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Bangladesh News: बांग्लादेश में हिंदुओं से ज्यादती: कट्टरपंथियों के खिलाफ इस्कॉन श्रद्धालु एकजुट, दुनिया के 700 मंदिरों पर प्रदर्शन
Sat, 23 Oct 2021 11:33 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता/नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता/नई दिल्ली।
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sat, 23 Oct 2021 11:33 AM IST
सार
16 अक्टूबर को बांग्लादेश स्थित इस्कॉन मंदिर में भीड़ ने हमला कर दिया था। इस हमले में एक श्रद्धालु की बर्बर तरीके से हत्या की गई थी।
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Bangladesh: कोलकाता में विरोध प्रदर्शन करते इस्कॉन श्रद्धालु
- फोटो : ANI
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विस्तार
बांग्लादेश में हो रहे 'हिंदुओं के नरसंहार' के खिलाफ इस्कॉन के आह्वान पर दुनियाभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। बांग्लादेश के नोआखली में कट्टरपंथी इस्लामिक भीड़ ने इस्कॉन मंदिर में एक भक्त की हत्या कर दी थी। 15 अक्तूबर की इस घटना के बाद से इस्कॉन से जुड़े कृष्ण भक्त 150 देशों में अपने 700 इस्कॉन मंदिरों में की कीर्तन के जरिये बांग्लादेश में हो रहे नरसंहार का विरोध कर रहे हैं।
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भारत में भी शनिवार को इस्कॉन के साथ आरएसएस व विहिप ने भी प्रदर्शन किया। कोलकाता के इस्कॉन मंदिर के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने कहा, बांग्लादेश में 10 दिनों तक चले हिंसा के क्रूर चक्र में कई हिंदू मारे गए और छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म किया गया। आखिर हम हिंदू कब तक ऐसे ही मरते रहेंगे? यह वहां हमेशा से होता आ रहा है।
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इस्कॉन के राष्ट्रीय संचार निदेशक व्रजेंद्रानंदन दास कहते हैं, हम बांग्लादेश सरकार से मांग करते हैं कि हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का भरोसा दें। अहमदाबाद के इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष कलानाथ चैतन्यदास ने कहा, इस नरसंहार से पूरी दुनिया में हिंदू समुदाय स्तब्ध है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो हिंदू कहां जाएंगे?
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एक श्रद्धालु की हुई थी मौत
16 अक्तूबर को बांग्लादेश के नोआखाली में उपद्रवी भीड़ द्वारा इस्कॉन मंदिर पर हमला कर दिया गया था। इस दौरान भीड़ ने मंदिर परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की, जिसमें से श्रद्धालु की मौत भी हो गई थी। इसके अलावा घटना से पहले भी दुर्गा पंडालों को बांग्लादेश में कई जगह निशाना बनाया गया था। इन हमलों में भी चार हिंदुओं की मौत हो गई थी।
लगाई गई थी आग
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के क्रम में कई हिंदू परिवारों के घरों में भी आग लगा दी गई थी। इन हमलों में 20 से ज्यादा घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए थे।
हिंदू विरोधी हिंसा भड़काने वाला दूसरा प्रमुख संदिग्ध भी गिरफ्तार
बांग्लादेश की सुरक्षा एजेंसियों ने शनिवार को 30 साल के शैकत मंडल को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तार शख्स को दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान बांग्लादेश में मंदिरों पर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और भीड़ हमलों के पीछे दूसरा प्रमुख संदिग्ध माना जा रहा है।
बांग्लादेश में रैपिड एक्शन बटालियन ने बताया, इस दूसरे प्रमुख संदिग्ध ने फेसबुक पर लाइव करते हुए लोगों को उकसाया और हिंसा भड़काई। 17 अक्तूबर को मंडल की फेसबुक पोस्ट के बाद पीरगंज में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में हिंदुओं के कम से कम 70 घरों और दुकानों को आग लगा दी गई थी।
विहिप ने यूएन-ईयू से नरसंहार रुकवाने की गुहार
विहिप के अंतरराष्ट्रीय मामलों के संयुक्त सचिव स्वामी विज्ञानानंद ने यूएनएचआरसी, संयुक्त राष्ट्र व यूरापीय संघ को पत्र लिखकर बांग्लादेश में हिंदुओं के नरसंहार को रुकवाने की गुहार लगाई है। उन्होंने लिखा है, मामले की जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय आयोग बनाया जाए। जिहादी संगठनों पर मुकदमा चलाने व निहित संपत्ति अधिनियम, 2013 को निरस्त करने के लिए बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाया जाए।