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स्पैडेक्स मिशन: डॉकिंग प्रयोग के आज प्रारंभिक स्थिति में पहुंचने की उम्मीद, ISRO ने रोका उपग्रहों के बीच विचलन
Fri, 10 Jan 2025 05:19 AM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: शिव शुक्ला
Updated Fri, 10 Jan 2025 05:19 AM IST
सार
इसरो डॉकिंग प्रयोग को दो बार रद्द कर चुका है। पहला 7 जनवरी को और फिर 9 जनवरी को। इसरो ने डॉकिंग प्रयोग को स्थगित करने पर कहा था कि उपग्रहों के 225 मीटर की दूरी तक पहुंचने के लिए अभ्यास करते समय दृश्यता न होने के बाद विचलन अपेक्षा से अधिक पाया गया।
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इसरो ने रोका उपग्रहों के बीच होने वाला विचलन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि उसने अपने महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग (स्पैडेक्स) के दौरान उपग्रहों के बीच होने वाले विचलन को रोक लिया है। इसरो ने उपग्रहों को एक-दूसरे के करीब लाने के लिए धीमी गति से विचलन मार्ग पर रखा है। डॉकिंग प्रयोग के शुक्रवार को प्रारंभिक स्थिति में पहुंचने की उम्मीद है।
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इसरो ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में इस बात की जानकारी दी। इसमें बताया गया कि उपग्रहों को एक-दूसरे के करीब लाने के लिए धीमी गति से गतिमान कर दिया गया है। शुक्रवार तक इसके आरंभिक अवस्था में पहुंचने की उम्मीद है।
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दो बार रद्द हो चुकी है डॉकिंग
इसरो डॉकिंग प्रयोग को दो बार रद्द कर चुका है। पहला 7 जनवरी को और फिर 9 जनवरी को। इसरो ने डॉकिंग प्रयोग को स्थगित करने पर कहा था कि उपग्रहों के 225 मीटर की दूरी तक पहुंचने के लिए अभ्यास करते समय दृश्यता न होने के बाद विचलन अपेक्षा से अधिक पाया गया। यह देखते हुए तय डॉकिंग प्रयोग स्थगित कर दिया गया था।
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साबित होगा मील का पत्थर
इसरो के मुताबिक, स्पैडेक्स महत्वपूर्ण परियोजना है। इसे दो छोटे उपग्रहों का उपयोग कर अंतरिक्षयान के मिलन, डॉकिंग और अनडॉकिंग के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकी को विकसित करने और प्रदर्शित करने के लिए डिजाइन किया गया है। स्पैडेक्स अंतरिक्ष डॉकिंग में भारत की क्षमताओं को आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा, जो उपग्रह सेवा, अंतरिक्ष स्टेशन संचालन और अंतरग्रहीय मिशनों सहित भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीक है। यह प्रौद्योगिकी भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं जैसे चंद्रमा पर मानव भेजना, चंद्रमा से नमूने वापस लाना, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) का निर्माण और संचालन के लिए आवश्यक है।