V Narayanan: इसरो प्रमुख बोले- विकसित भारत-2047 में देंगे योगदान, 2015-25 में लॉन्च किए दोगुने अंतरिक्ष मिशन
राष्ट्रीय सम्मेलन 2025 में इसरो अध्यक्ष वी नारायणन ने कहा कि भारत विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में अंतरिक्ष विज्ञान से अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि आज देश में 55 अंतरिक्ष अनुप्रयोग सक्रिय हैं और भारत अब विकसित देशों के साथ खड़ा है। 2015-2025 में इसरो ने पिछले दशक की तुलना में दोगुने मिशन लॉन्च किए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने शुक्रवार को राष्ट्रीय सम्मेलन 2025 के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम विकसित भारत-2047 में योगदान देंगे। उन्होंने सम्मेलन को नागरिकों तक अंतरिक्ष अनुप्रयोग पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
नारायणन ने कहा कि आज 55 अंतरिक्ष अनुप्रयोग हैं। इनमें टेलीविजन प्रसारण और मौसम पूर्वानुमान शामिल हैं। ये उपग्रह हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने देश की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 50 साल पहले भारत के पास उपग्रह तकनीक नहीं थी।
ये भी पढ़ें:- VP Election: पद सांविधानिक पर बयान सियासी; BJP नेता विपक्षी प्रत्याशी पर बोले- जज रहते जो फैसला दिया, हिंसा...
पिछले महीने, 30 जून को निसार (नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार) सैटेलाइट विश्व का सबसे महंगा उपग्रह बन गया। यह पूरी तरह इसरो द्वारा निर्मित और हमारे रॉकेट से कक्षा में स्थापित किया गया। आज हम विकसित देशों के कंधे से कंधा मिला कर खड़े हैं। उन्होंने 2025 की प्रमुख उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा, 29 जनवरी को हमने 100वें रॉकेट का प्रक्षेपण किया। 2015-2025 में इसरो ने 2005-2015 की तुलना में लगभग दोगुने मिशन लॉन्च किए।
ये भी पढ़ें:- OpenAI India Office: ओपनएआई इस साल भारत में खोलेगा अपना पहला दफ्तर, अगले महीने आएंगे संस्थापक सैम ऑल्टमैन
इसरो को अत्याधुनिक तकनीक पर ध्यान केंद्रित करने की पूरी स्वतंत्रता : पीके मिश्रा
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि सरकार की ओर से शुरू किए गए अंतरिक्ष सेक्टर में सुधारों ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को नवोन्मेषी और लचीला बना दिया है। इन सुधारों की वजह से इसरो अब अत्याधुनिक तकनीक और डीप स्पेस मिशनों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए स्वतंत्र है, जबकि अनुप्रयोग और सेवाओं का दायित्व तेजी से विकसित हो रहे निजी क्षेत्र को सौंपा गया है। मिश्रा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की पूर्व संध्या पर इसरो की ओर से आयोजित नेशनल मीट-2 को संबोधित कर रहे थे।