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क्या तृणमूल बदल रही है : कोलकाता नगर निगम चुनाव के पार्टी प्रत्याशियों को चेतावनी, हिंसा की तो निकाल देंगे
Sat, 04 Dec 2021 10:22 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 04 Dec 2021 10:22 PM IST
सार
पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने साफतौर पर कहा कि यदि कोलकाता नगर निगम चुनावों में किसी पार्टी प्रत्याशी ने बाहुबल या हिंसा का सहारा लिया तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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अभिषेक बनर्जी
- फोटो : facebook.com/AbhishekBanerjeeOfficial
विस्तार
कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशियों को चेतावनी दी है। पार्टी ने कहा कि चुनाव में हिंसा का सहारा लेने वाले प्रत्याशियों को पार्टी से बाहर निकाल दिया जाएगा। नगर निगम के 144 वार्डों के लिए मतदान होगा।
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बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल के कोलकाता निगम चुनाव में उतरे सभी 144 प्रत्याशियों की शनिवार को बैठक हुई। इसमें पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने साफतौर पर कहा कि यदि इन चुनावों में किसी पार्टी प्रत्याशी ने बाहुबल या हिंसा का सहारा लिया तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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तृणमूल प्रत्याशी तारक सिंह ने कहा कि बैठक में अभिषेक बनर्जी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पार्टी केएमसी चुनावों के दौरान बाहुबल या हिंसा के इस्तेमाल को बर्दाश्त नहीं करेगी। यदि कोई पार्टी के आदेश का उल्लंघन करता है, तो शीर्ष नेतृत्व से उसकी नजदीकी और उसके कद की परवाह किए बिना उसे पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा।
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बंगाल में चुनावी हिंसा का मामला बहुत पुराना है। अप्रैल मई में हुए विधानसभा चुनाव व उसके बाद राज्य में भारी हिंसा हुई थी। यह मामला अदालतों से होता हुआ सीबीआई तक पहुंच चुका है। नतीजे आने के बाद भाजपा के कई कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। इन मामलों में सत्तारूढ पार्टी के कार्यकर्ता घेरे में हैं।
जानकारों का कहना है कि तृणमूल विधानसभा चुनाव के बाद बनी स्थिति से बचना चाहती है। वह नहीं चाहती कि कोलकाता नगर निगम चुनाव में भी हिंसक स्थिति बने, इसलिए वह खासतौर से सावधानी बरत रही है। एक अन्य दलील यह दी जा रही है कि चूंकि 2024 के लोकसभा चुनाव में पीएम पद की दावेदारी के लिए ममता बनर्जी कदम बढ़ा रही हैं, इसलिए भी वह अपनी पार्टी का चरित्र बदलने जा रही है।