अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: पीएम ने सात महिलाओं को सौंपा ट्विटर, जानें कौन हैं ये महिलाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिंदगी में खास मुकाम हासिल करने वाली सात महिलाएं आज उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स से अपने जीवन के सफर को साझा कर रही हैं। महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'जिंदगी में खास मुकाम हासिल करने वाली सात महिलाएं अपनी जीवन यात्रा को मेरे सोशल मीडिया अकांउट्स के जरिए, दिन में साझा करेंगी और शायद आपसे बातचीत भी करें। वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कई महिलाओं को नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया है। यहां पढ़े महिला दिवस से जुड़े हर अपड्टेस
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प्रधानमंत्री का ट्विटर अकाउंट संभालने वाली पांचवी महिला बनीं विजया पवार
कल्पना रमेश के बाद प्रधानमंत्री का ट्विटर अकाउंट संभालने वाली पांचवी महिला का नाम विजया पवार है। अपना परिचय देते हुए उन्होंने लिखा, 'आप सभी ने भारत के विभिन्न क्षेत्रों के हस्तशिल्प के बारे में सुना होगा। मेरे साथी भारतीयों के साथ मैं आपके सामने ग्रामीण महाराष्ट्र में बंजारा समुदाय के हस्तशिल्प प्रस्तुत करती हूं। मैं पिछले दो दशकों से इस पर काम कर रही हूं और हजारों महिलाएं इस काम में मेरा साथ दे रही हैं।'गोरमाटी कला को बढावा देने के लिए पंतप्रधान नरेंद्र मोदी जी ने न केवल हमें प्रोत्साहित किया बल्कि हमारी आर्थिक सहायता भी की। ये हमारे लिए गौरव की बात है। इस कला के संरक्षण के लिए मैं पूरी तरह से समर्पित हूं और महिला दिवस के अवसर पर गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। - विजया पवार
— Narendra Modi (@narendramodi) March 8, 2020
अपनी कहानी साझा करते हुए उन्होंने लिखा, 'गोरमाटी कला को बढ़ावा देने के लिए पंतप्रधान नरेंद्र मोदी जी ने न केवल हमें प्रोत्साहित किया बल्कि हमारी आर्थिक सहायता भी की। ये हमारे लिए गौरव की बात है। इस कला के संरक्षण के लिए मैं पूरी तरह से समर्पित हूं और महिला दिवस के अवसर पर गौरवान्वित महसूस कर रही हूं।'
प्रधानमंत्री का ट्विटर अकाउंट संभालने वाली चौथी महिला बनीं कल्पना
आरिफा जान के बाद प्रधानमंत्री का ट्विटर अकाउंट संभालने वाली चौथी महिला का नाम कल्पना रमेश है। अपना परिचय देते हुए उन्होंने कहा कि एक योद्धा बनिए लेकिन अलग तरह से। पानी के योद्धा बनिए। क्या आपने कभी भी पानी की कमी के बारे में सोचा है? हममें से हर कोई सामूहिक रूप से अपने बच्चों के लिए सुरक्षित पानी वाला भविष्य बनाने के लिए कार्य कर सकते हैं। मैं इस तरह अपनी कोशिश कर रही हूं।Be a warrior but of a different kind!
— Narendra Modi (@narendramodi) March 8, 2020
Be a water warrior.
Have you ever thought about water scarcity? Each one of us can collectively act to create a water secure future for our children
Here is how I am doing my bit. @kalpana_designs pic.twitter.com/wgQLqmdEEC
अपनी कहानी बताते हुए उन्होंने कहा, 'छोटी कोशिशें बहुत बड़ा असर डाल सकते हैं। पानी एक मूल्यवान चीज है जो हमें विरासत के तौर पर मिली है। हमारी आने वाली पीढ़ियों को इससे वंचित न होने दें। जिम्मेदारी से पानी का उपयोग, वर्षा जल का संचयन करें, झीलों को बचाएं, उपयोग किए गए पानी को रिसाइकल करें और जागरूकता पैदा करें। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं चिड़ियों को वापस किसी झील में ला सकती हूं या प्रधानमंत्री के अकाउंट से ट्वीट कर सकती हूं। दृढ़ संकल्प के साथ असंभव को प्राप्त किया जा सकता है। हम जल संसाधनों के प्रबंधन पर सामूहिक कार्रवाई के साथ समुदायों में बदलाव ला सकते हैं। आइये हम परेशानी को खत्म करने वाले बनें।'
महिलाओं को एएसआई की स्मारकों में मिलेगी फ्री एंट्री
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा, 'महिला दिवस के मौके पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के सभी स्मारकों में आज महिलाएं बिना टिकट के प्रवेश कर सकती हैं।'Prahlad Singh Patel, Union Minister for Tourism and Culture: To mark the occasion of #WomensDay , all the Archaeological Survey of India (ASI) monuments will allow entry of women, without tickets today. pic.twitter.com/L3kclP5se9
— ANI (@ANI) March 8, 2020
इन महिलाओं को मिला नारी शक्ति पुरस्कार
वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलटों मोहना जीतवाल, अवनी चतुर्वेदी और भावना कांत को 'नारी शक्ति पुरस्कार' प्रदान किया। मशरूम की खेती को लोकप्रिय बनाने के लिए उन्हें 'मशरूम महिला' के रूप में जाना जाता है। वह 5 साल तक टेटियामबंबर ब्लॉक के धौरी पंचायत की सरपंच भी रही हैं।Delhi: President Ram Nath Kovind presents 'Nari Shakti Puruskar' to IAF's first women fighter pilots Mohana Jitarwal, Avani Chaturvedi & Bhawana Kanth https://t.co/jlbnvcSzPw pic.twitter.com/Haxlik8g30
— ANI (@ANI) March 8, 2020
प्रधानमंत्री का ट्विटर अकाउंट संभालने वाली तीसरी महिला बनीं आरिफा
I always dreamt of reviving the traditional crafts of Kashmir because this is a means to empower local women.
— Narendra Modi (@narendramodi) March 8, 2020
I saw the condition of women artisans and so I began working to revise Namda craft.
I am Arifa from Kashmir and here is my life journey. #SheInspiresUs pic.twitter.com/hT7p7p5mhg
अपनी कहानी बताते हुए उन्होंने कहा, 'जब परंपरा और आधुनिकता का मिलन होता है तब चमत्कार होते हैं। मैंने अपने काम में इसका अनुभव किया है। इसे आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप बनाया गया है। मेरी पहली व्यावसायिक गतिविधि नई दिल्ली में हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी में भाग लेना था। इस प्रदर्शनी से अच्छे ग्राहक और एक टर्नओवर मिला। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए इस कार्य से मेरा मनोबल बढ़ा है। यह मुझे अपने शिल्प की बेहतरी के साथ पूरे कश्मीर के कारीगरों के लिए कड़ी मेहनत करने में मदद करेगा। मुझे लगता है कि जरूरी यह है कि अधिक संख्या में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए और अन्य महिलाओं की मदद की जाए। '
राष्ट्रपति ने महिलाओं को नारी शक्ति पुरस्कार से किया सम्मानित
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिहार की मशरुम महिला के नाम से पहचान बनाने वाली बीना देवी, 103 साल की एथलीट मन कौर और वायुसेना की पहली तीन महिला लड़ाकू विमान पायलटों को नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और स्मृति ईरानी भी मौजूद रहीं।#WATCH 103-years-old Mann Kaur receives the 'Nari Shakti Puruskar' from the President, for her achievements in athletics. #Delhi #InternationalWomen'sDay pic.twitter.com/8NAADH0SJZ
— ANI (@ANI) March 8, 2020
बम धमाके में हाथ खोने वाली मालविका ने संभाला पीएम का अकाउंट
स्नेहा मोहनदास के बाद अब प्रधानमंत्री के ट्विटर अकाउंट को मालविका अय्यर नाम की महिला संचालित कर रही हैं। अपनी कहानी बताते हुए उन्होंने लिखा, 'स्वीकृति सबसे बड़ा इनाम है जो हम खुद को दे सकते हैं। हम जिंदगी को नियंत्रित नहीं कर सकते लेकिन हम निश्चित रूप से जीवन के प्रति अपने दृष्टिकोण को नियंत्रित कर सकते हैं। दिन के आखिर में मायने यह रखता है कि हमने अपनी चुनौतियां का किस तरह से सामना किया। मेरे बारे में और मेरी कहानी के बारे में जानिए।'Acceptance is the greatest reward we can give to ourselves. We can’t control our lives but we surely can control our attitude towards life. At the end of the day, it is how we survive our challenges that matters most.
— Narendra Modi (@narendramodi) March 8, 2020
Know more about me and my work- @MalvikaIyer #SheInspiresUs pic.twitter.com/T3RrBea7T9
अपनी कहानी साझा करते हुए मालविका ने बताया, '13 साल की उम्र में एक बम धमाके में मैंने दोनों हाथ गंवा दिए और पैर भी बुरी तरह से जख्मी हो गए थे। इसके बावजूद मैंने काम किया और अपनी पीएचडी की पढ़ाई की। किसी चीज को छोड़ देना विकल्प नहीं होता है। अपनी सीमाओं को भूल जाइए और विश्वास और आशा के साथ दुनिया में कदम रखते रहिए। मेरा मानना है कि शिक्षा परिवर्तन के लिए अपरिहार्य है। हमें भेदभावपूर्ण रवैये को लेकर युवाओं के दिमाग को संवेदनशील बनाना होगा। हमें विकलांग लोगों को कमजोर या दूसरे पर निर्भर दिखाने की बजाए उन्हें रॉल मॉडल के तौर पर दिखाना चाहिए। मनोवृत्ति विकलांगता को नष्ट करने की आधी लड़ाई है। माननीय प्रधानमंत्री ने महिला दिवस पर मुझे मेरे विचारों को प्रसारित करने के लिए चुना है। इससे मुझे विश्वास हो गया है कि विकलांगता के मामले में भारत पुराने अंधविश्वासों को खत्म करने के लिए सही रास्ते पर चल रहा है।'
फूडबैंक नाम से अभियान चलाती हैं स्नेहा मोहनदास
प्रधानमंत्री मोदी ने सात महिलाओं को अपना ट्विटर अकाउंट सौंप दिया है। जिसमें से पहली महिला स्नेहा मोहनदास हैं। वह फूडबैंक नाम से अभियान चलाती हैं जो बेघरों को खाना देने का काम करता है। उन्होंने अपनी कहानी साझा करते हुए लिखा, 'आपने सोचने के लिए खाना जरूरी है के बारे में सुना होगा। अब समय है कि इसपर कार्य किया जाए और गरीबों को एक बेहतर भविष्य दिया जाए। मुझे अपनी मां से प्रेरणा मिली जिन्होंने बेघरों को खाना खिलाने की आदत डाली। मैंने फूडबैंक इंडिया नाम के अभियान की शुरुआत की। भूख मिटाने की दिशा में मैंने स्वयंसेवियों के साथ काम किया जिनमें से ज्यादातर विदेश में रहते हैं। हमने 20 से ज्यादा सभाएं की और अपने काम के जरिए कई लोगों को प्रभावित किया। हमने साथ में मिलकर खाना बनाने, कुकिंग मैराथन, स्तनपान जागरुकता जैसी गतिविधियों की शुरुआत की। मुझे तब सशक्त महसूस होता है जब मैं वह करती हूं जिसका मुझे शौक है। मैं अपने देश के नागरिकों खासकर महिलाओं को आगे आने और मेरे साथ हाथ मिलाने के लिए प्रेरित करना चाहती हूं। मैं सभी से आग्रह करती हूं कि कम से कम एक जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं और एक भूख मुक्त ग्रह में योगदान दें।'You heard of food for thought. Now, it is time for action and a better future for our poor.
— Narendra Modi (@narendramodi) March 8, 2020
Hello, I am @snehamohandoss. Inspired by my mother, who instilled the habit of feeding the homeless, I started this initiative called Foodbank India. #SheInspiresUs pic.twitter.com/yHBb3ZaI8n
मैं सात महिलाओं को सौंप रहा हूं अपने सोशल मीडिया अकाउंट
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वादे के अनुसार महिलाओं को अपने सोशल मीडिया अकाउंट सौंप दिए हैं। उन्होंने लिखा, 'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई। हम अपनी नारी शक्ति की भावना और उपलब्धियों को सलाम करते हैं। जैसा कि मैंन कुछ दिनों पहले कहा था मैं अफने अकाउंट को कुछ समय के लिए छोड़ रहा हूं। पूरे दिन सात महिलाएं अपनी जीवन यात्राएं साझा करेंगी और मेरे सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से संभवत: आपसे बातचीत करेंगी। भारत के सभी हिस्सों में उत्कृष्ट महिलाएं मौजूद हैं। इन महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में बाहतरीन काम किया है। उनका संघर्ष और आकांक्षाएं लाखों लोगों को प्रेरित करती हैं। आइये हम इन महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाएं और उनसे सीखें।'Greetings on International Women’s Day! We salute the spirit and accomplishments of our Nari Shakti.
— Narendra Modi (@narendramodi) March 8, 2020
As I’d said a few days ago, I’m signing off. Through the day, seven women achievers will share their life journeys and perhaps interact with you through my social media accounts.
अंजू रानी जॉय के पास है जार उठाने में विश्व रिकॉर्ड
केरल के कोच्ची की रहने वाली अंजू रानी जॉय जो व्हीलचेयर पर रहने को मजबूर हैं लेकिन उनके पास जार उठाने का विश्व रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा, 'मुझे बुरा लगा कि मैं सबसे अलग हूं लेकिन इसके बाद मैंने अपने भविष्य के बारे में सोचा और इस तरह चीजें बदलने लगीं। जार को उठाना पहला कदम था। मैंने यह साबित किया है कि कुछ भी असंभव नहीं होता है।'Anju Rani Joy, a wheelchair bound world record holder in jar lifting from Kochi in Kerala: I felt sad that I was different but then I thought about my future & that’s how things started to change. Jar lifting was the first step. I have proved that nothing is impossible.#IWD2020 pic.twitter.com/qgVJnj55eK
— ANI (@ANI) March 8, 2020