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चंद्रयान-2 मिशन के लिए बड़ी कामयाबी, आर्बिटर से अलग हुआ लैंडर विक्रम

Fri, 06 Sep 2019 11:43 AM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Trainee Trainee Updated Fri, 06 Sep 2019 11:43 AM IST
सार

  • चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से लैंडर 'विक्रम' को सफतालपूर्वक अलग कर दिया गया
  • एक बजकर पंद्रह मिनट पर अलग किया गया लैंडर 
  • सात सितंबर को चांद की सतह पर लैंड करेगा
  • ‘लैंडर’ का नाम भारत के अंतरिक्ष मिशन के जनक विक्रम साराभाई के नाम पर ‘विक्रम’ रखा गया है

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ISRO confirms Chandrayaan-2 orbiter successfully separated from 'Vikram' lander
चंद्रयान-2 - फोटो : इसरो

विस्तार

भारत के महत्वाकांक्षी चंद्रयान-2 मिशन को लेकर आज एक बड़ी खबर आई। इसरो के वैज्ञानिकों ने आज चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से लैंडर 'विक्रम' को सफतालपूर्वक अलग कर दिया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चंद्रयान-2 को पहले ही चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करा चुका है। इसके बाद आज इसरो ने चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से लैंडर 'विक्रम' को अलग करने की प्रक्रिया की। इस प्रक्रिया से चंद्रयान-2 चांद के ओर करीब पहुंच गया है। 

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि यह प्रक्रिया अपराह्न 12 बजकर 45 मिनट पर शुरू हुई और एक बजकर 15 मिनट पर ऑर्बिटर से ‘विक्रम’ अलग हो गया। लैंडर विक्रम सात सितंबर को तड़के डेढ़ बजे से ढ़ाई बजे के बीच चंद्रमा की सतह पर उतरेगा। 
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आज यानि दो सितंबर को लैंडर ‘विक्रम’ ऑर्बिटर से अलग होने के बाद यह सात सितंबर को चंद्रमा के दक्षिणी धुव्र पर उतरेगा। दक्षिणी धुव्र पर पहुंचने वाला भारत दुनिया का पहला देश होगा। भारत से पहले रुस, अमेरिका और चीन चांद की सतह पर पहुंच चुके हैं लेकिन वे चंद्रमा के दक्षिणी धुव्र पर कभी नहीं पहुंचे हैं। 


इसरो के एक अधिकारी ने बताया कि जी हां, यह सफलतापूर्वक अलग हो गया। लैंडर अब सात सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में रात एक बजकर 55 मिनट पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करेगा। लैंडर के चांद की सतह पर उतरने के बाद इसके भीतर से ‘प्रज्ञान’ नाम का रोवर बाहर निकलेगा और अपने छह पहियों पर चलकर चांद की सतह पर अपने वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देगा।

इसरो के वैज्ञानिकों का कहना है कि चांद पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ चंद्र मिशन-2 का सबसे जटिल चरण है। यदि सबकुछ ठीक रहता है तो अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत चांद पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। इसके साथ ही अंतरिक्ष इतिहास में भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरने वाला दुनिया का पहला देश बन जाएगा। 

‘लैंडर’ का नाम भारत के अंतरिक्ष मिशन के जनक विक्रम साराभाई के नाम पर ‘विक्रम’ रखा गया है।

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