फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ISRO aditya l1 mission big success detects solar wind impact of coronal mass ejections

ISRO: आदित्य एल-1 मिशन को मिली कामयाबी, सूर्य की सतह पर होने वाले कोरोनल मास इजेक्शन को लेकर किया अहम खुलासा

Fri, 23 Feb 2024 02:23 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 23 Feb 2024 02:23 PM IST
सार

पेलोड PAPA को पवन ऊर्जा इलेक्ट्रॉन और आयन की समीक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें दो सेंसर सोलर विंड इलेक्ट्रॉन एनर्जी प्रोब (SWEEP) और सोलर विंड आयन कंपोजिशन एनालाइजर (SWICAR) लगे हैं। SWEEP सेंसर 10 eV से लेकर 3 KeV की रेंज के इलेक्ट्रॉन की गणना करता है।

विज्ञापन
ISRO aditya l1 mission big success detects solar wind impact of coronal mass ejections
आदित्य एल1 मिशन (सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इसरो के सौर मिशन आदित्य एल1 को बड़ी कामयाबी मिली है। दरअसल आदित्य एल1 पर लगे एक पेलोड के एडवांस्ड सेंसर ने सूर्य की सतह पर होने वाले कोरोनल मास इजेक्शन के प्रभाव को लेकर अहम खुलासा किया है। सेंसर से कोरोनल मास इजेक्शन के दौरान भारी संख्या में सौर पवन में इलेक्ट्रॉन और आयन की संख्या में जबरदस्त इजाफा देखा गया। जिस पेलोड के सेंसर्स ने यह पता लगाया है, वह प्लाज्मा एनालाइजर पैकेज फॉर आदित्य (PAPA) है। 
विज्ञापन


आदित्य एल1 पर लगे पेलोड ने दी अहम जानकारी
इसरो ने बताया कि पेलोड PAPA को पवन ऊर्जा इलेक्ट्रॉन और आयन की समीक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें दो सेंसर सोलर विंड इलेक्ट्रॉन एनर्जी प्रोब (SWEEP) और सोलर विंड आयन कंपोजिशन एनालाइजर (SWICAR) लगे हैं। SWEEP सेंसर 10 eV से लेकर 3 KeV की रेंज के इलेक्ट्रॉन की गणना करता है। वहीं SWICAR 10eV से लेकर 25 KeV के बीच के इलेक्ट्रॉन की गणना करता है। इन सेंसर्स की मदद से सौर पवन की दिशा का भी पता लगाया जा सकता है। पेलोड PAPA को विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर की स्पेस फिजिक्स लेबोरेट्री एंड एवियोनिक्स एनटिटी द्वारा विकसित किया गया है। इसरो ने बताया कि सूर्य की सतह पर कोरोनल मास इजेक्शन की घटना को पहले 15 दिसंबर 2023 को और फिर 10-11 फरवरी 2024 को पेलोड PAPA द्वारा दर्ज की गई। 
विज्ञापन


पेलोड PAPA को विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर की स्पेस फिजिक्स लेबोरेट्री एंड एवियोनिक्स एनटिटी द्वारा विकसित किया गया है। इसरो ने बताया कि सूर्य की सतह पर कोरोनल मास इजेक्शन की घटना को पहले 15 दिसंबर 2023 को और फिर 10-11 फरवरी 2024 को पेलोड PAPA द्वारा दर्ज की गई। इसरो ने बयान जारी कर बताया है कि 15 दिसंबर, 2023 को एक बार कोरोना मास इजेक्शन की प्रक्रिया हुई। इस दौरान पेलोड PAPA ने पाया कि कुल इलेक्ट्रॉन और आयन गिनती में अचानक वृद्धि हुई और एल1 बिंदु पर डीप स्पेस क्लाइमेट ऑब्जर्वेटरी और एडवांस्ड कंपोजिशन एक्सप्लोरर उपग्रहों से प्राप्त समय भिन्नता और सौर पवन मापदंडों और चुंबकीय क्षेत्र माप में भी समानता पाई गई। वहीं 10-11 फरवरी को हुई कोरोनल मास इजेक्शन की छोटी-छोटी कई घटनाएं हुईं और उस दौरान इलेक्ट्रॉन आयन और समय भिन्नता में अंतर मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन


बीते साल 2 सितंबर को लॉन्च हुआ था आदित्य एल1
आदित्य एल1 पर लगे पेलोड लगातार सौर पवन का अध्ययन कर रहे हैं। आदित्य एल1 से मिली ये जानकारी अंतरिक्ष के मौसम का मॉनिटरिंग करने में अहम साबित हो सकती है। इसरो ने बीते साल 2 सितंबर को अपने लॉन्च व्हीकल पीएसएलवी-सी57 से आदित्य एल1 मिशन को लॉन्च किया था। आदित्य एल1 पर सूर्य के अध्ययन के लिए सात पेलोड लगे हैं, जिनमें चार पेलोड सूरज से आने वाली रोशनी की समीक्षा के लिए और तीन पेलोड सूर्य के प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र का अध्ययन कर रहे हैं। आदित्य एल1 को हैलो ऑर्बिट लैग्रेजियन पॉइंट एल1 पर रखा गया है। यह धरती से 15 लाख किलोमीटर दूर है और यहां से लगातार सूर्य पर नजर रखी जा सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed