्माल सैटेलाइट लॉन्च  व्हीकल (SSLV) तकनीक को निजी कंपनियों को स्थानांतरित करने का फैसला किया है। अब एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि इस तकनीक को पाने के लिए 23 निजी कंपनियों ने आवेदन किया है। दरअसल इसरो की साख को देखते हुए इतनी बड़ी संख्या में निजी कंपनियां अंतरिक्ष क्षेत्र में रुचि ले रही हैं। 
विज्ञापन


निजी कंपनियों ने दी जबरदस्त प्रतिक्रिया
इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन और ऑथराइजेशन सेंटर (IN-SPACe) के अध्यक्ष पवन के गोयनका ने बताया कि वह इस बात को लेकर बेहद उत्सुक हैं कि निजी क्षेत्र किस तरह एसएसएलवी तकनीक का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा कि जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है, अब तक 23 कंपनियों ने एसएसएलवी तकनीक पाने में रुचि दिखाई है। इनमें से एक को ही चुना जाएगा। बता दें कि इन-स्पेस एक स्वायत्त नोडल एजेंसी है, जो अंतरिक्ष विभाग के अंतर्गत काम करती है। इसका गठन साल 2020 में किया गया था। इस एजेंसी का गठन गैर सरकारी संस्थाओं में अंतरिक्ष गतिविधियों को बढ़ावा देने, उन्हें सक्षम बनाने और उनके काम का पर्यवेक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई थी। 
विज्ञापन


इसरो की तकनीक का निजी क्षेत्र को मिलेगा फायदा
इन-स्पेस ने जुलाई में निजी कंपनियों को तकनीक के स्थानांतरण के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) जारी किया था। इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 25 सितंबर है। गोयनका ने कहा कि हम तकनीक के हस्तानांतरण के लिए उत्सुक हैं और चाहते हैं कि इसरो की तकनीक का फायदा निजी क्षेत्र को मिले। इस क्षेत्र में बहुत कुछ हो रहा है। हम निजी कंपनियों को लॉन्च व्हीकल लॉक, स्टॉक और बैरल का पूरी तरह से निजी क्षेत्र को हस्तांतरण करने जा रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इतनी तकनीकें निजी क्षेत्र को होंगी हस्तांतरित
इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन स्पेस में अपने संबोधन के दौरान पवन के गोयनका ने ये बातें कही। इसका आयोजन कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री ने किया। गोयनका ने कहा कि यह पहली बार है, जब दुनिया में कोई एजेंसी अपने लॉन्च व्हीकल के डिजाइन की तकनीक को निजी क्षेत्र को हस्तांतरित कर रही है। 42 तकनीकें निजी क्षेत्र को हस्तांतरित की जाएंगी। इसरो इन-स्पेस के साथ मिलकर इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है। फिलहाल 19 तकनीके हस्तांतरण के लिए तैयार हैं। अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए राज्य सरकारों से भी आधारभूत ढांचे के विकास को लेकर बातचीत चल रही है। एक राज्य के साथ इस संबंध में एमओयू पर हस्ताक्षर भी हो गए हैं और अन्यों के साथ बात चल रही है। 


पवन गोयनका ने बताया कि भारत की अंतरिक्ष आधारित अर्थव्यवस्था फिलहाल 8 अरब डॉलर की है और साल 2033 तक इसके बढ़कर 44 अरब होने की उम्मीद है। बता दें कि इसरो ने सफलतापूर्वक चंद्रमा और मंगल ग्रह पर अपने अंतरिक्ष मिशन भेजकर पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। चांद की सतह पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला भारत, अमेरिका, रूस और चीन के बाद दुनिया का चौथा देश बन गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed