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लांच को तैयार पीएसएलवी सी 45, पहली बार राकेट में प्रयोग होगा सोलर पैनल
Sat, 16 Mar 2019 02:12 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sat, 16 Mar 2019 02:12 PM IST
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फाइल फोटो
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान का सबसे भरोसेमंद रॉकेट पीएसएलवी सी 45 प्रक्षेपण के लिए तैयार है। इससे जुड़ी सभी जरूरी तैयारियों को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पर अंजाम तक पहुंचाया जा रहा है।
इस अभियान में एडवांस इलेक्ट्रॉनिक खुफिया उपग्रह के इएमआईएसएटी के साथ अन्य 28 उपग्रहों को पृथ्वी की अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित किया जाएगा। पहले इसका प्रक्षेपण 21 मार्च को किया जाना था। अब इसे 1 अप्रैल को श्रीहरिकोटा से लांच किया जाएगा।
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प्रमोचन सेवादाता के रूप में पीएसएलवी कई संगठनों की पहली पसंद है तथा इसने 19 देशों के 40 से अधिक उपग्रहों को प्रमोचित किया है। साल 2008 में इसने एक प्रमोचन में सर्वाधिक, 10 उपग्रहों को विभिन्न निम्न पृथ्वी कक्षा में स्थापित करने का रिकार्ड बनाया था।
व्यास : 2.8 मी
चरणों की संख्या : 4
उत्थापन द्रव्यमान : 320 टन (एक्स.एल.)
प्रकार : 3 पीएसएलवी-जी, पीएसएलवी-सीए, पीएसएलवी-एक्सएल)
पहली उड़ान : सितंबर 20, 1993
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इस अभियान में एडवांस इलेक्ट्रॉनिक खुफिया उपग्रह के इएमआईएसएटी के साथ अन्य 28 उपग्रहों को पृथ्वी की अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित किया जाएगा। पहले इसका प्रक्षेपण 21 मार्च को किया जाना था। अब इसे 1 अप्रैल को श्रीहरिकोटा से लांच किया जाएगा।
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रॉकेट के चौथे चरण में प्रयोग होगा सोलर पैनल
इसरो पीएसएलवी सी 45 में पहली बार चौथे चरण में सोलर पैनल का प्रयोग करने जा रहा है। इसरो प्रमुख के सिवन ने बताया कि सफल प्रक्षेपण के लिए 4 मार्च को पहले से तय तिथि को बदला गया है। अब यह प्रक्षेपण 1 अप्रैल को होगा।
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पहली बार एक साथ तीन कक्षाओं में भेजे जाएंगे उपग्रह
इस राकेट के द्वारा तीन विभिन्न कक्षाओं में उपग्रहों को प्रक्षेपित किया जाएगा। इससे पहले इसरो ने एक राकेट के द्वारा अधिकतम 2 कक्षाओं में ही उपग्रहों को प्रक्षेपित किया है।चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण भी अगले माह
अप्रैल महीने के अंत में इसरो चंद्रयान 2 का प्रक्षेपण करने की तैयारी कर रहा है। इस मिशन में जीएसएलवी मार्क 3 रॉकेट का प्रयोग किया जाएगा।अन्य प्रक्षेपण भी कतार में
पीएसएलवी सी 46 द्वारा पृथ्वी अवलोकन उपग्रह कार्टोसेट का जबकि पीएसएलवी सी-47 द्वारा रणनीतिक बढ़त के लिए राडार इमेजिंग सेटेलाइट रिसेट 2 बीआर 1 का प्रक्षेपण किया जाएगा। हालांकि अभी इस प्रक्षेपण की तारीखें घोषित नहीं हुई हैं।क्या है पीएसएलवी
ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचन वाहन (पीएसएलवी), विश्व के सर्वाधिक विश्वसनीय प्रमोचन वाहनों में से एक है। यह गत 20 वर्षो से भी अधिक समय से अपनी सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। इसने चंद्रयान-1, मंगल मिशन, अंतरिक्ष कैप्सूल (स्पेस कैप्सूल रिकवरी एक्सपरिमेंट), भारतीय क्षेत्रीय दिशानिर्देशन उपग्रह प्रणाली (आईआरएनएसएस) आदि जैसे अनेक ऐतिहासिक मिशनों के लिए उपग्रहों का प्रमोचन किया है।प्रमोचन सेवादाता के रूप में पीएसएलवी कई संगठनों की पहली पसंद है तथा इसने 19 देशों के 40 से अधिक उपग्रहों को प्रमोचित किया है। साल 2008 में इसने एक प्रमोचन में सर्वाधिक, 10 उपग्रहों को विभिन्न निम्न पृथ्वी कक्षा में स्थापित करने का रिकार्ड बनाया था।
रॉकेट की विशेषताऍं
ऊंचाई : 44 मीव्यास : 2.8 मी
चरणों की संख्या : 4
उत्थापन द्रव्यमान : 320 टन (एक्स.एल.)
प्रकार : 3 पीएसएलवी-जी, पीएसएलवी-सीए, पीएसएलवी-एक्सएल)
पहली उड़ान : सितंबर 20, 1993