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समन के बावजूद पेश नहीं हुए आईपीएस राजीव कुमार, पत्नी की बीमारी का हवाला देकर मांगी मोहलत
Sun, 15 Sep 2019 04:11 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 15 Sep 2019 04:11 AM IST
सार
- सीबीआई के समन के बावजूद शनिवार को हाजिर नहीं हुए आईपीएस राजीव कुमार
- सीबीआई कानूनी कार्रवाई पर कर रही है विचार
- राजीव के खिलाफ पहले से ही लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है
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आईपीएस राजीव कुमार (फाइल फोटो)
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विस्तार
कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार सीबीआई के ताजा समन के बावजूद शनिवार को एजेंसी के समक्ष हाजिर नहीं हुए। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि राजीव कुमार ने शनिवार देर रात एक ई-मेल भेजकर अपनी पत्नी की बीमारी का हवाला देते हुए पेशी के लिए एक महीने की मोहलत मांगी। इस पर सीबीआई ने इनकार कर दिया है।
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शुक्रवार को हाईकोर्ट ने राजीव कुमार को गिरफ्तारी से मिली राहत वापस ले ली थी। अदालत ने कहा कि लंबे समय तक यह राहत जारी रखने का मतलब जांच में हस्तक्षेप करना होगा। सीबीआई ने पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को शनिवार सुबह दस बजे पेश होने के लिए समन भेजा था, लेकिन राजीव नहीं पहुंचे और उनका मोबाइल फोन भी बंद था।
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सीबीआई टीम की दिनभर तलाशी के बावजूद राजीव कुमार का कोई सुराग नहीं मिलने के बाद शारदा मामले के जांच अधिकारी समेत एजेंसी के तीन अधिकारियों ने शाम को राजीव के वकील से मुलाकात की। सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया की कुमार को नया समन जारी किया जा सकता है। उसके बावजूद अगर वे पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राजीव के खिलाफ पहले से ही लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है।
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हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कुमार की उस याचिका को भी खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने सीबीआई की नोटिस को रद्द करने की अपील की थी। सीबीआई ने पूछताछ के लिए उन्हें नोटिस जारी की थी। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता का यह आरोप सही नहीं है कि सीबीआई जानबूझ कर उसे निशाना बना रही है।
अदालत के निर्देश पर इन घोटालों की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी ने राजीव पर जांच में सहयोग नहीं करने और सबूतों को छिपाने व नष्ट करने का आरोप लगाया है। जांच एजेंसी बार-बार कहती रही है कि घोटाले की तह तक पहुंचने के लिए कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है।
राजीव से पूछताछ के मुद्दे पर बीती फरवरी में केंद्र व राज्य सरकार आमने-सामने आ गए थे। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी यहां धरने पर भी बैठी थीं। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने कुमार से मेघालय की राजधानी शिलांग में पांच दिनों तक पूछताछ की थी।