इशरत एनकाउंटरः चिदबरंम के बहाने भाजपा ने सोनिया को घेरा
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इशरत जहां मुठभेड़ मामले में नये खुलासे के बाद भाजपा ने सीधे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री और पार्टी की वरिष्ठ नेता निर्मला सीतारमण ने कहा कि अब यह पूरी तरह साफ हो गया कि एक आतंकवादी को क्लीन चिट देने के लिए तत्कालीन गृह मंत्री ने उस समय की यूपीए सरकार की ओर से पेश हलफनामे में बदलाव किया।
गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री को किसी भी तरह से घेरने की साजिश के तहत कांग्रेस अध्यक्ष के इशारे पर हलफनामे में बदलाव किया गया।
एक समाचार चैनल ने आरटीआई से प्राप्त जानकारी के आधार पर दावा किया है कि इशरत जहां से जुड़े मामले में खुद चिदंबरम ने बदलाव किया। पहले इशरत को आतंकी बताए जाने के बाद खुद चिदंबरम के हस्तक्षेप के बाद नए हलफनामे में कहा गया कि इशरत के आतंकी होने के सबूत नहीं हैं।
आतंकी ठहराने के हलफनामे पर चिदबंरम ने किए थे हस्ताक्षर, बाद में बदले
इस दावे के बाद सीतारमण ने कहा कि इशरत से जुड़े दोनों हलफनामे चिदंबरम द्वारा ही तैयार किए जाने की बात सिद्ध हो गई है। इस पर चिदंबरम के हस्ताक्षर हैं। तत्कालीन गृह मंत्री ने मान लिया था कि वो भाजपा से राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ सकते, इसलिए सारे मामले को दूसरा रंग दे दिया गया।
यह प्रचारित किया गया कि एक मासूम लड़की को फर्जी मुठभेड़ में मार दिया गया। इसमें सीधे-सीधे सोनिया गांधी की अहम भूमिका है। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन यूपीए सरकार और कांग्रेस ने इस मामले में सियासी लाभ लेने की कोशिश की।
अब नये खुलासे के बाद ऐसे लोगों को देश को गुमराह करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महज वोट बैंक के लिए इन लोगों ने देश के पूरे सुरक्षा नेटवर्क को कमजोर किया। आईबी, सीबीआई और स्थानीय पुलिस को आपस में लड़ा दिया।