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कश्मीर का नेपाल कनेक्शन : आतंकियों को पड़ोसी मुल्क के जरिए मदद दे रही आईएसआई
Wed, 19 Jun 2019 05:30 AM IST
संदीप भट्ट
गुंजन कुमार, नई दिल्ली
गुंजन कुमार, नई दिल्ली
Published by: संदीप भट्ट
Updated Wed, 19 Jun 2019 05:30 AM IST
सार
- भारत और नेपाल की एजेंसियां नेटवर्क तोड़ने में जुटीं
- मार्च-अप्रैल में घाटी के कम से कम छह स्थानीय आतंकियों ने किया नेपाल का दौरा
- सीमावर्ती इलाकों में लश्कर के ठिकाने मजबूत करने का खुलासा
- कश्मीर में सुरक्षा बलों की सख्ती से आईएसआई परेशान
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विस्तार
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने कश्मीर के स्थानीय आतंकियों और अलगाववादियों की मदद करने के लिए नेपाल में अपना नेटवर्क तैयार किया है।
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ताजा खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च और अप्रैल में कश्मीर के कम से कम छह स्थानीय आतंकियों ने अलग-अलग टुकड़ियों में नेपाल का दौरा किया था, जहां उनकी मुलाकात हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) और जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलरों से हुई थी। इस दौरान 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले की जांच के दौरान भी घाटी के आतंकी तंत्र का तार नेपाल से जुड़ता पाया गया है।
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रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि नेपाल में मौजूद लश्कर-ए-ताइबा का हैंडलर मोहम्मद उमर मंडी इस पड़ोसी देश की सीमा से लगे भारतीय शहरों गोरखपुर, फैजाबाद और दरभंगा आदि में अपना ठिकाना मजबूत करने की फिराक में है।
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इस सिलसिले में मंडी ने पिछले दिनों कोलकाता का भी दौरा किया है। खुफिया एजेंसी की तरफ से गृहमंत्रालय को सौंपी गई ताजा रिपोर्ट में विस्तार से जिक्र है कि पुलवामा हमले के बाद नेपाल से करीब दस आतंकियों ने घाटी में प्रवेश किया है। सूत्रों ने बताया कि इस नेटवर्क को तोड़ने में भारत और नेपाल की एजेंसियां साझा ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।
सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को कश्मीर में सैन्य कार्रवाई में मारे गए पुलवामा हमले से जुड़े आतंकी साजिद बट और तौसिफ बट का सुराग आईएसआई के इसी नेपाली नेटवर्क में मौजूद अपने खुफिया सूत्रों से मिला था। सूत्रों ने बताया कि नेपाल में आईएसआई समर्थित आतंकी तंत्र बहुत पहले से काम कर रहा है। लेकिन उसके कश्मीर कनेक्शन का सुराग पहली बार मिला है।
इस कारण अपनाया है यह रास्ता
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, नियंत्रण रेखा (एलओसी), अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) और घाटी के भीतर सुरक्षा बलों की जबरदस्त सख्ती की वजह से आईएसआई को यह नया रास्ता ढूंढना पड़ा है। पाकिस्तान से घुसपैठ लगभग बंद है। घाटी में आतंकियों, अलगाववादियों और टेरर फंडिंग पर अंकुश की सूरत में नेपाल से धन, छोटी मात्रा में विस्फोटक और आईईडी जैसे हथियार मुहैया कराए जाने के ठोस सुराग मिले हैं।