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ISRO: चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण अगले साल जून में, इसरो अध्यक्ष ने गगनयान पर कही यह बड़ी बात
Thu, 20 Oct 2022 08:24 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 20 Oct 2022 08:24 PM IST
सार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने एक कार्यक्रम से इतर कहा कि चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण अगले साल जून में लॉन्च व्हीकल मार्क-3 (एलवीएम3) से होगा।
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ISRO
- फोटो : social media
विस्तार
मिशन चंद्रयान-3 को लेकर बड़ा अपडेट आ रहा है। बताया जा रहा है कि इसरो की योजना अगले साल जून में चंद्रमा पर अपने तीसरे मिशन चंद्रयान-3 को और अधिक मजबूत चंद्र रोवर के साथ लॉन्च करने की है। यह भविष्य के मिशनों के लिए भी मददगार होगा। अंतरिक्ष एजेंसी ने अगले साल की शुरुआत में देश के पहले मानव अंतरिक्ष यान गगनयान के लिए 'एबॉर्ट मिशन' की पहली परीक्षण उड़ान भी तैयार की है।
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने एक कार्यक्रम से इतर कहा कि चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण अगले साल जून में लॉन्च व्हीकल मार्क-3 (एलवीएम3) से होगा। इसरो की योजना 2024 के अंत तक भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को कक्षा में ले जाने की है। दरअसल, सितंबर 2019 में चंद्रयान-2 मिशन पर विक्रम लैंडर के चंद्रमा की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद चंद्रमा पर रोवर उतारने का भारत का पहला प्रयास विफल हो गया था।
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सोमनाथ ने कहा कि चंद्रयान-3 अब तैयार है। यह चंद्रयान-2 की प्रतिकृति नहीं है। रोवर वहां है। इंजीनियरिंग काफी अलग है। हमने इसे और अधिक मजबूत बनाया है ताकि पिछली बार की तरह समस्या न हो। इसरो के अध्यक्ष ने कहा कि कई बदलाव हैं। इंपैक्ट लेग्स पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हैं। इसमें बेहतर उपकरण होंगे। इस बार वह समस्या नहीं आएगी, जो पिछली बार आई थीं।
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मानव अंतरिक्ष यान गगनयान पर सोमनाथ ने कहा कि इसरो वास्तव में मनुष्यों को अंतरिक्ष में ले जाने से पहले छह परीक्षण उड़ानें करेगा। गगनयान मिशन की तैयारी धीमी और स्थिर गति से चल रही है। उन्होंने कहा कि इसे आगे बढ़ाने का यह सही तरीका है। यह एक बहुत ही जटिल मिशन है। हम इसके बारे में दावा नहीं कर सकते हैं।