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Iran-Israel: 'इस्राइल पर हमला सिर्फ बदला, हमास-हिजबुल्ला का करते रहेंगे समर्थन', ईरान के राजदूत इलाही का बयान
Sat, 05 Oct 2024 07:16 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 05 Oct 2024 07:16 PM IST
सार
ईरान के राजदूत ने कहा कि हम हमास का इसलिए समर्थन कर रहे हैं, ताकि गाजा पर कब्जा न हो सके और फलस्तीन के घरों और बुनियादी ढांचे को नष्ट न किया जाए हमारी मुख्य रणनीति और सिद्धांत यह है कि हम क्षेत्र में किसी भी बदलाव के खिलाफ हैं। लेकिन इस्राइल ने क्षेत्र की स्थिति को बदलने की कोशिश की है।
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भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही।
- फोटो : एएनआई
विस्तार
भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही ने कहा कि उनके देश का इस्राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला सिर्फ बदला था। उन्होंने कहा कि इस्राइल ने तेहरान में हमास के नेता की हत्या की थी, जिससे ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन हुआ। इसलिए ईरान के पास अपनी रक्षा करने और इस्राइल को ऐसे अपराधों को दोहराने से रोकने के लिए इसके अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
ईरानी विदेश मंत्री ने क्यों किया लेबनान का दौरा
उनसे जब ईरान के विदेश मंत्री के लेबनान दौरे के मकसद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "इस दौरे का मुख्य उद्देश्य लेबनानी लोगों के साथ एकजुटता दिखाना और लेबनान की संप्रभुता का समर्थन करना है। हिजबुल्ला हमारा सहयोगी और हमारे उनके साथ करीबी संबंध हैं। लेकिन हमारा रणनीतिक समर्थन लेबनान की संप्रभुता के लिए है। हम क्षेत्र में किसी तरह के भौगोलिक बदलाव के खिलाफ हैं। हम हिजबुल्ला का इसलिए समर्थन कर रहे हैं, ताकि इस्राइल और अधिक हिस्सों पर कब्जा न कर सके।"
'इस्राइल ने नया नक्शा तैयार किया है'
उन्होंने आगे कहा, "हम हमास का इसलिए समर्थन कर रहे हैं, ताकि गाजा पर कब्जा न हो सके और फलस्तीन के घरों और बुनियादी ढांचे को नष्ट न किया जाए हमारी मुख्य रणनीति और सिद्धांत यह है कि हम क्षेत्र में किसी भी बदलाव के खिलाफ हैं। लेकिन इस्राइल ने क्षेत्र की स्थिति को बदलने की कोशिश की है। जैसे कि नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में दो नक्शे दिखाए। उन्होंने क्षेत्र लिए एक नया नक्शा तैयार किया है। वे क्षेत्र के लिए नया नक्शा खींच रहे हैं। हम क्षेत्र में किसी भी बदलाव के खिलाफ हैं।"
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अयातुल्ला खामेनेई के भाषण की सराहना की
इलाही ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के उस भाषण पर भी बात की, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान पीछे नहीं हटेगा और इस्राइल ज्यादा देर तक नहीं टिकेगा। उन्होंने सात अक्तूबर के हमलों की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "हमारा सात अक्तूबर का दृष्टिकोण कई देशों से भिन्न है। हम मानते हैं कि यह घटना अचानक नहीं हुई है। बल्कि इसके पीछे की जड़े और इतिहास हैं। हमें क्षेत्र का इतिहास और इस्राइल की स्थापना के तरीके को समझना चाहिए। इस्राइल ने फलस्तीनी भूमि पर कब्जा किया और एक-एक करके फलस्तीनियो के घरों पर कब्जा किया, खेतों को जलाया और उन्हें उनकी मातृभूमि से निकलने के मजबूर किया। हमारे दृष्टिकोण में फलस्तीनी अपनी मातृभूमि की रक्षा कर रहे हैं और सभी तरह के दुष्प्रचार के बावजूद विरोध कर रहे हैं।"
इस्राइल की किसी भी कार्रवाई के लिए ईरान तैयार
उन्होंने आगे कहा, "इस्राइल और उसके सहयोगी ईरान की सैन्य क्षमता से भली-भांति परिचित हैं। इसलिए वे अलग-अलग तरह के हमलों का प्रयास करते हैं। हमने भी कई तरह के सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं। हम इस्राइल की किसी भी तरह की कार्रवाई के लिए तैयार हैं। पांच साल बाद कल प्रार्थना में न केवल सर्वोच्च नेता बल्कि राष्ट्रपति, न्यायपालिका के प्रमुख और विधायी शक्ति के सभी उच्च-रैंक के लोग मौजूद थे। यह दिखाता है कि हमें इस्राइल की किसी भी कार्रवाई को लेकर कोई चिंता नहीं है।"
ईरानी तेल संयंत्र को नुकसान पहुंचा तो...
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की ईरान में तेल वाले ठिकानों पर मिसाइल हमलों वाली टिप्पणी पर इलाही ने कहा, "अगर इस्राइल ऐसा करता है, तो उस ईरान की और से नए बदले का सामना करना पड़ेगा, जो उसके और अधिक नुकसानदायक होगा। शायद इस्राइल के अधिकांश प्रतिष्ठानों और बुनियादी ढांचों को नुकसान होगा। अगर ईरानी तेल संयंत्र को क्षति पहुंचती है, तो इससे पूरी दुनिया के उर्जा बाजार पर असर पड़ेगा। यह अमेरिका और कई देशों और हितधारकों के लिए फायदेमंद नहीं होगा।"
लेबनान में इस्राइली बलों की मौजूदगी और आगे की ईरानी कार्रवाई पर इलाही ने कहा, "हमें दोनों बिंदुओं को अलग-अलग करके देखना चाहिए। हमने बदले की कार्रवाई केवल इस्राइल द्वारा हमारी संप्रभुता के उल्लंघन के कारण की। हमने लेबनान, हिजबुल्ला और इस्राइल के बीच तनाव में दखल नहीं दिया। इस्राइल जनसंहार के बावजूद गाजा को खत्म नहीं कर सका। हम मानते हैं कि हिजबुल्ला और अन्य समूह अपनी रक्षा करने में सक्षम हैं। मैं क्षेत्र की स्थिति को लेकर बहुत निराशावादी नहीं हूं।"
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ईरानी विदेश मंत्री ने क्यों किया लेबनान का दौरा
उनसे जब ईरान के विदेश मंत्री के लेबनान दौरे के मकसद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "इस दौरे का मुख्य उद्देश्य लेबनानी लोगों के साथ एकजुटता दिखाना और लेबनान की संप्रभुता का समर्थन करना है। हिजबुल्ला हमारा सहयोगी और हमारे उनके साथ करीबी संबंध हैं। लेकिन हमारा रणनीतिक समर्थन लेबनान की संप्रभुता के लिए है। हम क्षेत्र में किसी तरह के भौगोलिक बदलाव के खिलाफ हैं। हम हिजबुल्ला का इसलिए समर्थन कर रहे हैं, ताकि इस्राइल और अधिक हिस्सों पर कब्जा न कर सके।"
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'इस्राइल ने नया नक्शा तैयार किया है'
उन्होंने आगे कहा, "हम हमास का इसलिए समर्थन कर रहे हैं, ताकि गाजा पर कब्जा न हो सके और फलस्तीन के घरों और बुनियादी ढांचे को नष्ट न किया जाए हमारी मुख्य रणनीति और सिद्धांत यह है कि हम क्षेत्र में किसी भी बदलाव के खिलाफ हैं। लेकिन इस्राइल ने क्षेत्र की स्थिति को बदलने की कोशिश की है। जैसे कि नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में दो नक्शे दिखाए। उन्होंने क्षेत्र लिए एक नया नक्शा तैयार किया है। वे क्षेत्र के लिए नया नक्शा खींच रहे हैं। हम क्षेत्र में किसी भी बदलाव के खिलाफ हैं।"
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अयातुल्ला खामेनेई के भाषण की सराहना की
इलाही ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के उस भाषण पर भी बात की, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान पीछे नहीं हटेगा और इस्राइल ज्यादा देर तक नहीं टिकेगा। उन्होंने सात अक्तूबर के हमलों की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "हमारा सात अक्तूबर का दृष्टिकोण कई देशों से भिन्न है। हम मानते हैं कि यह घटना अचानक नहीं हुई है। बल्कि इसके पीछे की जड़े और इतिहास हैं। हमें क्षेत्र का इतिहास और इस्राइल की स्थापना के तरीके को समझना चाहिए। इस्राइल ने फलस्तीनी भूमि पर कब्जा किया और एक-एक करके फलस्तीनियो के घरों पर कब्जा किया, खेतों को जलाया और उन्हें उनकी मातृभूमि से निकलने के मजबूर किया। हमारे दृष्टिकोण में फलस्तीनी अपनी मातृभूमि की रक्षा कर रहे हैं और सभी तरह के दुष्प्रचार के बावजूद विरोध कर रहे हैं।"
इस्राइल की किसी भी कार्रवाई के लिए ईरान तैयार
उन्होंने आगे कहा, "इस्राइल और उसके सहयोगी ईरान की सैन्य क्षमता से भली-भांति परिचित हैं। इसलिए वे अलग-अलग तरह के हमलों का प्रयास करते हैं। हमने भी कई तरह के सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं। हम इस्राइल की किसी भी तरह की कार्रवाई के लिए तैयार हैं। पांच साल बाद कल प्रार्थना में न केवल सर्वोच्च नेता बल्कि राष्ट्रपति, न्यायपालिका के प्रमुख और विधायी शक्ति के सभी उच्च-रैंक के लोग मौजूद थे। यह दिखाता है कि हमें इस्राइल की किसी भी कार्रवाई को लेकर कोई चिंता नहीं है।"
ईरानी तेल संयंत्र को नुकसान पहुंचा तो...
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की ईरान में तेल वाले ठिकानों पर मिसाइल हमलों वाली टिप्पणी पर इलाही ने कहा, "अगर इस्राइल ऐसा करता है, तो उस ईरान की और से नए बदले का सामना करना पड़ेगा, जो उसके और अधिक नुकसानदायक होगा। शायद इस्राइल के अधिकांश प्रतिष्ठानों और बुनियादी ढांचों को नुकसान होगा। अगर ईरानी तेल संयंत्र को क्षति पहुंचती है, तो इससे पूरी दुनिया के उर्जा बाजार पर असर पड़ेगा। यह अमेरिका और कई देशों और हितधारकों के लिए फायदेमंद नहीं होगा।"
लेबनान में इस्राइली बलों की मौजूदगी और आगे की ईरानी कार्रवाई पर इलाही ने कहा, "हमें दोनों बिंदुओं को अलग-अलग करके देखना चाहिए। हमने बदले की कार्रवाई केवल इस्राइल द्वारा हमारी संप्रभुता के उल्लंघन के कारण की। हमने लेबनान, हिजबुल्ला और इस्राइल के बीच तनाव में दखल नहीं दिया। इस्राइल जनसंहार के बावजूद गाजा को खत्म नहीं कर सका। हम मानते हैं कि हिजबुल्ला और अन्य समूह अपनी रक्षा करने में सक्षम हैं। मैं क्षेत्र की स्थिति को लेकर बहुत निराशावादी नहीं हूं।"