फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Irregularities in civic contracts: Mumbai police SIT registers three PEs regarding work orders under scanner

Mumbai: बीएमसी के ठेके में 'अनियमितताएं', मुंबई SIT ने जांच के तहत कार्य आदेशों के संबंध में दर्ज कीं तीन PE

Mon, 24 Jul 2023 04:04 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई। Published by: देव कश्यप Updated Mon, 24 Jul 2023 04:04 PM IST
सार

अधिकारी ने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा 12,000 करोड़ रुपये से अधिक के नागरिक ठेकों को देने में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही एसआईटी ने अब तक कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज एकत्र किए हैं और कुछ व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए हैं।

विज्ञापन
Irregularities in civic contracts: Mumbai police SIT registers three PEs regarding work orders under scanner
बृहन्मुंबई नगर निगम (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मुंबई पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शहर के नागरिक निकाय द्वारा पिछले दिनों जारी किए गए 12,024 करोड़ रुपये के ठेकों के आवंटन में कथित अनियमितताओं की जांच करते हुए तीन प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की हैं। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पीई नवंबर 2019 और अक्टूबर 2022 के बीच जारी किए गए कार्य आदेशों के संबंध में हैं।

विज्ञापन


अधिकारी ने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा 12,000 करोड़ रुपये से अधिक के नागरिक ठेकों को देने में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही एसआईटी ने अब तक कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज एकत्र किए हैं और कुछ व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए हैं। उन्होंने कहा, तीन पीई में से एक 200 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य आदेशों के संबंध में है, जो कथित तौर पर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के सड़क विभाग द्वारा निविदाएं जारी किए बिना दिए गए थे। एक अन्य पीई एक ठेकेदार और बीएमसी के बीच 64 कार्य आदेशों से संबंधित समझौतों पर कथित तौर पर हस्ताक्षर न करने के बारे में है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा, इन 64 कार्य आदेशों में से 58 सड़क विभाग से संबंधित थे, जबकि छह आदेश चार अन्य विभागों से संबंधित थे, जिनमें बरसाती पानी की निकासी और सीवेज संचालन कार्य शामिल थे। तीसरा पीई उपनगरीय दहिसर के एकसार गांव में स्थित एक सार्वजनिक उपयोगिता के भूखंड के अधिग्रहण में बीएमसी द्वारा कथित अनावश्यक देरी के बारे में है। प्रथम दृष्टया में एकसार गांव में भूमि अधिग्रहण में अनावश्यक रूप से देरी की गई, जिससे सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि कई करोड़ रुपये का उक्त भूखंड सार्वजनिक उपयोगिता के लिए आरक्षित था, लेकिन इसका स्वामित्व एक निजी व्यक्ति के पास था, एसआईटी भूखंड के अधिग्रहण में देरी के कारणों की जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारी ने कहा, कार्य निविदाएं सौंपने के संबंध में दस्तावेजों की जांच करते समय यह पता चला कि कुछ कार्यों में लागत में वृद्धि हुई थी, जबकि अन्य में तीसरे पक्ष के साथ समझौता किया गया था। न्होंने कहा कि जांच से पता चल सकेगा कि अनियमितताएं हुई हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि एसआईटी अधिकारी ठेकेदारों को काम देने के लिए बीएमसी द्वारा अपनाई जाने वाली मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की जांच कर रहे हैं। एसआईटी अधिकारी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि कार्य अनुबंधों को कैसे अंतिम रूप दिया जाता है और उन्हें देने की शक्तियां किसके पास थीं।

उन्होंने कहा कि एसआईटी उन संबंधित अधिकारियों की पहचान करने की भी कोशिश कर रही है जो उन परियोजनाओं को संभाल रहे थे जो वर्तमान में जांच के दायरे में हैं और वे अब कहां तैनात हैं। सीएजी रिपोर्ट के आधार पर एसआईटी के गठन की घोषणा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की थी। इसका नेतृत्व मुंबई पुलिस आयुक्त विवेक फणसलकर (Vivek Phansalkar) कर रहे हैं और इसमें संयुक्त पुलिस आयुक्त (ईओडब्ल्यू), पुलिस उपायुक्त (ईओडब्ल्यू) और अन्य अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी ने पिछले हफ्ते दो अलग-अलग दिनों में बीएमसी मुख्यालय का दौरा किया था।


आदित्य ठाकरे के करीबी सूरज चावा से पूछताछ
वहीं, बीएमसी कोविड घोटाला मामले में उद्धव ठाकरे गुट के नेता आदित्य ठाकरे के करीबी सूरज चावा से मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की एक टीम पूछताछ कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed