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Bengal: बंगाल में नहीं थम रही हिंसा, पुलिस से भिड़े आईएसएफ समर्थक, बवाल के बाद हाई अलर्ट

Mon, 14 Apr 2025 10:20 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 14 Apr 2025 10:20 PM IST
सार

बंगाल में वक्फ कानून के विरोध में प्रदर्शन जारी हैं। मुर्शिदाबाद के कई जिले हिंसा की आग में झुलस रहे हैं, जिसके चलते लोगों का पलायन भी हुआ है। अब दक्षिण 24 परगना में भी आईएसएफ के समर्थक पुलिस से भिड़ गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के कई वाहन फूंक दिए। कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। 

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ISF workers clash with police in Bengal during Waqf protest several injured vehicles torched update
बंगाल में हिंसा - फोटो : PTI

विस्तार

बंगाल में वक्फ कानून को लेकर जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा घटना में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के समर्थक पुलिस से भिड़ गए। इस दौरान जमकर बवाल हुआ। हिंसा में कई लोगों के घायल होने की खबर है और कई पुलिस वाहनों को आग लगा दी गई। यह हिंसा बंगाल के दक्षिण 24 परगना में हुई। यह झड़प तब हुई, जब पुलिस ने आईएसएफ समर्थकों को पार्टी के नेता और भांगर विधायक नौशाद सिद्दीकी की रैली में जाने से रोकने की कोशिश की। नौशाद सिद्दीकी की रैली कोलकाता के रामलीला मैदान में हुई। पुलिस का कहना है कि इस रैली के लिए पुलिस की अनुमति नहीं थी। 
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कैसे भड़की हिंसा
पुलिस ने बताया रैली में शामिल होने कोलकाता जा रहे आईएसएफ समर्थकों को दक्षिण 24 परगना में बसंती राजमार्ग पर भोजेरहाट के पास रोका गया। यहां पर मीनाखान और संदेशखाली से भी बड़ी संख्या में आईएसएफ समर्थक भी इकट्ठा थे। पुलिस द्वारा रोके जाने पर भीड़ ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिससे तनाव बढ़ गया। इसके बाद हिंसा शुरू हो गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शकारियों ने कुछ पुलिस वाहनों में आग लगा दी। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसमें एक आईएसएफ समर्थक के सिर में चोट लगी। इसके बाद आईएसएफ समर्थक राजमार्ग पर धरना देने बैठ गए, जिससे राजमार्ग पर ट्रैफिक जाम हो गया। हालात को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। बाद में प्रदर्शनाकारियों को तितर-बितर कर दिया। 
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नौशाद सिद्दीकी ने रैली में भाजपा पर लगाए आरोप
वहीं कोलकाता में सभा को संबोधित करते हुए नौशाद सिद्दीकी ने वक्फ संशोधन अधिनियम की आलोचना की और इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि 'यह कानून सिर्फ मुसलमानों पर हमला नहीं है, यह संविधान पर हमला है। हम इस अधिनियम को स्वीकार नहीं करेंगे। ऐसे कानूनों का समर्थन करने वाली सरकार को जाना चाहिए।' आईएसएफ ने भाजपा पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर विपक्ष के विरोध को दबाने का आरोप लगाया। शुक्रवार और शनिवार को वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध के दौरान मुर्शिदाबाद के कुछ हिस्सों, जिनमें सुती, धुलियान और जंगीपुर शामिल हैं, में हिंसा हुई। हिंसा में कम से कम तीन लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।

मुर्शिदाबाद हिंसा की जांच एसआईटी से कराने की मांग
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा की जांच अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। वकील शशांक शेखर झा ने यह याचिका दायर की है। इसमें सुप्रीम कोर्ट से पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय से कानून-व्यवस्था की विफलता के लिए जवाब मांगने का भी आग्रह किया गया है। साथ ही पीड़ितों को मुआवजा और पुनर्वास का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। याचिका में लोगों को सुरक्षा प्रदान करने और स्थिति को और अधिक बिगड़ने से रोकने के लिए निर्देश देने की मांग भी की गई है।



 
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