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ब्रिटेन के निवेशकों की पहल, बोर्ड में 33 प्रतिशत महिलाओं को शामिल करना जरूरी

Sat, 16 Mar 2019 01:29 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Sat, 16 Mar 2019 01:29 PM IST
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investment association directs companies to have at least one female in their boards
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pexels.com

महिलाओं को पुरुषों के बराबर समान अधिकार दिलाने के लिए इन दिनों दुनियाभर में मुहिम चल रही है। मगर कंपनी के बोर्ड में महिला प्रतिनिधियों को शामिल करने की बात पर ज्यादातर कंपनियों का रुख नकारात्मक दिखाई देता है। इसी ट्रेंड को देखते हुए ब्रिटेन की इन्वेस्टमेंट एसोसिएशन और सरकार समर्थित संस्था हैंपटन-एलेक्जेंडर रिव्यू ने 69 कंपनियों को पत्र लिखा है। जिसमें कंपनी के बोर्ड में महिलाओं की संख्या बढ़ाने के लिए कहा गया है। 

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कंपनियों से कहा गया है कि वह 2020 तक बोर्ड में महिलाओं की संख्या को 33 प्रतिशत तक करें। जिन कंपनियों को महिलाओं की संख्या बढ़ाने के लिए कहा गया है उनमें डॉमिनोज पिज्जा, जेडी स्पोर्ट्स और ग्रीन किंग भी शामिल हैं। इन 69 कंपनियों में से 66 के बोर्ड में केवल एक महिला है। वहीं प्रॉपर्टी इन्वेस्टर डायजान होल्डिंग, मिलेनियम एंड कॉपथ्रोन होटल्स और टीआर प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट के बोर्ड में एक भी महिला नहीं है।
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इन्वेस्टमेंट एसोसिएशन का कहना है कि एफटीएसई 350 इंडेक्स में मौजूद हर पांच में से एक कंपनी के बोर्ड में महिलाओं की संख्या कम है जिसे कि माना नहीं जाएगा। कंपनियों को 2020 तक अपनी स्थिति सुधारनी होगी। यदि वह ऐसा करने में नाकाम रहती हैं तो उनकी निवेश के लिए रेटिंग नेगेटिव हो जाएगी। ऐसी स्थिति में कंपनियों के लिए फंड जुटाना मुश्किल हो जाएगा।

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होगी सख्त कार्रवाई

ब्रिटेन की 250 कंपनियां इन्वेस्टमेंट एसोसिएशन से जुड़ी हैं। इनके पास करीब 700 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। एसोसिएशन के मुखिया क्रिस कमिंग्स ने कहा, 'ज्यादातर कंपनियां महिलाओं को टोकन के तौर पर बोर्ड में रख लेती हैं। बहुत से शोधों से यह बात साबित हो चुकी है कि जेंडर डायवर्सिटी से कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर होता है। इसके बावजूद वह सुधार नहीं कर रही हैं। इसलिए उन्हें अगले साल 2020 तक का समय दिया गया है। यदि तब तक संख्या नहीं बढ़ती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'

भारतीय कंपनियों के बोर्ड में मौजूद महिलाएं हैं मालिकों की रिश्तेदार 

भारतीय कंपनियों में यह नियम है कि बोर्ड में कम से एक महिला जरूर होनी चाहिए। यह बात और है कि इस नियम का पालन महज खानापूर्ति के लिए किया जाता है। 2018 की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय कंपनियों में मौजूद 25 फीसदी महिलाएं कंपनी के मालिक की रिश्तेदार होती हैं। 26 जनवरी 2018 के आंकड़ों के अनुसार एनएसई में सूचीबद्ध 1723 कंपनियों में से 1667 के बोर्ड में कम से कम एक महिला मौजूद थी। इनमें से 425 कंपनियों में मौजूद महिलाएं कंपनी के मालिक की रिश्तेदार हैं।

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