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INTERPOL General Assembly: इंटरपोल ने आतंकवाद को सबसे बड़ा अपराध माना, साथ लड़ने पर सहमति
Sat, 22 Oct 2022 07:08 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 22 Oct 2022 07:08 AM IST
सार
अंतरराष्ट्रीय बाल यौन शोषण के डाटाबेस के इस्तेमाल बढ़ाने पर दो अहम प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी गई। इस समारोह में अपराध के तरीकों के तेजी से आ रहे बदलाव से निपटने के लिए अगले 50 साल के रोडमैप के भी हरी झंडी दी गई।
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Interpol General Assembly
- फोटो : ANI
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विस्तार
इंटरपोल ने दिल्ली में संपन्न चार दिवसीय महासभा में आतंकवाद को विश्व के सबसे बड़े अपराध के रूप में स्वीकार कर आगे की रणनीति पर काम करने का प्रस्ताव पास किया।
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18 अक्टूबर को शुरू हुई इस 90वीं महासभा में ग्लोबल क्राइम रिपोर्ट 2022 और इंटरपोल के विजन 2030 जारी किया गया। साथ ही इन चार दिन में 195 सदस्य देशों ने खासतौर पर मेटावर्स और साइबर थ्रेट लैंडस्केप में हो रहे बदलाव पर गहन चिंतन किया। अंतरराष्ट्रीय बाल यौन शोषण के डाटाबेस के इस्तेमाल बढ़ाने पर दो अहम प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी गई। इस समारोह में अपराध के तरीकों के तेजी से आ रहे बदलाव से निपटने के लिए अगले 50 साल के रोडमैप के भी हरी झंडी दी गई। अगले साल इंटरपोल की स्थापना के 100 साल पूरा हो रहा है। इसकी मेजबानी वियना में होगी।
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इन देशों के साथ द्विपक्षीय बैठकें
इस बार को मेजबान भारत के प्रतिनिधिमंडल ने करीब दो दर्जन देशों के साथ पुलिस सहयोग और सूचना साझेदारी पर द्विपक्षीय बैठकें कीं। इनमें ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, ऑस्ट्रिया, दक्षिण अफ्रिका, न्यूजीलैंड, जापान, भूटान, नामीबिया, बहरीन, रूस, कनाडा, ओमान, मलेशिया और मंगोलिया प्रमुख हैं। इसके साथ भगोड़ों एवं अपराधियों की भौगोलिक स्थिति का पता लगाने, आतंकवाद और उसके वित्तीय पोषण, ऑनलाइन कट्टरपंथ, साइबर अपराध और ऑनलाइन बाल यौन शोषण को रोकने के उपायों पर अहम फैसले लिए गए।
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