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Oil Crisis: ईरान से पाबंदी हटने पर भारत का कम हो सकता है तेल संकट, अमेरिका ने लिया प्रतिबंध पर यू-टर्न

Sun, 22 Mar 2026 04:09 AM IST
Devesh Tripathi अजीत खरे
अजीत खरे Published by: Devesh Tripathi Updated Sun, 22 Mar 2026 04:09 AM IST
सार

ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटाए जाने को अमेरिकी नीति में बड़ा यू-टर्न माना जा रहा है, क्योंकि अब तक वॉशिंगटन ईरान के तेल निर्यात पर सख्त प्रतिबंध बनाए हुए था। युद्ध के कारण शिपिंग और उत्पादन पर पड़े असर से दुनिया भर में ऊर्जा कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे अमेरिका पर दबाव बढ़ा है कि वह वैकल्पिक आपूर्ति के स्त्रोत तलाशे।

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ईरानी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंध एक महीने के लिए हटा - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका द्वारा ईरान के तेल निर्यात पर पाबंदी हटाने के ऐलान से वैश्विक तेल संकट कम करने में मदद मिल सकती है। भले ही यह सीमित वक्त के लिए हो, लेकिन मुश्किल हालात में इससे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल के दामों को कम करने में मदद मिलेगी। भारत को भी अपने ऊर्जा संकट से निपटने में इस फैसले कुछ राहत मिल सकती है।
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इसकी एक वजह यह भी है कि भारत की तेल रिफाइनरियों के पास कच्चे तेल को प्रोसेस करने की उच्च तकनीक व लॉजिस्टिक क्षमता है और वे काफी समय से रूसी तेल को प्रोसेस करने में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
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हाल में अमेरिका ने कुछ वक्त के लिए ईरान के तेल निर्यात पर प्रतिबंध हटाने की बात कही है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय अभी पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं क्योंकि अमेरिका की ओर से खरीद शर्तें अभी स्पष्ट होनी हैं। इसके बाद भारत की तेल रिफाइनारियां खरीद का निर्णय करेंगी।
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इस वक्त ईरान का 140 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल समुद्र में जहाजों पर ही है। इसका बड़ा हिस्सा चीन जाना है। पर बड़ी मात्रा अभी बिक्री के लिए है। इसे भारत ही नहीं तेल संकट से गुजर रहे अन्य देश लेने की कोशिश में हैं। पर भारत अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है। इस्राइल- अमेरिका से युद्धरत ईरान भी भारत से कई तरह का समर्थन चाहता है। इसीलिए उसने स्ट्रेट आफ होर्मुज से भारतीय ऑयल टैंकर को गुजरने की अनुमति दे रखी है। इस समय कच्चे तेल के दाम 156 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गए हैं।


कभी 10.6 फीसदी तक ईरान    से होता था कच्चे तेल का आयात
भारत अभी ऊर्जा का 85 प्रतिशत विभिन्न देशों से आयात करता है। वर्ष 2018-19 में भारत के कुल क्रूड ऑयल आयात में ईरान की हिस्सेदारी 10.6 प्रतिशत होती थी। जब 2019 में अमेरिका ने ईरान पर व्यापारिक प्रतिबंध लगाए तो उसके बाद से भारत का आयात कम होता चला गया और अब मामूली व्यापार रह गया है। साल 2025 में ईरान से महज 0.44 बिलियन डॉलर का आयात किया गया। जबकि 1.24 बिलियन डॉलर का निर्यात किया गया।

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