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निवेश के नाम पर 1417 करोड़ का खेल: 35 हजार से ज्यादा लोगों से ठगी, ईडी ने तमिलनाडु से दो को किया गिरफ्तार
Fri, 02 Oct 2026 09:13 AM IST
शिवम गर्ग
पीटीआई, चेन्नई
पीटीआई, चेन्नई
Published by: शिवम गर्ग
Updated Fri, 02 Oct 2026 09:13 AM IST
सार
तमिलनाडु के इरोड में निवेश के नाम पर कथित 1,417.86 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार, करीब 35,759 निवेशकों से रकम जुटाई गई।
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ईडी एक्शन
- फोटो : amarujala.com
विस्तार
तमिलनाडु के इरोड में निवेश के नाम पर कथित धोखाधड़ी से जुड़े बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में करीब 1,417.86 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग और लगभग 36 हजार निवेशकों से रकम जुटाने का आरोप है।
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ईडी के चेन्नई जोनल ऑफिस-II के अनुसार, एस. नवीन कुमार और एस. मुथुसेल्वम को 29 सितंबर को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। दोनों को बाद में पीएमएलए मामलों की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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एक्सपोर्ट निवेश के नाम पर बनाई गईं योजनाएं
ईडी के मुताबिक, मामले की जांच इरोड जिला अपराध शाखा में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। इसमें मनी लॉन्ड्रिंग और तमिलनाडु प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट्स ऑफ डिपॉजिटर्स एक्ट से जुड़ी धाराएं शामिल थीं। जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपियों और उनके सहयोगियों ने यूएनआई, एफएनपी, एफएपी और यूएनआर नाम से निवेश योजनाएं शुरू कीं। इनके लिए मेसर्स यूनिक एक्सपोर्ट्स, ईस्ट वैली एग्रो फर्म्स और अन्य संबंधित संस्थाओं के नाम का इस्तेमाल किया गया।
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कृषि निर्यात से मुनाफे का दिया गया भरोसा
ईडी के अनुसार, निवेशकों को कृषि उत्पादों के निर्यात से होने वाले मुनाफे का हवाला देकर आकर्षक रिटर्न का भरोसा दिया गया। हालांकि, एजेंसी की वित्तीय जांच में सामने आया कि संबंधित कंपनियों ने वास्तव में कोई बड़ा निर्यात कारोबार नहीं किया। जांच में करीब 35,759 निवेशकों से 1,417.86 करोड़ रुपये जुटाए जाने की जानकारी सामने आई है।
100 से ज्यादा बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर
ईडी ने बताया कि करीब 719 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि यूनिक एक्सपोर्ट्स से जुड़े अलग-अलग बैंक खातों में जमा हुई। इसके बाद निवेशकों की रकम को कथित तौर पर 100 से अधिक बैंक खातों के जरिए अलग-अलग संस्थाओं, परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों से जुड़े खातों में भेजा गया। एजेंसी के मुताबिक, नवीन कुमार यूनिक एक्सपोर्ट्स का मालिक था और बैंक खातों से होने वाले लेनदेन तथा रकम के ट्रांसफर को नियंत्रित करता था।
चार कर्मचारियों वाली कंपनी में 390 करोड़ का 'वेतन'
ईडी के अनुसार, जांच में करीब 390.90 करोड़ रुपये को कथित तौर पर वेतन भुगतान के रूप में दर्ज किया गया। एजेंसी का कहना है कि संबंधित कंपनी में केवल चार कर्मचारी थे। इसके अलावा करीब 79.56 करोड़ रुपये को प्याज और अन्य कृषि उत्पादों की खरीद के तौर पर दिखाया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन सामानों का वास्तव में कोई भौतिक कारोबार नहीं हुआ था और इन प्रविष्टियों का इस्तेमाल रकम के ट्रांसफर को कारोबारी खर्च के तौर पर दिखाने के लिए किया गया।
मुथुसेल्वम पर निवेशक जुटाने का आरोप
ईडी के मुताबिक, एस. मुथुसेल्वम ने कथित तौर पर निवेश योजनाओं को तैयार करने और निवेशकों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाई। एजेंसी के अनुसार, उन्होंने खुद करीब 42.10 लाख रुपये निवेश किए थे, लेकिन रिटर्न, रेफरल बोनस और कमीशन के रूप में करीब 12.72 करोड़ रुपये हासिल किए। जांच में इन पैसों को उनके निजी खातों के अलावा मेसर्स धन्याश्री एंटरप्राइजेज और मेसर्स यूनिवर्स369 इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड जैसी संस्थाओं के जरिए भेजे जाने की बात सामने आई है।
जून में नौ ठिकानों पर हुई थी तलाशी
ईडी ने बताया कि इस मामले में 16 और 17 जून को पीएमएलए की धारा 17 के तहत नौ संबंधित परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया गया था। इसके बाद जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। ईडी के मुताबिक, मामले में नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं और संपत्तियों का पता लगाने की जांच अभी जारी है।